Monday, 11 May 2026

मग़रूर कहते हो

वफादारी,हयादारी के फ़न से दूर कहते हो,
न जाने क्या समझते हो मुझे, मग़रूर कहते हो,
मगर हूँ मुत्मईन मेरी हकीक़त को समझते हो, 
ये अच्छा है मुहब्बत में मुझे माजूर कहते हो...
उर्मिला माधव...
11.5.2014..

Sunday, 10 May 2026

थक के रो जाते हैं किरदार निभाने वाले

थक के रो जाते हैं क़िरदार निभाने वाले,
इस क़दर दाग़ लगाते हैं ज़माने वाले,
करना पड़ता है कभी ज़ब्त सरे महफ़िल भी,
सारे अफ़साने नहीं होते सुनाने वाले,
जिनको आता ही नहीं चुनना गुहर अश्कों के,
प्यार झूठा ही जताते हैं जताने वाले।।..
Urmila madhav..
11.5.2013

मग़रूर कहते हो

वफादारी,हयादारी,के फन से.......दूर कहते हो,
न जाने क्या समझते हो मुझे,मगरूर कहते हो,
मगर हूँ मुत्मईन मेरी हकीक़त को समझते हो, 
ये अच्छा है मुहब्बत में मुझे...माजूर कहते हो...
*****************************************
उर्मिला माधव...

मुत्मईन-----निश्चिन्त,
मगरूर------घमंडी ,
माजूर----- लाचार

रास्ता बदलूं

ज़रूरी हो गया है अब मैं अपना रास्ता बदलूं,
जुनूं में जो दिया तुमको,वफ़ा का वास्ता बदलूं....
****************************************
zaroorii hogaya hai ab main apnaa raastaa badlun,
junoon main jo diya maine wo apnaa waastaa badlun...
Urmila Madhav....
11.5.2014..

Saturday, 9 May 2026

रीलन वारे

ब्रज भाषा
रीलन वारे जानें का का कर रए हैं,
छोटे छोटे बालक जामें पर रए हैं,

छोटे म्हो पर बातें कितनी बड़ी-बड़ी,
मैया बाप न जानें कितकूँ मर रए हैं

जानें कैसी ब्याधा आय कें ठड़ी भई,
मोबाईल कूँ लैकें लोग बिखर रए हैं,

बच्चन कौ रखवारौ आखिर को होगौ?
समझदार अब सोच सोच कें डर रए हैं,
उर्मिला माधव

Friday, 8 May 2026

हमारे खयाल में

Teri umr sari guzar gayi
B-khuda hamaare khayaal main
kabhi rote-rote guzar gai
kabhi hath malte malaal main.
Urmila Madhav

बशर

जब मुक़द्दर ख़ुद बनाता और मिटाता है बशर,
किसलिये करता है चीमा गोईयां फिर ग़ैर पर..
उर्मिला माधव..
9.5.2016

दुनिया के लोग

दुनियां के लोग कितने ...ख़ुशामद पसंद हैं,
दानिशवरों की सफ़ में खड़े हो गए फ़िज़ूल....
उर्मिला माधव,
9.5.2017
दानिश्वर --- अक़्लमंद

आदत बनी रही

बेहतर रहा ...के साथ हर इक छूटता रहा,
मुझको अकेले चलने की आदत बनी रही...👍😊
9.5.2017

बोले कि साथ मैं भी नहीं दूंगा उम्र भर

बोले के साथ मैं भी नहीं दूंगा उम्र भर,
मैंने अकेले चल के उन्हें दूर कर दिया...
उर्मिला माधव..

ज़िंदगी है ये

ख़ुद को रखना होश में के ज़िन्दगी है ये,
क्यूं मिज़ाज-ए-इश्क़ रख्खें ख़ुदकुशी है ये..
उर्मिला माधव..
9.5.2017

सैलाबों के साथ

उम्र भर लड़ते रहे हम कितने सैलाबों के साथ,
बंद आख़िर हो गए अब घर की मेहराबों के साथ,

ये जुनूने शौक़ ये दीवानगी वहशत ज़दा,
तोड़ डाले सब मरासिम ज़ीस्त ऑ ख़्वाबों के साथ,.।
#उर्मिलामाधव...
9.5.2015

Thursday, 7 May 2026

कसकता है कहीं

दर्द तो दिल में कसकता है कहीं,
पर वो आँखों से बरसता है नहीं,
जिसकी चाहत में कभी बेचैन थे,
उसकी ख़ातिर दिल तरसता है नहीं...
Urmila Madhav..
8.5.2013

चाहे जिधर देखूं

इधर देखूँ, उधर देखूँ, बताओ मैं किधर देखूँ ??
दिखाई दो अगर तुम ही तो फिर चाहे जिधर देखूं ??
सहर देखूँ, महर देखूँ, या दुनियाँ का क़हर देखूँ ??
मुसलसल दर्द है तो फिर, न क्यूँ दर्दे जिगर देखूँ...?? Urmila Madhav.
8.5.2013..

मुहब्बत ज़रूरी है

मुहब्बत हो गई है गर तो होने दो ज़रूरी है,
मगर इतना समझ लेना मशक्कत इसमें पूरी है.
उर्मिला माधव 

हर गाम इम्तिहां है

इंसाँ की ज़िन्दगी भी हर गाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे आब-ए-हयात रख लूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो रफ्तार हो मुकम्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव...
8.5.2014..
insaan ki zindagi bhi hae ghaam imtihaan hai,
taufiiq mujhko dede,aab-e-hayaat rakh loon,
kaisii bhi rahghuzar ho raftaar ho muqammal,
mahfil main aalimon kii apni bisaat rakh loon ....
उर्मिला माधव
8.5.2014..

माता दिवस

आज माता दिवस है.......क्या बात है..!!
ये एक दिन ही बस है.....क्या बात है..!!
आपने जो कहा.उसमें कुछ दम नहीं...!!
यूँ ही झूठी बहस है........क्या बात है..!!
Urmila Madhav.....
8.5.2016

खुशामद पसंद

मैं खुशामद पसंद हूँ ही नहीं,
न कभी की है और न चाही है,
दिल ये शैदाई है अना का बस
जिससे हर हाल में निबाही है 
#उर्मिलामाधव...

Wednesday, 6 May 2026

ठहराएंगे

बे-वफ़ाई ख़ुद ब ख़ुद कर जायेंगे,
दूसरों को बे-वफ़ा ठहरायेंगे,
कुछ भी ना कहते बनेगा आपसे,
फ़लसफ़ा यूँ प्यार का समझायेंगे....
Urmila Madhav
7.5.2013

झूट का दावा

झूट का दावा कभी करते नहीं,
कैसे कह दें मौत से डरते नहीं ?
क्या कहा डरपोक हूँ ? इल्ज़ाम है,
जो निडर हैं क्या कभी मरते नहीं.??
उर्मिला माधव
7.5.2013

इश्क़ से कैसे भला बच पाओगे

इश्क़ से कैसे भला बच पाओगे.??
सीने में दिल है तो गच्चा खाओगे,
बिजलियाँ गिर जायेंगी,बचना हुज़ूर,
वर्ना इसकी ताब ना सह पाओगे।।..
Urmila Madhav.
7.5.2013..

निशानी है

इश्क़ एक दास्ताँ पुरानी है,
सिर्फ़ सरदर्द की निशानी है... 
****************************
ishq ek daastaan puraani hai,
sirf sardard kii .......ishani hai...
उर्मिला माधव...
7.5.2014

प्यारे समझ ले

आदमी है आदमी,प्यारे समझ ले,
अय फ़रेब-ओ-ज़ीस्त के मारे,समझ ले,

ज़िंदग़ी है इक मुक़म्मल हादसा ही,
वक़्त के भी हैं कई धारे समझ ले,
उर्मिला माधव 

शम्मा और परवाने

ख़ून शम्मा और परवाने का संग-संग हो गया,
लोग अपनी उंगलियों पर जाने क्या गिनते रहे , 
उर्मिला माधव

एक ही है

आईना तो एक ही है फ्रेम में,
रोज़ चेहरों का बदलना,ख़ूब है...
उर्मिला माधव
7.5.2018

बातिल समझते हैं

वो बातिल समझते हैं हमको, अजब है,
मुहब्बत भला उनको किससे है, कब है?
उर्मिला माधव

Monday, 4 May 2026

चमन बेकार लगता है

फ़िज़ां बेकार लगती है चमन बेकार लगता है,
अयादत के हुजूमों से भी दिल बेज़ार लगता है,
अगर कुछ रास आता है तो इक तकिया,फ़क़त बिस्तर,
वगरना सांस लेना भी बहुत दुश्वार लगता है,
बुरे हालात कहना भी बहुत अच्छा नहीं लेकिन,
दवाएं देख कर जीना बहुत मुरदार लगता है...

अपनी भी कदरदानी

बे-इन्तेहा हुई है अपनी भी क़दरदानी,
जितनी करी है आपने काफ़ी है मेहरबानी,
कितना जियेंगे आखिर,मरना तो है हमें भी ,
शिरक़त को आइयेगा जब हो क़ुरानख़ानी...
उर्मिला माधव...
5.5.2014...

Sunday, 3 May 2026

एक मतला

हमने दुनियां छोड़ दी और वो सताते रह गए,
अपनी जब मैयत उठी वो आते-आते रह गए...
#उर्मिलामाधव...
4.5.2015...

क्या सबब

हाथ ख़ाली हों,भरे हों, क्या सबब?
जिसको जाना है .उसे जाना ही है ...

Hath khaali hon,bhare hon,kya sabab?
Jisko jaanaa hai .....use jaanaa hii hai..
उर्मिला माधव.
4.5.2017

सवाल आ ही गया

ज़िन्दगी पे जब सवाल आ ही गया,
देखिए शीशे में बाल आ ही गया,
कब तलक करते नज़र अंदाज़ भी,
हर तग़ाफ़ुल का ख़याल आ ही गया,
उर्मिला माधव 

तमाशा किए रहे

ख़ुद अपनी आबरू को तमाशा किये रहे,
इस ज़िन्दगी को खेल समझते तमाम लोग,
उर्मिला माधव
5.5.2019

इमकान है बहुत

इक हादिसे की शक़्ल से इतने डरे हुए,
हर वक़्त हादसों का ही इमकान है फ़क़त...
उर्मिला माधव

डराने लग गईं

दह्र की वीरानियाँ इतना डराने लग गईं,
ख़ाब के परदे निगाहों से हटाने लग गईं

ज़िन्दगी कुछ भी नहीं, ये साफ़ ज़ाहिर हो गया 
जब बड़ी तादाद में जानें ठिकाने लग गईं..
उर्मिला माधव

मेरे दिल का सुकूं

बस मिरा दीवार ओ दर ही मेरे दिल का है सुकूं,
मेरी जन्नत भी यही है और यही घर बार भी..
उर्मिला माधव

मेरे चेहरे की ताबानी

ना क़ायल है सितारों की मेरे चेहरे की ताबानी,
ग़म-ए-दौराँ में भी देखो तबस्सुम मेरा लासानी,
तलातुम चाहे जैसा हो, करेगा क्या उसे फानी..?
कि जिसने डूब कर देखा हो ये दरिया-ए-तूफ़ानी.....
उर्मिला माधव.
4.5.2014...

गुज़र गई है जी

चूँकि हद से गुज़र गई है जी,
आज सबको खबर गई है जी,

मैंने दिल से उतार फेंका था,
आज उसपै नज़र गई है जी,

तेरी यादों में थी खुमारी जो,
उम्र भर को उतर गई है जी,

जो अना अब भी दिल पै तारी है,
वो कभी तेरे घर गई है जी,

मैंने यूँ ही ज़रा सा छेड़ा था,
बात खुल के बिखर गई है जी....
उर्मिला माधव...

Saturday, 2 May 2026

जीने की कोशिश सी करते रहते हैं

Jeene ki koshish sii karte rahte hain,
Apne he maazi se darte rahte hain,
Kitni bhaari sansen lagti hain hamko,
Jeene ki chahat me marte rahte hain,
Urmila Madhav

छाए हुए हैं

gam ke manzar har taraf chhaye hue hain,
sab ke sab chehre to murjhaaye hue hain,
to mubarakbaad kyaa den ......Eid kii ham
sach to ye hai,ham bhii ghabraye hue hain...
:: :: :: ::
ग़म के मंज़र हर तरफ़ छाये हुए हैं.
सब के सब चेहरे तो मुरझाये हुए हैं ,
तो मुबारकबाद क्या दें ईद की हम,
सच तो ये है हम भी घबराए हुए हैं......
उर्मिला माधव...

Friday, 1 May 2026

बोल जाती है

ज़ुबाँ ख़ामोश है फिर भी ,
कहो कब तक हिफ़ाज़त हो?
बहुत ख़ामोश हस्ती भी ,
कभी कुछ बोल जाती है,
बहुत ख़ुद्दार है ये दिल,
मगर कब तक रक़ाबत हो?
बहुत ख़ुद्दार हस्ती भी,
ज़रा सा डोल जाती है....
Urmila Madhav
2.5.2013

पत्थरों के शहर में

paththaron ke shahar main kahan aagaye..?
hum fareb-e-zamaane se ghabra gaye,
baat dil se kare koi,mumkin nahin,
sab zabaani jamaa kharch samjha gaye...
Urmila Madhav
2.5.2013

अक़्ल से तुम दूर थे

अक़्ल से तुम दूर थे कुछ गम नहीं था,
ग़म ये है तुम दिल से भी तो बेवफ़ा हो....
उर्मिला माधव...
2.5.2014...

तुझसा सखी

दह्र में तुझसा सखी,तुझसा न दिलबर कोई,
हाथ उठाये हैं .......तेरी सम्त,हवाओं वाले,
ओ हर इक पल के निगहबान मिरी दुनियां के,
मेरे हक़ में भी तो कह लफ्ज़ दुआओं वाले.....
#उर्मिलामाधव...
2.5.2015

सदियों से

उनसे गुफ्तार मुसलसल है मेरी सदियों से,
पर कोई बात है कहके भी अधूरी सी लगे....
#उर्मिलामाधव ...
2.5.2015
२.5.२०१५...

क्या करेंगे गुफ़्तगू

क्या करेंगे गुफ्तगू लोगों से हम बोलो भला,
एक मुद्दत हो गई ख़ुद से भी बतियाए हुए..
उर्मिला माधव,
2.5.2017

दश्त में घूमा करो

फ़िक़्र क्या करना किसीकी,अब कोई लैला नहीं
तुम गरीबां चाक लेकर ........दश्त में घूमा करो,
उर्मिला माधव,
2.5.2017

शाम ख़ुश गवार हो गई

शाम ख़ुशगवार होगई,
ज़िन्दगी बहार होगई ,
आईने से धूल जो हटी ,
आँख बा ख़ुमार होगई ...
उर्मिला माधव ...
2.5.2014..

कौन था

आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा,
बाद में सोचा .....वो बंदा कौन था 🤔
उर्मिला माधव,
2.5.2017

हम मशक़्क़त कर रहे हैं

हम मशक़्क़त कर रहे हैं,चार लफ़्ज़ों के लिए,
लोग तो ग़ैरों के लफ़्ज़ों पर .सुख़नवर हो गए,

Ham mashaqqat kar rahe hain,char lafzon ke liye,
Log to gairon ke lafzon par sukhanvar ho gae ..
उर्मिला माधव,
2.5.2017.

आप जो भी हों

आप जो भी हों, रहें खीसे में अपने,
हम तआल्लुक़ की मशीनें देखते हैं,
उर्मिला माधव
2.5.2019

तुम्हें मगरूर रहने की ज़रूरत है

तुम्हें मगरूर रहने की ज़रूरत है,
हमें भी दूर रहने की ज़रूरत है,
मुहब्बत, दोस्ती बेकार रस्में हैं,
तुम्हें रंजूर रहने की ज़रूरत है,
उर्मिला माधव

Thursday, 30 April 2026

दिल्लगी की आपने

दिल्लगी की आपने था तो बुरा कुछ भी नहीं,
पर वो दिल को लग गई तो क्या करें बतलाइये....
#उर्मिलामाधव...
1.5.2015..

उन्हें मालूम है सब

किस तरह किसको बुलाना है उन्हें मालूम है सब,
कुछ नहीं जब कर सके ,तस्वीर लेकर आगये... :)
#urmilamadhav...
1।5.2015।...

तुमसे प्यार है

जिस जगहा पर तुम नहीं हो वो जगहा बेकार है,
इक यही जज़्बा तो कहता है के तुमसे प्यार है,
उर्मिला माधव,
1.5.2017

Wednesday, 29 April 2026

वास्ता

उम्र भर हमको रहा है तल्ख़ियत से वास्ता,
ढूँढते ही हम नहीं अब और कोई रास्ता ..
Urmila Madhav.
30.4.2013

तल्ख़ियत---कड़वाहट

पल हो गया

ऐसे लम्हों में लिखा बस प्यार का पल होगया,
उसकी आमद से हर इक मिसरा मुकम्मल होगया...
#उर्मिलामाधव...
30.4.2015...

दोहा

महिमा मंडन स्वयम का,करें सभी श्रीमान,
वही दम्भ वश कर रहे...औरों का अपमान
उर्मिला माधव,
29.4.2017

घर है या दैर ओ हरम

जब जहाँ तबियत हुई सजदा किया हमने वहीँ,
कौन इतना फ़र्क़ करता, घर है या दैर-ओ-हरम,
उर्मिला माधव
30.4.2018

रंगों ने ख़ुदकुशी करली

आज उस शह्र से मुख़ातिब हूँ,
जिसके रंगों ने ख़ुदकुशी कर ली,
जाने इल्ज़ाम किस पे आता है,
हमने तो आंख शबनमी कर ली,
उर्मिला माधव,

पाई–पाई ज़िंदगी

उम्र भर हमने चुकाई,पाई-पाई ज़िन्दगी,
खर्च पूरी हो गई कितनी बचाई ज़िन्दगी.....
उर्मिला माधव...
30.4.2014..

नातवानी

कुछ दोस्तों ने हमको,बख्शी है नातवानी,
दिल को हुई नसीहत,आँखें हैं,पानी-पानी....
उर्मिला माधव...
30.4.2014...

वो हक़ीक़त है

Wo haqiqat hai koii khwaab nahin,
Phir bhii tasviir ka jawaab nahin,
Yun to hain khushbuen bahut saari,
Uskii khushboo sii kaamyaab nahin....
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वो हक़ीक़त है कोई ख्वाब नहीं,
फिर भी तस्वीर का जवाब नहीं,
यूँ तो हैं .....खुशबुएँ बहुत सारी,
उसकी खुशबू सी कामयाब नहीं....
#उर्मिलामाधव...
29.4.2015...

बाक़ी हैं

पहले ही सब निशान बाक़ी हैं,
फिर नए इम्तिहान बाकी हैं....।
#उर्मिला

साख़ और ईमान

उम्र भर साख़ ओ ईमान संभाला हमने,
ख़ुद को कोने में कहीं, जान के डाला हमने,

जिसको देखो वो गुनहगार कहे जाता था,
दिल के दुखने को बड़ी देर तक टाला हमने,
उर्मिला माधव

Monday, 27 April 2026

आज़माता ही रहे

कब तलक कोई किसीको आज़माता ही रहे ?
मोल अपनी चाहतों का क्यूँ चुकाता ही रहे ??
शख़्सियत अपनी मिटाकर बेवजह सजदे करे,
क्यूँ किन्हीं क़दमों में कोई सर झुकाता ही रहे,
Urmila Madhav
28.4.2013

न छोड़ा गया

कितने रंगों से दिल को झिंझोड़ा गया,
बिखरी साँसों को रह-रहके तोडा गया,
मेरी आदत यही थी तो होता भी क्या,
मुझसे लिखना-लिखाना न छोड़ा गया....
उर्मिला माधव...
28.4.2014..

इंतहा करदे

Be-wafa ho ja magar yun, ke inteha karde,
Baad phir iske koii......tere muqabil n rahe,
::::
बे-वफ़ा हो जा मगर यूँ, के इन्तहा करदे,
बाद फिर इसके कोई तेरे मुक़ाबिल न रहे
Urmila Madhav....
28.4.2016

पानी के एक गिलास का

पानी के एक गिलास का जो कर्ज़ हो गया,
हम उम्र भर उसी की सतह पर खड़े रहे,
ग़म में शुमार होने लगा बार-ए-ज़िन्दगी,
ज़ख्मों के नक्श थे के,ज़िबह पर अड़े रहे...
उर्मिला माधव,
28.4.2017

क़र्ज़

पानी के इक गिलास का जो क़र्ज़ हो गया
हम उम्र भर ...उसी की सतह पर खड़े रहे ....
उर्मिला माधव,
28.4.2017

Sunday, 26 April 2026

हुस्न का दरिया है चार सू

संजीदगी में हुस्न का दरिया है चार सू,
इसमें मुसव्विरों की कोई खूबियां नहीं...
हम सहल दिल हैं बात को कहते हैं बरमला,
गौहर ए बज़्म हैं कि कोई सीपियां नहीं...
🧡 उर्मिला माधव 

शिव कह कर

हम शिव कह कर शव हुए, और तुम अंतर्ध्यान,
घर बाहर सब एक सा, जब दिल हुआ मसान,
उर्मिला माधव 

सोने नहीं दिया

Mujhko tere khayal ne sone nahin diya,
Zid par ana sawar thi, rone nahi diya
Urmila madhav 

कहां ले गए

हादसे ज़िन्दगी के कहाँ ले गए ?
मुद्दतों हमसे ग़म ना संभाले गए,
अपने घर के अँधेरों को दी रोशनी,
लोग मेरे ही घर की शमाँ लेगए।।.
Urmila Madhav
27.4.2013

जानम

तारों में सुगबुगाहट,होने लगी है जानम,
तू चाँद बनके आजा,खामोश मुश्किलों में...
#उर्मिलामाधव...
27.4.2015...

चलता है

एक से लड़ता है,इक को छलता है,
जाने किस किस अदा से चलता है😊 
उर्मिला माधव
27.4.2018

हैं तजरबे अब

हैं तजरिबे अब ज़ियादः ज़िन्दगी से,
किस तरह से ज़िन्दगी लंबी करें हम,
वज़्न बढ़ता जा रहा है हिज्र तेरा
क्या हटा कर ज़िन्दगी हल्की करें हम..
उर्मिला माधव
29.3.2018

Saturday, 25 April 2026

क़ातिब रहे

दिल तो ख़ुद के ही ग़म से परेशान है,
कैसे दुनियाँ के ग़म से मुख़ातिब रहे?
फ़ैसले मेरे हक़ में सुनाता ही कौन??
दुश्मन-ए- तक़दीर ही मेरे क़ातिब रहे।..
Urmila Madhav
26.4.2013

आमद से

मुझको हैरत है उनकी आमद से,
जैसे होते हों "वो ".....बरामद से...... 
#उर्मिलामाधव...
26.4.2015...

ज़माने लगे हैं

वो ग़ैरों को अपना बताने लगे हैं, 
समझने में हमको ज़माने लगे हैं,
हमारी मुहब्बत की तौहीन है ये,
हमीं अपना दामन बचाने लगे हैं,
उर्मिला माधव

Friday, 24 April 2026

जीते हैं

अहले दिल मुस्कुरा के जीते हैं,
अपने हाथों से ज़ख़्म सींते हैं।।..
Urmila Madhav
25.4.2013

डरते हम

वो बुलाते तो रहे पर क्या तवज्जो करते हम??
इतने ज़्यादा मर चुके थे और कितना मरते हम??
अबतो ये तनहाई हमको अपने घर में ले गई??
मौत जैसी ज़िन्दगी जी किस बला से डरते हम??..
Urmila Madhav
25.4.2013

बहलाने लगे

तुम जुदाई में हमें कल याद जब आने लगे,
हम तुम्हारे घर में जाके ख़ुद को बहलाने लगे,
चन्द तस्वीरें तुम्हारी दिल के अन्दर रह गईं,
कुछ बला-ए-ख़ाक़ थीं बस देख घबराने लगे।।..
Urmila Madhav
25.4.2013

ये मुहब्बत है

ये मुहब्बत है,इबादत की तरह होती है 
लोग बस खेल समझ करके इसे लेते हैं...
#उर्मिलामाधव ...
25.4.2015

बाज़ आ जाओ

अपनी आदत से बाज़ आ जाओ,
होश में अहल-ए-राज़ आ जाओ,
पहले जो महव-ए- ख़्वाब होते थे,
बंद कर दो बयाज़ ......आ जाओ..
उर्मिला माधव,
25.4.2017

अब देदे

जो भी देना है मुझको अब देदे
सिर्फ़ इनसान का लक़ब देदे,

मेरे दामन में वक़्त थोड़ा है,
ज़िन्दगी भी रिहाई कब देदे,
उर्मिला माधव,
25.4.2018

फूहड़ सा

अपनी तस्वीर क्या दिखाते हो,
हमने देखा है तुमको फूहड़ सा..
उर्मिला माधव

क़ब्र लगता है

सब ज़माना ये क़ब्र लगता है,
चूँकि जीना ही जब्र लगता है,
ख़ुद को इंसान भी जताने में,
उम्र लगती है...सब्र लगता है,
उर्मिला माधव...

Thursday, 23 April 2026

Lodi gardens

Lodi gardens..
Madhuvan Rishiraj with sweet dogs
❤️❤️
हक़दार प्यार के हैं यही बेज़ुबान दोस्त
दुनिया में इनसे बढ़के कोई मोतबर नहीं...
Urmila Madhav @KajalAhuja

क्या कहूं

तुमने वो प्यार दिया है कि क्या कहूँ!!
मैने जो ऐतबार किया है कि क्या कहूँ!!
ख़ामोश हूँ ज़रूर मग़र कशमकश भी है!!
दर्द-ए- ख़ुमार ऐसा दिया है क्या कहूँ!!.
.Urmila Madhav
24.4.2013

बात रात की

दिन काट ले चले हैं,मगर बात रात की,
ज़्यादा सी क्यूँ लगे है, औक़ात रात की??
जगते रहें या सो रहें,हैं हम ही हम यहाँ,
क्यूँ फ़िक्र उनकी बेवजह,किस-किससे बात की??..
Urmila Madhav
24.4.2013

बानगी तो दिखा

आ मुझे इश्क़ की......बानगी तो दिखा,
जो भी सीखा अभी तक मुझे भी सिखा...
उर्मिला माधव...
24.4.2014...

याद रखे

Meri muskan chhin ne waale,
Tu mujhe mushkilon me yaad rakhe,
Urmila Madhav

Wednesday, 22 April 2026

पसीना है

आँसू से भरी हैं ये आँखें,ज़ख़्मों से भरा ये सीना है,
बरपा है क़हर तक़लीफों का,आया होठों पै पसीनाहै,
हर ज़ख़्म लहू जब देता है,मजबूर नज़र चकराती है,
तू शान-ए-क़रीमी रखले अब तूफाँ में मेरा सफीना है।। उर्मिला माधव........

Tuesday, 21 April 2026

चले जाते हैं


जिनकी हम क़द्र कर न पाते हैं,
वो कभी दूर बहुत दूर चले जाते हैं..
.Urmila Madhav
22.4.2013

ख़ारिशों के ग़ैर

ख़ारिशों से ग़ैर की बचके ही चलना ठीक है,
ख़्वाहिशो के दायरे ....महदूद रखने चाहिए.....
#उर्मिलामाधव...
22.4.2015

महदूद--- सीमित

सोने की कड़ियां

आपने सोने की कड़ियाँ क्यूं रखीं ज़ंजीर में,
गो कि सब इल्ज़ाम भी मेरे ही सर आते गए...
उर्मिला माधव,
22.4.2018

जानता है

पेचो ख़म गिनवा रहा है ज़ुल्फ़ के जो
वो हवा से काम लेना जानता है।

उसकी महफ़िल में वफ़ा कुछ भी नहीं अब,
जो वफ़ा का नाम लेना जानता है।
उर्मिला माधव

Dhiraj Kant ki गाई हुई ग़ज़ल

क्या दिल का दाम लगाओगे दिल का कोई दाम नहीं होता,
कुछ ऐसे रिश्ते होते हैं जिनका कोई नाम नहीं होता,

क्या बात बताऊं मैं कल की कल क्या होने वाला है,
आग़ाज़ है अपने हाथों में, बस में अंजाम नहीं होता,

दीवानों से ये मत पूछो, हर बात निराली होती है 
नज़रों से बातें करते हैं, लब पे पैग़ाम नहीं होता..
Anonymus 

निकाला गया

इज़्ज़तों का जनाज़ा निकाला गया,
जानके सर को ओखल में डाला गया,
घर की ख़ुशियों से बढ़के तो कुछ भी नहीं
इक ज़रा सा क़दम न संभाला गया?
उर्मिला माधव 

Monday, 20 April 2026

कमज़र्फ है

तू ख़यालों से बहुत कमज़र्फ़ है,
ये हमारी आबरू पर हर्फ़ है।...
Urmila Madhav
21.4.2013

जोड़ने जाते रहे

टूटते रिश्तों को फिर-फिर जोड़ने जाते रहे,
और ख़ाली हाथ ले घर लौट कर आते रहे,
इन्तिहाई कोशिशों का सिर्फ़ ये जलवा रहा,
बेवफ़ाई उनकी ठहरी, हम सज़ा पाते रहे।..
Urmila Madhav
21.4.2013

ख़ुदा से

मीज़ान लेके बैठे.....बाज़ार में मियाँ जी,
हूँ मुल्तज़ी खुदा से,मुझको बचाए रख्खे..
उर्मिला माधव...
21.4.2014...

आचरण

आचरण बतला रहा है,आपका तिरछोल पन,
आमरण रहता नहीं,यूँ भी किसीका बांक पन,
उर्मिला माधव...
२१.4.२०१४...------------- तिरछोलपन---- मक्कारी 

ख़ुद परस्ती

ये ज़माना...और इसकी ख़ुद परस्ती,
मुख़्तसर,इनसान की औक़ात सस्ती,
उर्मिला माधव...
21.4.2014...

ज़रा ज़रा

तू जो दोस्त ही है अगर मेरा,
तो समझ तो मुझको ज़रा ज़रा,

वो जो ज़ख़्म मेरा भरा नहीं,
किया फिर से तूने हरा हरा,

मेरा ग़म से सीना फ़िग़ार है
रहे दिल भी सबसे डरा डरा,

इसे तू ही कह क्या ये ठीक है?
हुआ सौदा तुझसे खरा खरा,

लगे चश्मे ख़ुश्क तो ख़ुश्क ही,
है ये दिल तो अब भी भरा भरा.....
उर्मिला माधव 

साज़िश हो गई

उम्र भर सोने न देगी  टूटे लफ़्ज़ों की चुभन,
लग रहा है नींद और तड़पन में साजिश होगई....
#उर्मिलामाधव...
21.4.2015..

ख़ूब लिखती हो

ग़म का ख़ाका जो खींचा कागज़ पर,
लोग बोले के .........ख़ूब लिखती हो...
अश्क़ पोंछे थे बस ..........हथेली से,
लोग बोले के .........ख़ूब दिखती हो... 
#उर्मिलामाधव ...
21.4.2015....

चंद लफ़्ज़ कहने हैं

मुझको बस चंद लफ़्ज़ कहने है,मोहतरम क्या मुझे इजाज़त है ?
रौब जो ग़ालिबन दिखाते हैं,उनके अंदाज़ से बग़ावत है,

आदमी को देखो ना

हसद हटा के कभी आदमी को देखो तो,
वगरना कौन ये समझेगा आप शाइर हैं????
उर्मिला माधव..
21.4.2017..

वो एक रंग में

वो एक रंग में ...कहते नहीं हैं बातों को,
हलाक करना उन्हें,हर तरह से आता है..
उर्मिला माधव,
21.4.2017

तन्हाई यूं बोली

उन्वान--- ख़ून...

अभी कल रात ही की बात है,तन्हाई यूँ बोली,
तुम्हारे ख़ून के क़तरे,बहुत आवाज़ करते हैं....
उर्मिला माधव...
21.4.2015

हिसाब

हर एक सांस का हरदम हिसाब रखता है,
ज़माना तुझसे कहीं बढ़के चाहता है मुझे..
उर्मिला माधव 

पहले होता था ग़म

पहले होता था ग़म तग़ाफ़ुल का,
अब ..किसी बात का नहीं होता....

वो जो सूरज बहुत चमकता है,
वो कभी रात का नहीं होता,
------------------------------------------------
Pahle hota tha,gam tagaful ka,
Ab, kisii baat kaa nahin hotaa...

Wo jo suraj bahut chamakta hai,
Wo kabhi raat ka nahin hotaa..
उर्मिला माधव,
21.4.2018

चाहिए था

तुझे क़िस्मत बनाना चाहिए था
हमें नईं आज़माना चाहिए था,

यहां है क्या फ़क़त इज़्ज़त ही है,
तुझे बस ये बचाना चाहिए था..

Sunday, 19 April 2026

उतर कर आइए

अपने रुतबे से उतर कर आइये
कुछ मुलाहिज़ा हमसे भी फ़रमाइये,
ज़िन्दगी की क्या हक़ीक़त है हुज़ूर,
ख़ुद भी अपने को ज़रा समझाइये,
दोस्ती या दुश्मनी रखिए ज़रूर,
पर उसूलों के तहत ही आइए ।...
Urmila Madhav.
20.4.2013

ज़माने की नज़र

ज़माने की नज़र बेजा,
ज़माने का क़हर बेजा,
बहुत मासूम थी जिसको,
दिया कैसा ज़हर बेजा।।.
Urmila Madhav
20.4.2013

अकड़ता है बहुत

आईना मुझ पै अकड़ता है बहुत,
मेरे जज़्बों को पकड़ता है बहुत।...
Urmila Madhav.
20.4.2013

क्या करें

क्या करें तुमसे हम वफ़ा करके,
हमको जीना है ख़ुद दुआ करके...
उर्मिला माधव....
20.4.2014...

सहर और शाम

सहर और शाम आपस में,मिली जैसी दिखाई दे,
कि जैसी देखना चाहें..........नहीं वैसी दिखाई दे, 
समझना ही पड़ेगा ये...भरम है आँख का शायद,
कभी कैसी दिखाई दे........कभी कैसी दिखाई दे...
उर्मिला माधव...
20.4.2014...

टुरदे तुर्दे

टुरदे-टुरदे करीब.......आऊँदे ने,
दिल दियां बोलियाँ लगाउन्दे ने...
उर्मिला माधव...
20.4.2014...

थकता नहीं है

जाने कैसा शख्स है थकता नहीं है,
दर्द ही देता है कुछ लगता नहीं है....
Upadhyay Urmila....

सब्र कर नहीं पाते

ये कौन लोग हैं जो सब्र कर नहीं पाते,
ख़मोश होके .कहीं से गुज़र नहीं पाते,
जो अपने हाथ में मीज़ान लेके चलते हैं,
एक सुफ़ह भी शिद्दत से भर नहीं पाते,...
उर्मिला माधव,
19.4.2017

क्या हो

थकन से उठ के खड़े हो गए मगर क्या हो,
क़दम उठाएं मगर हासिले सफ़र क्या हो,

Saturday, 18 April 2026

तोड़ा न होता

वक़्त ने जो इस क़दर तोड़ा न होता,
साथ खुशियों ने कहीं छोड़ा न होता,
शौक़ हो जाता.....तिरे हाथों से पूरा,
जितना हो जाता वही थोड़ा न होता....
उर्मिला माधव...
19.4.2014...

बुतखानों के शहर

बुतख़ानों के शह्र में ज़िंदा घूम रही हूँ,
बिलकुल तनहा हूँ शर्मिंदा घूम रही हूँ,
सोच रही हूँ उंगली से सब छूकर देखूं,
हो सकता है कुछ आइन्दा घूम रही हूँ....
उर्मिला माधव...
19.4.2018...

तू मेरा लख़्ते जिगर है

तू मिरा लख़्ते जिगर है और मेरी ज़िंदगी,
तेरी आँखों से ये दुनिया देखना अच्छा लगे..
उर्मिला माधव

मुहब्बत में वफ़ा क्या है

मुहब्बत में वफ़ा क्या है, तुझे आया नहीं अब तक,
अभी पहली ही सीढ़ी है,चढ़ाई नाप आंखों से...
उर्मिला माधव

अच्छे शब्दों का संयोजन

अच्छे शब्दों का संयोजन,
परिचय देता है चरित्र का,

ओछे शब्दों के प्रयोग से,
होता है अपमान मित्र का,

वाणी है संस्कृति सभ्यता,
दर्पण देश के मान चित्र का,
उर्मिला माधव...

दिलकशी आवाज़ की

ये कहां ले आई हमको दिलकशी आवाज़ की,
हर अदा फीकी लगी जब ज़िंदगी के साज़ की,
हम भी कस्दन चुप रहे, ऐज़ाज़ था मैयार का,
सांस थमती जा रही थी आख़री परवाज़ की..
उर्मिला माधव 

ज़िंदगी इस क़दर

ज़िंदगी इस क़दर उदास हुई 
उसको सोचा तो उसके पास हुई,
जब हक़ीक़त से ख़ाब बेहतर हो,
वो घड़ी ज़िंदगी में ख़ास हुई..
उर्मिला माधव 

दर्द जब तक उभर नहीं जाता

दर्द जब तक उभर नहीं जाता,
उम्र भर भी नज़र नहीं आता,
जिसका ग़र्दिश में वक़्त होता है,
कोई भी उसके घर नहीं जाता।....
Urmila Madhav..
19.4.2013

वक़्त ने जो इस क़दर

वक़्त ने जो इस क़दर तोड़ा न होता,
साथ खुशियों ने कहीं छोड़ा न होता,
शौक़ हो जाता.....तिरे हाथों से पूरा,
जितना हो जाता वही थोड़ा न होता....
उर्मिला माधव...
19.4.2014...

तस्वीरी क़ता

तस्वीरी क़ता---
Das rahaa hai aadmi ko aadmi kya khoob hai,
Aisi fitrat kyun hamaare naam se mansoob hai,
Rah gaya hai munh khula hairat se ,sabko dekh kar,
Ham n apni zaat ko daste hain ye usloob hai..
&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&
डस रहा है आदमी को आदमी,क्या ख़ूब है,
इनकी फितरत क्यूँ हमारे नाम से मंसूब है,
रह गया है मुंह खुला हैरत से,सबको देख कर,
हम न अपनी ज़ात को डसते हैं,ये उसलूब है...
उर्मिला माधव,
19.4.2016

मैं अबकी बार

मैं अबकी बार से आदत अलग बनाऊंगी
मैं टूट जाऊंगी तुझको नहीं बुलाऊंगी
तू मुझसे मांगता था एक दिन पहचान मेरी,
तू पूछेगा तो भी मैं नाम ना बताऊंगी..
उर्मिला माधव 

Friday, 17 April 2026

हिम्मतों के साथ

दुनिया बुला रही है तुम्हें ज़िल्लतों के बाद,
ख़ुद को संभालना है तुम्हें हिम्मतों के साथ..
उर्मिला माधव

कोशिश

ये हमारी आख़री कोशिश थी बस,
इसके आगे रास्ता अब फ़र्क़ है,
उसको कोई क्या भला समझाएगा,
जिसकी इज़्ज़त पे न अब तक हर्फ़ है..
उर्मिला माधव
तुझको ढूंढा, तुझको चाहा तेरी ही तस्वीर चुनी,
फिर तुझको ही सोच समझ के ख़ाबो की जंजीर बुनी

Thursday, 16 April 2026

मुड़के पूछेंगे

मुड़के पूछेंगे कभी हाल ज़रा बिस्मिल का,
इतना आसान नहीं तोड़के जाना दिल का।..
Urmila Madhav
17.4.2013

बरसना सीखा

जबसे चाहत सी हुई तबसे तरसना सीखा,
मेरी आँखों ने उसी वक्त बरसना सीखा।।...
Urmila Madhav
17.4.2013

आदत रही है ज़ब्त से जीने की उम्र भर

आदत रही है ...ज़ब्त से जीने की उम्र भर,
अपना ख़याल कर लिया है हमने मुख़्तसर,
वैसे भी हमको आपने अब तक दिया है क्या,
हैरत है.....बस अना ही रही सिर्फ़ आज़्मतर ....
#उर्मिलामाधव...
17.4.2015...

हम लौट भी आते

Hum laut bhii aate jo agar tut-te nahiN,
Himmat hamaari tod ke kahte ho, Maazrat..?

हम लौट भी आते जो अगर टूटते नहीं,
हिम्मत हमारी तोड़ के कहते हो माज़रत ?
उर्मिला माधव,
17.4.2018

कहां फिट हूं

तुम्हारे साथ मैं कहाँ फ़िट हूँ,
कुछ दवाओं की फ़ालतू किट हूं,

बात कहनी मुझे नहीं आती,
तुम समझते हो यार डी लिट् हूं,

उर्मिला माधव

कोई लेता है कोई देता है

कोई लेता है,कोई देता है,
कहता है विश्व विजेता है,
नायक बन...बैठा नेता है,
मानव का कौन प्रणेता है ?
उर्मिला माधव...

बुत की तरह लगता है

अपना क़िरदार यहाँ बुत की तरह लगता है,
दर-ओ-दीवार भी तुरवत की तरह लगता है,
हर कोई शख़्स यहाँ सिर्फ़ है मुफ़लिस की तरह,
साँस लेना भी तो ग़ुरबत की तरह लगता है।..
Urmila Madhav
16.4.2013

तुमसे क्या बिछड़े

तुमसे क्या बिछड़े कि दुनियाँ से हरासाँ होगए,
इस क़दर भटका किए ख़ुद से ग़रीबाँ होगए।।...
.Urmila Madhav
16.4.2013..

कह नहीं सकते थे तुमसे

कह नहीं सकते थे कुछ,मजबूर होकर रह गए,
आपकी तस्वीर से हम दूर होकर रह गए...
#उर्मिलामाधव...
16.4.2015

तरक़ीब निकाली तुमने

यूँ रुलाने की ये तरक़ीब निकाली तुमने,
जो छुपानी थी वही बात उछाली तुमने,
जिसको अबतक देख कर ज़िंदा रही हूं,
क्यूँ मेरे आगे से वो तसवीर हटाली तुमने,
उर्मिला माधव

Wednesday, 15 April 2026

उसने बिछड़ते वक़्त

Usne bichhadte waqt jigar chhak kar diyA,
Daaman jhatak ke mujhse kaha, ja raha hun meiN

उसने बिछड़ते वक़्त जिगर चाक कर दिया,
दामन झटक के मुझसे कहा जा रहा हूँ मैं..
उर्मिला माधव

कमज़ोर घबराते हैं बस

हम जहां थे, हम वहीं हैं, और रहेंगे भी वहीं,
मौसमों की मार से, कमज़ोर घबराते हैं बस,
उर्मिला माधव...

कोई आए, कोई जाए

कोई आए, कोई जाए, मुहब्बत बस तुम्हीं से है,
बुलंदी तुमको हासिल हो ये हसरत बस तुम्हीं से है,
अभी कुछ लोग ऐसे हैं, कभी बदले, न बदलेंगे,
भरोसा रब पे रखना है ये चाहत बस तुम्हीं से है..
उर्मिला माधव

Tuesday, 14 April 2026

सज़ा देते हैं

:) 

वो मुहब्बत में हमें ख़ूब सज़ा देते हैं,
उनकी तस्वीर है,लाते हैं,हटा देते हैं....
#उर्मिलामाधव...
15.4.2015..

जीत और ज़िद में

Ek sher.....

जीत और ज़िद में ही जिनकी ज़िन्दगी गुज़री जनाब 
किसलिए फिर ......आदमी को आदमी समझेंगे वो...
उर्मिला माधव...
::::::::
Jiit or zid men he jinkii zindagi guzarii janaab 
Kisliye phir..aadmii ko aadmii samjhenge wo....
Urmila Madhav..
14.4.2016

गीली है ज़मीं

पांव धंस जाते हैं मेरे.....इतनी गीली है ज़मीं,
ये मिरा कार-ए-हुनर है,आज भी चलती हूँ मैं....
उर्मिला माधव,
14.4.2017

कुंदन हुई

दर्द के शोलों पे चल के,ज़िंदगी कुंदन हुई
अब भला लू के थपेड़े,.क्या बिगाड़ेंगे मेरा..
14.4.2017

ख़्वाबों से ऊपर

हर कोई ख़्वाबों से ऊपर झांकता है,
उसपे हैरत ये के शैदाई नहीं,
ज़ुल्मतों के दम पे दुनियां नापता है,
उसपे हैरत ये के बीनाई नहीं,
उर्मिला माधव
14.4.2018
ज़ुल्मत--अंधकार

उसे हम बावफ़ा कहते

उसे हम बा-वफ़ा कहते, ठहर जाता किसी सूरत,
जिसे अफ़लाक़ की दुनियां में उड़ना भा गया है अब
परिंदा है तो उसके पंख भी थकने ही हैं इक दिन,
समझता है उसे दुनियां से लड़ना आ गया है अब..
उर्मिला माधव
14.4.2018

ज़िंदगी तार–तार देखो ना

ज़िन्दगी तार-तार देखो ना,
ज़ख्म के आर पार देखो ना,
ये भी हैरत है तुम समझ न सके
आओ तब बार-बार देखो ना
उर्मिला माधव...

Monday, 13 April 2026

ज़िंदगी तार तार देखो ना

ज़िंदगी तार-तार देखो ना,
ज़ख्म के आर पार देखो ना,
ये भी हैरत है तुम समझ न सके,
आओ तब बार-बार देखो ना....
उर्मिला माधव...
14.4.2014...

कहीं मेघ मल्हार सा राग बजे

कहीं मेघ मल्हार सा राग बजे,कहीं वायु चले हलकी-हलकी,
हिय पीर उठे,नहीं धीर धरे,कहा बात कहूँ सखि उस पल की,
मन पावन प्रेम के रंग रंगा,और तान बजे मुरली की कहीं,
हिय पीर उठे,नहीं धीर धरे,और आँख पड़े छलकी-छलकी,
#उर्मिलामाधव....
14.4.2015..

Friday, 10 April 2026

जो लोग जा चुके हैं

जो लोग जा चुके हैं वापस नहीं हैं आने,
अपने सफ़र की साथी यारब तेरी शुआएं 
कमज़ोर शख्सियत से महफूज़ रख ऐ मालिक 
इज़्ज़त से जीने वाले वापस कभी न आएं..
उर्मिला माधव

मंहगी पड़ी है

ज़िन्दगी मुझको बहुत मंहगी पड़ी है,
सब ग़मों की दास्तां पीछे रखी है।

कोई भी तन्हाई में जीने कहाँ दे,
दह्र में हर रोज़ ही रस्सा कशी है।
उर्मिला माधव

Thursday, 9 April 2026

मुखातिब है

वो जो हर रोज़ नए इश्क़ से मुख़ातिब है,
कौन है वो जो तेरा तक़दीर ए कातिब है..
उर्मिला माधव 

Tuesday, 7 April 2026

निहारा हमने

इक तस्वीर को कितनी देर निहारा हमने,
क्या बतलाएं फिर अपना दिल हारा हमने..
सोच रहे थे कभी रू ब रू जा कर देखें,
उसी वक़्त फिर अपने दिल को मारा हमने..
उर्मिला माधव

नहीं समझे

मेरी वीरानियां नहीं समझे,
हम तो ख़ुद को उठा के बैठे थे,
हमने देखा नहीं कहां था वो,
गो कि ग़म को छुपा के बैठे थे..
उर्मिला माधव

ज़ब्त करते हैं

ज़ब्त करते हैं मुसलसल,टूटते जाते हैं हम,
रास्ते रफ़्तार में हैं छूटते जाते हैं हम,
उर्मिला माधव

Monday, 6 April 2026

रौशन शमा करो

"रौशन शमा करो तो शब-ए-ग़म को देख लूँ,
ग़म से निजात पाऊँ तो मौसम को देख लूँ,
मौसम से जो मिलूँ तो मैं शबनम को देख लूँ,
नज़रें उठाऊँ भीगे हुए आलम को देख लूँ.......
उर्मिला माधव"
7.4.2013

यूं तो दुनिया है मुझसे वाबस्ता

यूँ तो दुनियाँ है मुझसे वाबस्ता,
अपने किस्से में सिर्फ़ मैं ही हूँ....
मेरा दिल जानता है..सच्चाई,
अपने हिस्से में सिर्फ़ मैं ही हूँ.......
उर्मिला माधव...
7.4.2014..

महबूब होना चाहिए

है रजामंदी....कि एक महबूब होना चाहिए,
और उसको अक्ल से भी खूब होना चाहिए,
आशिकी हर वक़्त की,अच्छी नहीं होती हुज़ूर,
मंज़र-ए- दुनिया से भी...मंसूब होना चाहिए.
उर्मिला माधव...
7.4.2014...

Sunday, 5 April 2026

जुदाई भी अदा है

जुदाई भी अदा है ज़िन्दगी की साहिबे आलम,
अगर ये जीतती है तो इसे अब जीत जाने दो 
उर्मिला माधव

ईमान कहते हैं

Hamaari ek taaqat hai, jise iimaa'n kahte hain,
Jaha'N waale is'i shai se, bahut anjaa'n rahte hain...
Urmila Upadhyay

मान लो

हमारी बादशाहत मानलो तुम भी अमां देखो,
तुम्हें तस्वीर हमने ताज की देदी मुहब्बत से,
उर्मिला माधव...

दिल का बिखराव

दिल का बिखराव बहुत दूर तलक दिखता है,

जैसे आंधी में बिना चाँद फ़लक दिखता है,
उर्मिला माधव...

Saturday, 4 April 2026

क़ातिल हो गया

हमनवा ही अपना क़ातिल हो गया,
गैर की दुनियां में शामिल हो गया,
दिल संभलना चाहता है वक़्त पर,
जाने कब ये सबसे आदिल हो गया.....
#Urmila 

Urmila madhav .......आप चाहें तो इस पेज से जुड़ सकते हैं....
5.4.2015

Friday, 3 April 2026

इल्ज़ाम दे गया

मुझको ज़ुबाँ से जो कई इल्ज़ाम दे गया,
अपने जुनून-ए-इश्क़ का पैगाम दे गया,
मेरा वज़ूद मुझमें कहीं मुसकुरा गया,
मेरी वफ़ा को धीरे से एक नाम दे गया।।
...Urmila Madhav..
4.4.2013

सब्र से लिया जाए

जब कलेजे से खूं निकलता हो,
सब्र से ....काम तब लिया जाए...
उर्मिला माधव...
4.4.2016

Thursday, 2 April 2026

ज़हन मीरा सा हो जाना

मुहब्बत ज़िंदगी से बढ़ के भी कुछ ख़ास हो जाए,
ज़हन मीरा सा हो जाना लक़ब राधा सा हो जाना 
उर्मिला माधव

बचने लगी है

अब तो ये हर बात से बचने लगी है,
चलते-चलते ज़िन्दगी थकने लगी है,
जिससे जाहिर होती हों मायूसियाँ,
ऐसे हर जज़्बात को ढकने लगी है।।....
.Urmila Madhav
3.4.2013

एक बिंदु पर

एक बिंदु पर आप सब,करें अवश्य विचार,
प्रेम तो केवल प्रेम है,....इसमें जीत न हार
#उर्मिलामाधव...
3.4.2015....

गर निशाने पर

गर निशाने पर वफ़ा के सिर्फ अपनी जान है,
बस समझना ज़िन्दगी का आखरी नुक्सान है,
#उर्मिलामाधव ....
3.4.2015

अब ये मुश्ताक नज़र

Ab ye mushtaq nazar khak huii jati hai,
Ik anaa hai jo mahaz chaak huii jaati hai..
Urmila Madhav

Wednesday, 1 April 2026

आए हैं

दिल्लगी दिल की उड़ाने आए हैं,
वो हमें जीना सिखाने आए हैं।।...
Urmila Madhav
2.4.2013

वाज़ेह होने दो

कुछ तो वाज़ेह मुझको होने दो,
अपने जज्बों को लफ्ज़ बोने दो,
उर्मिला माधव... 
2.4.2014...

वाज़ेह---- स्पष्ट ...

यूं भी होता है

साथ रहते हैं साथ ..देते नहीं,
यूँ भी होता है होके नईं होना....
#उर्मिलामाधव..
2nd April 2015...

जिसका नाम पनीर हो

ऐसी रेसीपी क्या खाना जिसका नाम पनीर हो,
अगल-बगल में नॉनवेज की गड़ी हुई शमशीर हो,
उर्मिला माधव
😢😢😢😢😢

वर्क़ों पे मिल सकते हैं हम

हमतो बस नाचीज़ हैं, किस सम्त को उड़ जाएंगे,
हां ये मुमकिन है किन्हीं वर्क़ों पे मिल सकते हैं हम 
उर्मिला माधव

साज़ है

जिस मुहब्बत पर गुरूर-ओ-नाज़ है,
टूटता है रोज़ ये वो साज़ है।।
उर्मिला माधव

हारा हमने

इक तस्वीर को कितनी देर निहारा हमने,
एक बार फिर अपने दिल को हारा हमने,
क्या बतलाएं फिर अपना दिल हारा हमने..
सोच रहे थे कभी रू ब रू जा कर देखें,
उसी वक़्त फिर अपने दिल को मारा हमने..
उर्मिला माधव

पुकारा हमने

इक तस्वीर को कितनी देर निहारा हमने,
क्या बतलाएं फिर अपना दिल हारा हमने..
सोच रहे थे कभी रू ब रू जा कर देखें,
उसी वक़्त फिर ख़ुद को ख़ूब पुकारा हमने..
उर्मिला माधव

Monday, 30 March 2026

हर कोई कह रहा है

ख़ुशियों के रंग रचालो हर कोई कह रहा है,
अब दर्द को हटा लो सदियों से रह रहा है,
दुश्वारियों से आख़िर अब तो निजात पाओ,
दिल को सुकून देदो, ये कबसे सह रहा है..?...
Urmila Madhav.
31.3.2013

दिल दुखाने के लिए

दे दिया है दिल तुम्हें हरदम दुखाने के लिए,
पर इजाज़त दी नहीं है..लौट जाने के लिए .....
उर्मिला माधव... 
31.3.2014....

उलाहना दे रहे हो

उलाहना दे रहे हो,यार तुम तो हद करो हो,बस,
मुहब्बत हो गई तुमसे तो क्या जागीर ले ली है?
::
Ulahan'a de rah'e ho yaar tum to had karo ho bas,
Muhabbat ho gai'i tums'e to kya jaagiir le lii hai ?
Urmila Madhav....
31.3.2016

क्या हो गया

आपको क्या होगया है,मोहतरम,?
आपका मेयार क्यों कुम्हला गया,?
उर्मिला माधव,
31.3.2017

एकतरफ़ा प्यार का

एकतरफ़ा प्यार का करते भी क्या,
बे-वफ़ा के नाम पे ...मरते भी क्या?
हम ..जमा ख़ाते में रख्खे थे अबस,
मुफ़्त झूठी आह तब भरते भी क्या..
उर्मिला माधव..
31.3.2017

रौनक उड़ गई है

आपके चेहरे की रौनक उड़ गई है,
क्या किसी से फिर मुहब्बत हो गई है ?
उर्मिला माधव

हसद के बार से उठ कर

Hasad ke baar se dab kar koi shayar nahi uttha,
Ye aisi aag hai,jis-se sukhan zinda nahin rahtaa..
::
हसद के बार से दब कर कोई शायर नहीं उट्ठा,
ये ऐसी आग है जिससे,सुखन ज़िंदा नहीं रहता,.....
Urmila Madhav..

Friday, 27 March 2026

ज़ुल्म ए उल्फ़त

ज़ुल्म-ए-उल्फ़त को ज़रा एक सदा देदी है,
कितने नादान हैं रँजिश को हवा देदी है।।..
उर्मिला माधव..
28.3.2013

दिल ये कहता है

दिल ये कहता है तेरे ग़म से किनारा करलें,
ज़िन्दा रहना है तो ये ख़ुद से इज़ारा करलें,
वो जो उम्मीद तेरे दिल से हुआ करती थी,
ऐसी उम्मीद न अब कोई दोबारा करलें।।...
उर्मिला माधव..
28.3.2013

आज की रात

Aaj kii raat kitnii bhaarii hai
Sirf ye baith kar guzaari hai
Niind aatii hai par nahin aatii
Aankh bojhil bahut hamari hai
Urmila Madhav...
28.3.2014..

रोज़ लिखते हैं और मिटाते हैं

रोज़ लिखते हैं और मिटाते हैं,
क्यूँ....कलम लेके बैठ जाते हैं??
पूरी शिद्दत से....यूँ निभाते हैं,
रोटियाँ जैसे....इसकी खाते हैं....
उर्मिला माधव...
28.3.2014...

अब मोबाइल का ज़माना

अब मोबाइल का ...ज़माना है सनम,
जाने-आने का भला फिर क्या है ग़म,
पार सागर के पड़ेगी .....कॉल मंहगी
वाट्स ऐप पे ..चैट होगी कम से कम... 
उर्मिला माधव...
28.3.2016

हसद में और

हसद का और लहद का फ़र्क़ भी मालूम रखना है,
हसद में जलके रहते हैं.....लहद में दब के रहते हैं..
::
Hasad ka or lahad ka farq bhi maaloom rakhna hai,n,
Hasad men jalke rahte hain,lahad men dab ke rahte hain.
उर्मिला माधव,
28.3.2017

मुश्किलें न बढ़ा

तू मेरे दिल की मुश्किलें न बढ़ा,
मेरे घर रोज़-रोज़ चल के आ,
ख़ुद को ख़ुद ही ख़ुदा समझता है
मेरे हिस्से का काम ख़ुद न चला
उर्मिला माधव
28.3.2018

आपकी ज़रूरत थी

जब हमें आप की ज़रूरत थी,
आप दुनियाँ के ज़लज़लों में थे,
आपको हम दिखाई देते क्यों,
आप यारों के वलवलों में थे,
उर्मिला माधव

दोहा

पवन बहै विपरीत और सूरज आंख दिखात,
पीत बरन सब है गए, हरे वृक्ष के पात,
उर्मिला माधव
28.3.2019

Thursday, 26 March 2026

दुआ करते थे

तुझसे मिलने की दुआ करते थे,
हम कभी ऐसे हुआ करते थे,
किस क़दर दिल ये तड़प उठता था,
जब कभी तुझको छुआ करते थे.......
उर्मिला माधव..
27.3.2013

सबकी तक़दीर

सबकी तक़दीर सितारों से जड़ी लगती है,
अपनी सुनसान चनारों में पड़ी लगती है.......
उर्मिला माधव..
27.3.2013

ख़ास होते हैं

लोग कुछ यूँ भी ख़ास होते हैं,
वक़्त पर ग़म शनास होते हैं,
उनसे उम्मीद क्या करे कोई,
जो महज़ ख़ुद के पास होते हैं....
उर्मिला माधव...
27.3.2016

Wednesday, 25 March 2026

लफ़्ज़ों के मानी

हमने उसके वास्ते भी जाने क्या-क्या कह दिया,
जो कि लफ़्ज़ों के मआनी, तब समझता था न अब...
उर्मिला माधव

Monday, 23 March 2026

मानती हूं

वो जो कहते हैं उसे मैं मानती हूँ,
उनकी बातों के इशारे जानती हूँ,
सोचती रहती हूँ उनको रात दिन  
दायरे अपने मगर पहचानती हूँ....
उर्मिला माधव....
24.3.2014...

नुमायां वक़्त

नुमायाँ वक़्त का चेहरे पे हर इक रंग है यारब,
कभी रंगों की होली है, कभी जगमग दिवाली की..
उर्मिला माधव

ज़िंदगी सिर्फ़ चार पल की है

ज़िन्दगी सिर्फ़ चार पल की है,
आप सदियां शुमार करते हैं
उर्मिला माधव

अजनबी हो तुम

कैसे शिनाख़्त हो के वही आदमी हो तुम,
मैं जानती कहाँ हूँ तुम्हें,अजनबी हो तुम,
उर्मिला माधव

Saturday, 21 March 2026

ईद मुबारक

आजा कि मेरी जान तुझे ईद मुबारक,
नासाज़ मैं बेजान, मुझे दीद मुबारक,
अब क्या कहूँ कि मुश्किलें हैं और बेबसी 
तेरी वफ़ा की ले तुझे ताईद मुबारक..
उर्मिला माधव

ग़ैर का भी मान हो

आप अपनी ख़ाहिशों पर किस क़दर क़ुर्बान हो?
क्यों न हम ऐसा करें कुछ ग़ैर का भी मान हो,
उम्र भर खुशियां हमें देते रहे जो वालिदैन,
सिर्फ़ उनके वास्ते पथ्थर बने, अनजान हो...
उर्मिला माधव

सामना करते रहो

तुम मुसलसल ज़िंदगी का सामना करते रहो,
बिल वजह ही ख़ुद को ग़म का जाम ना करते रहो
दिल ही दिल में ख्वाहिशों की कामना करते रहो
दिल को अपनी जिंदगी से आशना करते रहो,
जो मुक़द्दर में लिखा है ख़ुद ब ख़ुद मिल जाएगा,
अपनी जाती उलझनों को आम ना करते रहो

Friday, 20 March 2026

ज़माने में बहुत

maine aahon se guzar kii hai zamaane men bahut,
phir bhi uljhan hai mujhe ghum bataane men bahut,

maine har chand hatheli se dhaka palkon ko,
dil bhi halkaan hua,ashq chhupaane men bahut,
उर्मिला माधव 

बाध्य ही तो है

बाध्य ही तो है हरेक प्राणी समर्पण के लिए,
फूल रख्खे जायेंगे हाथों में अर्पण के लिए,
बस यही अंतिम क्रिया होती है गंगा घाट पर,
बन्धु,बांधव सब जमा होते हैं तर्पण के लिए.
उर्मिला माधव....
21.3.2013...

रंगों के मौसम में रहूंगी

आज मैं रंगों के मौसम में रहूंगी,
आप की दुनियां में बाहम, मैं रहूंगी,
क्या गुज़िश्ता रंजिशों को याद रखना,
फिर कभी जंगों के आलम में रहूंगी..
उर्मिला माधव

नाचने में काट दी

हमने अपनी ज़िंदगानी नाचने में काट दी,
जो मुक़द्दर ने लिखा वो बांचने में काट दी,
थाम कर अपना कलेजा, उम्र भर देखा किये,
क्या सही और क्या ग़लत ये जांचने में काट दी,
उर्मिला माधव

Thursday, 19 March 2026

हम तुम्हें मिलें न मिलें

हम तुम,मिलें,मिलें न मिलें,कोई गम नहीं,
बस दुश्मनों से तुमको...खबरदार कर दिया...
उर्मिला माधव...
20.3.2014..

ये किसने कह दिया

ये किसने कह दिया तुमसे ?तुम्हारे दर पै आये हैं,
ये दुनियां रहग़ुज़र है और यहाँ सब राह चलते हैं...
उर्मिला माधव...
20.1.2015...

मुश्किल हो रही थी

सांस तक लेने में मुश्किल हो रही थी,
और वो कहते रहे,ये किस क़दर मग़रूर है...
उर्मिला माधव,
20.3.2017

वो दिल जला के हमें

वो दिल जला के हमें आग से बचाते हैं,
ग़ुरूर जिनको रहा अपने ख़ास होने का...

Wo dil jala ke hamen aag se bachaate hain,
Ghuruur jinko raha apne khaas hone ka..
उर्मिला माधव
20.3.2018

Wednesday, 18 March 2026

ख़्वाब बुनते हैं

बेवजह कितने ख़्वाब बुनते हैं,
अपनी मर्ज़ी से अश्क़ चुनते हैं,
ख़ुद की हस्ती को भूल जाते हैं,
सिर्फ़ ग़ैरों की बात सुनते हैं।। .
उर्मिला माधव.
19.3.2013

ग़म ज़दा हूं

ग़मज़दा हूँ,... ये सच नहीं है पर,
कुछ तो है,दिल उदास लगता है....
#उर्मिलामाधव.....
 19.3.2015
अब ये बातें क्या हमें बहलाएंगी,
झूट हैं और झूट ही कहलाएंगी..

Tuesday, 17 March 2026

चली आई

मैं उन्हें छोड़ कर चली आई 
राबिता तोड़ कर चली आई 
रु ब रू थे तो ज़ब्त मुश्किल था,
पीठ बस मोड़ कर चली आई...
उर्मिला माधव

Sunday, 15 March 2026

जब रात बहुत बढ़ जाती है

जब रात बहुत बढ़ जाती है,तब दर्द खटकने लगता है,
आँखों में नींद के आने का अन्दाज़ भटकने लगता ह,
यादों के बिखरे खण्डहर में एक आह सुनाई पड़ती है,
दीवार में तेरे साये का कोई अक्स चटकने लगता ह।। 
उर्मिला माधव..
16.3.2013

हैरान ही हुए हैं

हम ज़िन्दगी पे अब तक क़ुर्बान ही हुए हैं,
बा-बस्तगी से दिल की हैरान ही हुए हैं!!
अपनी बुलन्दियों पे क़ायम है आज भी हम,
रुसवाइयों के कितने सामान भी हुए हैं.!    
उर्मिला माधव..
16.3.2013

एक शख़्स तो ऐसा लाओ

एक शख्स तो ऐसा लाओ,
जिसमें बस ख़ूबी दिखलाओ,
#उर्मिला 
16.3.2015

Saturday, 14 March 2026

रोज़गार

एक नया ....रोज़ प्यार है जिनका,
आशिक़ी .......रोज़गार है उनका,
हमने .....उनसे भी लड़ते देखा है.
जिन पे ...दार-ओ-मदार है इनका  
उर्मिला माधव...
-----------------------------------------
ek nayaa .......roz pyar hai jinka,
aashiqi ...........rozgaar hai unka,
maine unse bhi ladte dekha hai,
jin pe ...daar-o-madaar hai inka....
Urmila Madhav...
15.3.2016

दिल हमारा दुख गया

दिल हमारा दुख गया तो फिर न बोले हम कभी,
जी में ये आता था उससे पूछ लें कैसे हो अब ?
उर्मिला माधव

रंग नहीं

जिसकी आंखों में कोई रंग नहीं,
उससे .....उम्मीद क्यों करे कोई,
उर्मिला माधव

आप हमको जानते हैं

आप हमको जानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
नाम भी पहचानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
ज़िंदगी तो दर हक़ीक़त उलझनों का नाम है,
आप ये सच मानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
उर्मिला माधव

तमाशा जिंदगानी है

तमाशा,ज़िन्दगानी है, अजब दुनिया-ए-फ़ानी में,
सफ़र है काफ़िलों में और अकेले कूच करना है,
उर्मिला माधव...

Friday, 13 March 2026

जिस्म जाँ रूह

जिस्म जां रूह सब जुदा करके,
सो गए रस्म हम अदा करके,

बोझ था, दिल पे कुछ ख़यालों का,
नींद टूटी, ख़ुदा-ख़ुदा कर के,
उर्मिला माधव

कारवां

कारवां की इस क़दर रफ़्तार भारी पड़ गई,
शोर बरपा हो रहा था और कुछ गर्द ओ गुबार
उर्मिला माधव 

Thursday, 12 March 2026

हक़ बयानी

हक बयानी हमारी फितरत है,
तुमको ग़र रूठना हो,रूठ रहो... 
#उर्मिलामाधव....
13.3.2015...

अर्ज़ ए अदब

अर्ज़-ए-अदब को अपने तरीक़े से तौल कर
हर्फ़-ए-अलम को लोग समझने में थक गए;
उर्मिला माधव,
13.3.2017

हैरान कर दे

ये मर्ग-ए-बशर सा ही अहसाह क्यूं है,
कभी ज़िन्दगी तू भी हैरान कर दे ...
उर्मिला माधव
13.3.2018

Wednesday, 11 March 2026

मैंने कहा कि जानेमन

March 8 
maine kaha ki "jaaneman!"
us ne kaha ki "kya kaha?"
maine kaha ki "kuchh nahi"
us ne kaha ki "thik hai".... Sourabh Chadhar

तुम हमें अपना

तुम हमें अपना बनालो यार अब,
वरना हम हो जायेंगे बीमार अब,
क़त्ल भी कर ही चुके हो बेहिसाब,
अपनी आँखों से हटालो धार अब,
उर्मिला माधव 

जाल कहते हैं

जहाँ इंसान को मछली,ऑ घर को जाल कहते हैं,
बड़ी हैरत है अपने मुंह से अपना हाल कहते हैं,
उर्मिला माधव 

हमारी ताबानी देखो

हमारी ताबानी देखो,कभी तुम रु-ब-रु आकर,
वगरना आँख से ओझल की दूरी है पहाड़ों सी.....
उर्मिला माधव,
12.3.2016

हज़ारों मील की दूरी

हज़ारों मील की दूरी से जो उल्फ़त जताते थे 
ज़रा नज़दीक आते ही वो गाली दे गए मुंह पर ... 
उर्मिला माधव
12.3.2017

Tuesday, 10 March 2026

जब मरीज़ों से

जब मरीज़ों से उलझने लगें तीमारदार,
उसपे घबरा के जब डरने लगें बीमारदार,

याद दिलाया है अभी

तुमने एक शख्स मुझे याद दिलाया है अभी,
उसकी तर्ज़ों को यहीं गा के सुनाया है अभी,
मुझको दरक़ार है कुछ वक़्त सँभलने के लिए,
उसकी यादों ने बहुत मुझको रुलाया है अभी.....
#उर्मिलामाधव ...
11.3.2015...

जिसका हर रंग था

जिनका हर रंग था अनादारी...
वो ही बिछते हैं अब गलीचों से
––––
Jinka har rang tha anaa daari..
Wo hii bichhte hain ab galiichon se..
Urmila Madhav...
11.3.2016

उन्सियत

लो उन्सियत न हमको ज़माने से अब रही,
ग़ैरों की जुस्तजू का सबब कुछ नहीं जनाब...
उर्मिला माधव...
11.3.2017

चलता नहीं किया

जो जिस तरह से आया उसे जज़्ब कर लिया,
मैंने किसी भी ज़ख़्म को चलता नहीं किया..
उर्मिला माधव
11.3.2018

ज़ीस्त की बुनियाद

ज़ीस्त की बुनियाद ऐसी है कि मरते ही बने,
जितना ही इसको समेटो ये बिखरते ही बने,
अनगिनत रानाइयाँ हैं किसको देखेंगे भला,
सूरत-ए-हालात ये कि ...सिर्फ़ डरते ही बने..
उर्मिला माधव..

तुम दग़ा की अजीब सूरत हो

तुम दग़ा की अजीब सूरत हो,
तुमको सोचें के अपना काम करें ?
उर्मिला माधव

Monday, 9 March 2026

आ भी जाओ कि अब

आ भी जाओ कि अब क़रार नहीं,
ज़िन्दगी है तो पर ख़ुमार नहीं,
कैसी बेजान फ़िजाँ लगती है,
मेरी बगिया में अब बहार नहीं,
रात दिन इतना याद करते हैं,
मेरी आहों का कुछ शुमार नहीं...
Urmila Madhav
10.3.2013

मंदिर में हो अज़ान

मन्दिर में हो अज़ान हों मस्जिद में घन्टियाँ,
सजदे करेगी राह में हर सम्त कहकशाँ,
नारे हों बोल बम के हर मस्जिद के सहन में,
बस धुन हो या अली की हर इक जिस्मो ज़हन में,
बस एक वतन हो दह्र में इन्सान का वतन,
मरने के बाद ओढ़ते हैं सब एकसा क़फ़न।। ......... उर्मिला माधव.
10.3.2013

ग़म ए तन्हाई का आलम

ग़मे तनहाई का आलम,
हमें जब याद आता है,
तड़प कर आँख रोती है,
कलेजा मुँह को आता है,...
Urmila Madhav..
10.3.2013

बाम तक पहुंचते

"दिलदार कोई मिलता तो बाम तक पहुँचते,
आग़ाज़ ही नहीं क्या अन्जाम तक पहुंचते,
मौसम तो बहुत देखे ना आज सा था कोई,
थी सुबहा बहुत काली क्या शाम तक पहुँचते ?....उर्मिला माधव... ♥""
31.1.2012

हम तुम्हारे प्यार में

=D 

हम तुम्हारे प्यार में.....मरने चले थे,
कैसे बुड़बक थे कि क्या करने चले थे ... :( 
उर्मिला माधव...
10.3.2014..

अपने लफ़्ज़ों से

अपने लफ़्ज़ों से न जाने क्या कहा करते हो तुम,
तिफ़्ल हो जल्दी बड़ा....ये बद्दुआ करते हो तुम.....
उर्मिला माधव....
10.3.2013...

दरिया में हम खड़े थे

दरिया में हम खड़े थे,....जज़ीरों की शक्ल में,
और ख़ुद से हम लड़े थे फ़क़ीरों की शक्ल में...
उर्मिला माधव...
10.3.2015

निवृतियों की इच्छा लेकर

निवृतियों की इच्छा रखकर जीवन भर संघर्ष किया,
इसका कुछ अनुमान नहीं है,कितना-कितने वर्ष किया,
उर्मिलामाधव...

मुझको दुनिया सराब लगती हैं

मुझको दुनिया सराब लगती है,
बे-सबब आफ़ताब लगती है,
जब भी इससे गुज़र के देखा है,
ज़िंदगी आब आब लगती है..
उर्मिला माधव

Sunday, 8 March 2026

देर करता है यूँ तो आने में

देर करता है यूँ तो आने में,
कोई तुझसा नहीं ज़माने में..
एक दिन हम रहें रहें न रहें,
उम्र भर तू रहे ज़माने में....
उर्मिला माधव

देर करता है यूँ तो आने में

देर करता है यूँ तो आने में,
कोई तुझसा नहीं ज़माने में..
एक दिन हम रहें रहें न रहें,
उम्र भर तू रहेगा ख़ाने में....
उर्मिला माधव 

ज़िंदगी ने तोड़ा है

हमें इस ज़िंदगी ने इस तरह तोड़ा मरोड़ा है,
कि जीने के लिए ख़ुद को बहुत मुश्किल से जोड़ा है,
कभी हम उठके चलते हैं कभी फिर टूट जाते हैं,
कई हालात में इसने हमें मँझधार छोड़ा है.
.।....उर्मिला माधव.
9.3.2013

जज़्बात रोते हैं

किसीकी आँख रोती है,
 मेरे जज़्बात रोते हैं,
सुबह हो शाम हो शब हो,
 क़फ़न हम रखके सोते हैं ।....
उर्मिला माधव..
9.3.2013

हर शख़्स है सोया हुआ

her shakhs hai soya hua ye zindagi ka khel hai,
jo jag gaya uska kahan iss daur main koi mail hai..??
Urmila Madhav..9.3.2013..

दर्द से भरपूर

एक शेर---- 
दर्द से भरपूर अपने लफ़्ज़ों की...तासीर से,
हर कलेजे में उतर कर पार जा सकती हूँ मैं....
उर्मिला माधव...
9.3.2014...

टंच है

🙂🙂🙂🙂

आपके हाथों में...ग़र कोई मंच है.
आपकी किस्मत समझ लो टंच है 
अच्छे अच्छे ...सामने झुक जायेंगे,
ये क़ता है और..महज़ एक पंच है....
उर्मिला माधव...
9.3.2017

उसको ये मालूम था

उसको ये मालूम था जाना नहीं है किस जगह 
अब धुएं का ज़ोर है और हर तरफ़ खामोशियां
उर्मिला माधव 
9.3.2018

Thursday, 5 March 2026

एक हुजरे में सजी

एक मतला दो शेर...
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एक हुजरे में सजी महफ़िल ग़मों की आइये,
है मयस्सर भी जगह आ जाइए जम जाइए,

लोग कहते हैं कि ये हुजरा मिरे ही नाम है,
क्या हकीक़त है इसे हज़रात सब बतलाइए,

बे-दर-ओ-दीवार का सा है तो इक हुज रा यहाँ,
इसलिए दर है खुला जब दिल करे आ जाइए,
उर्मिला माधव...
6.3.2014...

बुज़ुर्गों की मुहब्बत

बुजुर्गों की मुहब्बत के सहारे सब्ज़ होते हैं,
हमेशा मुश्किलों के वक़्त वो महसूस होते हैं,
ख़ुशी होती है,ग़र शादाब बेलें लहलहाती हैं,
शजर के साये,उनके वास्ते,मह्फूज़ होते हैं...
उर्मिला माधव...
6.3.2014...

सब्ज़---हरे 
शादाब---हरा-भरा 
शजर---पेड़ 
मखसूस--- particular ख़ास

ख़्वाब हम देखते नहीं

ख़्वाब हम देखते नहीं हैं अब,
जां कहीं और हम कहीं हैं अब,
पहले उड़ते थे आसमानों में,
ख़ास ये है के बस यहीं हैं अब,
#उर्मिलामाधव ...
6.3.2015....

हुस्न परियां हज़ार फिरती हैं

हुस्न परियां हज़ार फिरती हैं,
जाइये सबको दिल में रख लीजे,
अपनी चाहत को क्यूं दबाते हैं,
कुछ मुहब्बत का स्वाद चख लीजे..
उर्मिला माधव 

ख़ुद तो बेइमानियों से चलते हैं

ख़ुद तो बेइमानियों से चलते हैं,
उसपे बेचैन हो मचलते हैं,
एक तो सिर्फ़ मेरे हैं ही नहीं,
उसपे छुप छुप के राह चलते हैं,
उर्मिला माधव

Wednesday, 4 March 2026

छुपाते हैं

दिल के हालात हम छुपाते हैं,
इसलिए.....खूब मुस्कुराते हैं, 
दर्द-ए-गम ओढ़नी से ढकते हैं 
छुप के....कोने में बैठ जाते हैं,
उर्मिला माधव...
5.3.2014...

ख़राब लगती है

मुझको होली ख़राब लगती है,
सच तो ये है,अज़ाब लगती है,
दिल तो मिलते नहीं हैं लोगों के,
झूठ का इक नक़ाब लगती है.....  
#उर्मिलामाधव ...
5.3.2015

सच बोलने की कीमतें

हम चुकाते रह गए ...सच बोलने की कीमतें,
तोड़ कर जाते रहे सब .उम्र भर की निसबतें,
यूँ भी तबियत के हमेशा हम बहुत नादिर रहे,
रास भी आईं तो कुछ तन्हाईयाँ और ख़लवतें.
उर्मिला माधव
5.3.2016

Tuesday, 3 March 2026

तुमको देखा

तुमको देखा तो अचानक ये ख़याल आया हमें,
ज़िन्दगी की रहगुज़र में तुम भी मेरे साथ थे 
उर्मिला माधव...
4.3.2016

ये दिल भी

ये दिल भी इक अजब सा मसअला ही है
कहाँ कब टूट जाता है, ये अंदाज़ा नहीं होता..
उर्मिला माधव
4.3.2018

तुम्हें तरजीह

तुम्हें तर्ज़ीह देने के मआनी इस तरह होंगे,
इज़ाफ़ा अपनी तक़लीफ़ों में अपने हाथ से करना,
उर्मिला माधव
4.3.2018

बार ए ग़म

इस क़दर कंधों पे रख्खा बार-ए-ग़म
कुछ क़दम चल के ज़ियादः थक गए
उर्मिला माधव

Sunday, 1 March 2026

हमको भी मुश्किलों से

हमको भी मुश्किलों से मुहब्बत सी हो गई,
ये जान के ही बाद-ए-सबा थक के सो गई,
#उर्मिलामाधव ....
2.3.2015...

जुबां से रंग कह दूं तो

जुबां से रंग कह दूं तो समझ लेना के होली है, 
महज़ सादा बयानी है मुझे कहना नहीं आता,
उर्मिला माधव
2.3.2018

ये सच है

ये सच है गा तो लेती हूँ,मगर ख़ुद के लिखे मिसरे,
किन्हीं ग़ैरों के लफ़्ज़ों को, अदा से पढ़ नहीं सकती
उर्मिला माधव

असलियत किरदार की

आपने देखी कहाँ है,असलियत किरदार की,
जो दिखाया जा रहा था,.वो ही देखा आपने ..
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Aapne dekhi kahan hai,asliyat kirdaar ki,
Jo dikhaya ja raha tha,wo hi dekha aapne..
उर्मिला माधव,

दोनों बिल्कुल एक हैं

ख़ाकसारी और बिमारी, दोनों बिल्कुल एक हैं,
दोनों ही हालात में तो ख़ुश्क हो जाते हैं लब,
उर्मिला माधव,

सब्र कर लिया

मैंने तुम्हारे नाम पर अब सब्र कर लिया,
अपने दिल ओ दिमाग़ पर बस जब्र कर लिया,
पत्थर का दिल है अब ये कहीं टूटता नहीं,
इस ज़िंदगी को अपने तईं क़ब्र कर लिया,
उर्मिला माधव

अजीब शख़्स था

कैसा अजीब शख़्स था बईमान हो गया,
उसकी निगह ए नाज़ का नुक़सान हो गया..
उर्मिला माधव

Saturday, 28 February 2026

सीख लेगा

सीख लेगा अब ये दिल भी ज़ब्त का जो तौर है,
ग़ैर की महफ़िल की जानिब तेरा चश्म-ए- ग़ौर है,
ख़ुद ही शर्मिन्दा हैं खुद से,ग़ैर से शिक़वा ही क्या,
वो जो तेरी रह गुज़र थी उसका रुख़ कुछ और है .....उर्मिला माधव
1.3.2013

एहतराम करते हैं

♥ ♥
tera hum ahtraam karte hain,
tujhko dil se salam karte hain..
mere hathon main kuchh nahin phir bhi,
jaan-o dil tere naam karte hain...Urmila Madhav..
1.3.2013

सब के सब बहरूपिए

सियासत के नाम...
-------------------
सब के सब बहरूपिये से हो गए हैं,
चंद सिक्कों की ख़नक में,खो गए हैं,
दर्द की आवाज़ ये सब क्या सुनेंगे,
कान में उँगली लगा कर सो गए हैं....
उर्मिला माधव...
१.3.२०१४ ...

ज़िंदगी कमाल करे

ज़िन्दगी कमाल करे.....कैसे-कैसे हाल करे,
कोई जब सवाल करे..कहो क्या बताएँ हम??
हर घड़ी मलाल करे,ऐसी कुछ मिसाल करे,
रंज-ओ-गम बहाल करे,पार कैसे पायें हम ??
उर्मिला माधव..
1.3.2016

हो तो सही

क्यों गुज़ारिश करूँ समंदर से,
तिश्नगी, तिश्नगी सी हो तो सही....
उर्मिला माधव...
1.3.2016

आकिल है

हर एक शख़्स यहाँ ख़ुद-ब-ख़ुद में आकिल है,
तो फिर वो कौन हुए,...जिनको बेवकूफ़ कहा ?
🤔🤔🤔🤔🤔
Har ek shakhs yahan,khud-b-khud men aaqil hai,
To Phir wo kaun hue, jinko bewakuf kahaa?
उर्मिला माधव,
1.3.2017

बंदगी

बन्दग़ी, नाम है तमाशे का,
ग़ैर मुमकिन है,ग़म ग़लत होना,
उर्मिला माधव

जो हुआ वो ख़ूब है

और कितना आज़माना जो हुआ वो ख़ूब है 
तुम वही हो हम वही राज़-ए-निहाँ कोई नहीं 

है नया कुछ भी नहीं क्यूँ इस क़दर हैराँ हुए 
साथ चलने को तुम्हारे ऐ मियाँ कोई नहीं 
#उर्मिला_माधव
#बज़्म_ए_शोअरा✍

क्या करते

दिल में ख़ाहिश नहीं बची कोई,
हम तुझे देख कर भी क्या करते,
कोई मंज़र ही जब न जंचता हो,
तब भला फ़ैसला भी क्या करते..
उर्मिला माधव

Friday, 27 February 2026

तुमको कैसे मीत कहें हम

तुमको कैसे मीत कहेँ हम,
हार को कैसे जीत कहेँ हम,
जो अब तक ना देखी हमने,
उसको कैसे प्रीत कहेँ हम।।          
              उर्मिला माधव.....

कुछ टूट सा गया है

कुछ टूट सा गया है पर एहसास नहीं है,
शायद है दिल हमारा कुछ ख़ास नहीं है,
हम अहले वफ़ा हैं तो रहें इससे क्या सबब,
अब कुछ भी जुस्तजू के सिवा पास नहीं है।....
उर्मिला माधव.
28.2.2013

दिलकशी

पैदा,जज़्बों में दिलकशी करलो,
या करो यूँ के ख़ुदकशी कर लो,...
#उर्मिलामाधव....
28.2.2015...

ख़ामाख़यालियों में

ख़ामाख़यालियों में सुलगते हैं जिनके ग़म,
उनको दिलों की आग ही...जीने नहीं देती.....
उर्मिला माधव...
28.2.2017

इक ख़ालिश

इक ख़लिश लेके तोड़ दी हमने,
जिस को हम दोस्ती समझते थे,
उनको अपना बनाके देख लिया,
जो फ़क़त अजनबी समझते थे
उर्मिला माधव

हम खड़े थे

हम खड़े थे चाहने वालों की भारी भीड़ में 
आपने उलझा दिया बस अपने दिल तक खींच के..
उर्मिला माधव 

एक ज़रा सी बात पर

एक ज़रा सी बात से वो इस क़दर घबरा गए,
एक पल में तीर और तलवार लेकर आ गए,
उर्मिला माधव

मौसीकी के नाम पर

हम तो आए थे फ़क़त इक मौसीकी के नाम पर,
आपने तन्हा किया है अपने दिल तक खींच कर,
Urmila Madhav

लौटा दिया

अपने दर से उसने जब लौटा दिया,
मेरी इक तहरीर को रुसवा किया,
हम से क्यों उम्मीद है इक लफ़्ज़ की,
जब मेरा लिख्खा हुआ मिटवा दिया..
उर्मिला माधव

मौसीकी के नाम पर

हम तो आए थे फ़क़त इक मौसीकी के नाम पर,
आपने तन्हा किया है अपने दिल तक खींच कर,
Urmila Madhav

Thursday, 26 February 2026

ज़िंदगी ज़िंदादिली

ज़िन्दगी,ज़िन्दादिली बस नेमतों का हर्फ़ है,
है बुलन्दी एक जैसी, नाम भर का फ़र्क है,
भूल जाए ज़िन्दगी को जो इसे रुसवा करे,
ऐसी रुसवाई के मानी तो ज़रेब-ए-ज़र्फ़ है ।
....उर्मिला माधव..

आंसू से भरी हैं ये आँखें

"आँसू से भरी हैं ये आँखें, ज़ख़्मों से भरा ये सीना है,
बरपा है क़हर तक़लीफों का, आया होठों पै पसीनाहै,
हर ज़ख़्म लहू जब देता है, मजबूर नज़र चकराती है,
तू शान-ए-क़रीमी रख भी ले तूफां में अब ये सफीना है।। 
उर्मिला माधव...

तस्वीरे कायनात का रुख

तस्वीरे कायनात का रुख़ कब बदल गया,
हाथों की उंगलियों प कहाँ गिन सका कोई...
उर्मिला माधव

Wednesday, 25 February 2026

तुमसे है कितनी मुहब्बत

तुमसे है कितनी मुहब्बत क्या बताएँ ?
हाँ , तुम्हारी भीड़ का हिस्सा नहीं हम
उर्मिला माधव 

करके नहीं थका

एक तू है कभी बेवफ़ाई करके नहीं थका,
एक मैं अकेली तुझसे वफ़ा करके थक गई,
उर्मिला माधव

Tuesday, 24 February 2026

वफ़ा छोड़ जाऊंगी

ऐसे कभी भी तुमसे न मिलने मैं आऊंगी,
मर भी गई तो अपनी वफ़ा छोड़ जाऊंगी..
उर्मिला माधव

आना था

उसने आवाज़ दी तो आना था,
हम हैं बीमार ये बताना था,
उसके कहने पे हम हैं हाज़िर भी,
वरना क्या ख़ाक ये ज़माना था..
उर्मिला माधव

सावन उदास क्यों है


बारिश तो हो रही है सावन उदास क्यूँ है?
तनहाइयों का आलम ही आसपास क्यूँ है?
काली घटा के साये घिर-घिर के आ रुहे हैं,
अब तेरी मुहब्बत का ऐसा लिबास क्यूं है?.....
उर्मिला माधव
25.2.2013

बीच राह में छोड़कर


वो ख़फ़ा हुए और चले गए,
मुझे बीच राह में छोड़ कर,
मेरी बात तक भी सुनी नहीं,
हूँ अभी तलक उसी मोड़ पर,
बड़ी बे-रुख़ी सी दिखा गए,
मेरे दिल को तोड़ मरोड़ कर ।।
...उर्मिला माधव..

गुलबदन कह दो मुझे


गुल नहीं बुलबुल नहीं तुम गुलबदन कहदो मुझे,
अपने गुलशन की फ़िज़ाँ का रंग-ए-गुल देदो मुझे,
अपने शाने पर मेरा सर देखना तुम दम ब दम,
अपनी साँसों की तपिश का ज़लज़ला देदो मुझे,
और उसी अन्दाज़ में मर जाऊँ है ख़्वाहिश मेरी,
तुम ज़ुबाँ से हाँ कहो एक सिलसिला देदो मुझे ।।....उर्मिला माधव
25.2.2013

इतनी ऊंची उड़ान

इतनी ऊंची उड़ान मत करना,
चाह को आसमान मत करना,
 
बात कहना तो वो मुक़म्मल हो,
अपनी झूठी ज़बान मत करना,
उर्मिला माधव 

रब की दुआ

जिसमें रब की दुआ न शामिल हो,
वो इबादत हराम है मुझको,
जिसमें रब की रज़ा न शामिल हो,
वो इजाज़त हराम है मुझको...
उर्मिला माधव 

मुश्किल ओ हादिसात से घबरा गए हैं हम

इंसाँ की ज़िंदगी भी

इंसाँ की ज़िन्दगी भी हर ग़ाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे आब-ए-हयात रखलूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो रफ्तार हो मुकम्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव....

Monday, 23 February 2026

रंजो ग़म

मैं फ़क़त रंज-ओ-ग़म समझती हूँ,
और सब कम से कम समझती हूँ,
उर्मिला माधव..

Sunday, 22 February 2026

इक तमाशा

इक तमाशा था बहुत लंबा चला,
बिल वजह बिन बात के अच्छा चला
बिन किसी मंज़िल के वो ज्यादा चला,

हम बहुत कोशिश में थे, सब भूल जाएं,
बिन किसी बुनियाद के ज़्यादा चला, 
उर्मिला माधव 

Saturday, 21 February 2026

गली गली में

गली-गली में ग़ालिब मिलते,हर नुक्कड़ इक मीर मिले,
बड़े ग़ज़ब के तेवर इनके जैसे इक शमशीर मिले,

बड़ी हिक़ारत से देखा जब उनसे दुआ सलाम हुई,
सोच रहे थे वो आख़िर क्यों मुफ़लिस को जागीर मिले,
उर्मिला माधव...
12.9.2016

मुलाक़ात नहीं होगी


अब तुमसे ज़िन्दगी में मुलाक़ात नहीं होगी,
गर लौट भी आओगे तो वो बात नहीं होगी,
क़दमों पै जब तुम्हारे सजदे किये थे दिलने,
अब चाह कर भी ऐसी ख़ैरात नहीं होगी..।।.....
उर्मिला माधव..
22.2.2013.

जबसे तुम्हारे प्यार में बहने

जब से तुम्हारे प्यार में बहने लगे थे हम,
इस ज़िंदगी को ज़िंदगी कहने लगे थे हम..
उर्मिला माधव 

आती है नानी याद हमें

आती हैं नानी याद हमें,
जब पानी भी नईं मिलता है,
जो फूल तुम्हें मन भाता है,
वो पानी से ही खिलता है..
उर्मिला माधव..
22.2.2016

घर

घर दुविधाओं ने घेरा है,
लगता है बहुत अँधेरा है,
लो नींद उड़ा दी मस्तों ने,
कुछ नकली वतन परस्तों ने,

ख़ाक छान के

ख़ाक छान के इतना ही जाना है बस 
दुनियांदारी अपने बस की बात नहीं,
उर्मिला माधव,
22.2.2018

फिर से जीने का इरादा

फिर से जीने का इरादा कर लिया क्या?
तुमने अपने ग़म से वादा कर लिया क्या?

आज कल क्या बात से फिरते नहीं तुम?
सच बताओ, दिल कुशादा कर लिया क्या?
उर्मिला माधव

जी से हर शख़्स

जी से हर शख़्स जब उतर जाए
राबिता दरमियां बिखर जाए,
हक़ बुलंदी है सिर्फ़ ख़ामोशी,
बस किसी ग़ैर के न घर जाए...
उर्मिला माधव,

Thursday, 19 February 2026

शहर में देखा था

हमने तुमको ग़ैर शहर में देखा था,
धक से रह गए ख़ास नज़र में देखा था 
तस्वीरों का क्या है एडिट हो जाती हैं,
हैरत ये है तुमको डर में देखा था..
उर्मिला माधव

नहीं संभले

एक क़ता----
बाद मुद्दत भी वो नहीं संभले,
उनकी किस्मत की नातवानी है, 
उनके किस्से में एक किस्सा है,
चस्पां किस्से में एक कहानी है...
उर्मिला माधव ...
20.1.2014..

अदब

तुमने अपना अदब कहाँ खोया??
मुझको है चोट मन बहुत रोया,
-------------------------------
tumne apna adab kahaan khoya ??
mujhko hai chot man bahut roya...
Upadhyay Urmila...
20.202014..

झुंड बस

झुण्ड बस गीदड़ों का होता है,
शेर की एक दहाड़ काफ़ी है....
#उर्मिला माधव...
20.2.2015..

मुहब्बत हम नहीं करते

बड़े ठसके से यूँ बोले.......मुहब्बत हम नहीं करते,
तो हमने कह दिया जाओ,मियाँ हम गम नहीं करते,
उर्मिला माधव...
20.2.2016

सब परिधिया

सब परिधियाँ अर्थ अपने खो चुकी हैं सृष्टि में,
अब रहा संसार .......सो है शून्य मेरी दृष्टि में,
कौन गणनाएँ करे आघात ऑर प्रतिघात की,
चेष्टाएँ सब उपेक्षित .....पीर की अतिवृष्टि में,
उर्मिला माधव...
15.11.2016

Monday, 16 February 2026

तू जो मेरा दोस्त है

तू जो मेरा दोस्त है तो आ इसे साबित तो कर,
वरना ये सब उम्र भर भटकन किसे मंज़ूर है,
हम चले जाएंगे इक दिन तेरी दुनिया छोड़कर 
फिर न कहना ये किसी से यार दिल्ली दूर है,
उर्मिला माधव

क्यों शुमार करते हो

मौसिक़ी क्यों शुमार करते हो,
उसपे कहते हो, प्यार करते हो,
हमको कैसे यक़ीन हो आख़िर,
तुम तो सब कुछ बज़ार करते हो..
उर्मिला माधव

Thursday, 12 February 2026

कर दिया इनकार उसने

जब हमें पहचानने से कर दिया इनकार उसने,
और हम कहते भी क्या बस ये कहेंगे दुख हुआ,
कौन अब जाता है इतनी दूर चल कर अय मियां,
उससे मिल कर क्या बताएं ये कहेंगे दुख हुआ.
उर्मिला माधव

Wednesday, 11 February 2026

उजड़े हुए दयार

उजड़े हुए दहर में कहाँ मुस्कुराऊँ में?
वीरान हर शहर है कहाँ बच के जाऊँ में?
सैलाब जैसा आया था इस हाल से रोए,
आँसू भी ख़ुश्क होगए अब क्या बहाऊँ मैं?.......
उर्मिला माधव..
12.2.2013

हमको निगाहे नाज़ से

हमको निगाहे नाज़ से देखा तो क्या किया,
दिलदार वाले ढब से ज़रा हौसला करो,
तुम चाँद-चाँद कहके बहुत दूर हो गए,
अब ग़ालिबाना हक़ भी कभी तो अदा करो,.....
उर्मिला माधव.
12.2.2013

ज़िंदगी से खेलती

ज़िन्दगी से खेलती रहती हूँ मैं,
ग़म हज़ारों झेलती रहती हूँ मैं,

इक सुकून-ओ-चैन पाने के लिए,
कितने पापड़ बेलती रहती हूं मैं,
उर्मिला माधव
12.2.2019

शबनमी

शबनमी अश्कों का पलकों पर बसेरा हो गया,
कुछ ज़ियादा बोझ था, दिन बिन ढले ही सो गया,

ग़म रहेगा

उंसियत मुझको कोई दरकार कब है,
हां मगर जो ग़म है, वो तो ग़म रहेगा,
उर्मिला माधव

ज़िंदगी भर

ज़िन्दगी भर जिसको दर आग़ोश रखते, 
हमने कोई शख़्सियत ऐसी न देखी..
उर्मिला माधव,

वक़्त ही बतलाएगा

कौन किसको छोड़ देगा वक़्त ही बतलाएगा,
कौन कब दम तोड़ देगा वक़्त ही बतलाएगा,
एक हम्बल आदमी हैरान कर सकता है जब
किस तरफ़ दिल मोड़ देगा,वक़्त ही बतलाएगा
उर्मिला माधव

बचालो

मैं ख़ुद को तोड़ने पर तुल गई हूं,
चले आओ मुझे मुझसे बचा लो..
मेरी आंखों में आकर दम रुका है,
ये ख़ाहिश है कि सीने से लगा लो..
उर्मिला माधव

डॉक्टर को देखो अभी

तुम किसी और को तलाश करो
मैं तुम्हारी तलाश हूं ही नहीं
तुम किसी डॉक्टर को देखो अभी,
मैं कोई आब पाश हूं ही नहीं..
उर्मिला माधव

ख्वाहिश नहीं बची कोई

दिल में ख़ाहिश नहीं बची कोई,
हम तुझे देख कर भी क्या करते,
कोई मंज़र ही जब न जंचता हो,
तब भला फ़ैसला भी क्या करते..
उर्मिला माधव

आशिक़ी छांटा करो

अय मियां तुम आशिक़ी छांटा करो,
हर किसीको अपना दिल बांटा करो,
चार दिन की है जवानी ...और क्या,
जो भी रोके उस को तुम डांटा करो...
#उर्मिलामाधव..

Tuesday, 10 February 2026

खोए ही नहीं

तुम जानते हो रात भर हम सोए ही नहीं 
आज़ार था बुखार का बस रोए ही नहीं 
तस्वीरें गिन रहे थे सितारों की तर्ज़ पर
क़ायम हमारा होश था बस खोए ही नहीं...
उर्मिला माधव

तुम जानते हो

तुम जानते हो रात भर हम सोए ही नहीं 
आज़ार था बुखार का बस रोए ही नहीं 
तस्वीरें गिन रहे थे सितारों की तर्ज़ पर
क़ायम रहा था होश कि बस खोए ही नहीं..
उर्मिला माधव

भुला दिया मुझको

अपना आपा भुला दिया मुझको,
जाने क्या–क्या भुला दिया मुझको..
मैं भी ख़ुद को बुरा समझने लगी,
इतना ज़्यादा भुला दिया मुझको,
उर्मिला माधव

वक्त बाक़ी है

अभी तो रात गुज़रने में वक़्त बाक़ी है
अभी से फ़ैसला करने का हक़ नहीं तुमको 
हमारी रफ़्त का हिस्सा है सिर्फ़ हंस देना,
बला का हौसला करने का हक़ नहीं तुमको
उर्मिला माधव

Monday, 9 February 2026

मैं आइना हूं मुझे इस तरह बुरा न कहो 

तुम्हारे दाग़ दिखाने का काम क्यों हो मुझे,
ये ख़ून ए ज़ख़्म है इल्ज़ाम मुझको देते हो

नहीं है रंगे हिना इसपे तज़्किरा न कहो,

राज़ रखेंगे

हम रोयेंगे ज़रूर मगर राज़ रखेंगे,
तस्वीर तेरी दिल के बहुत पास रखेंगे,
कितने भी बिलख जायेंगे ज़ाहिर न करेंगे,
यूँ अपनी ज़िन्दगी को बहुत ख़ास रखेंगे।।..
उर्मिला माधव..
10.2.2013

Sunday, 8 February 2026

ख़ुमार है

तेरे इश्क़ में जो ख़ुमार है
तेरी बन्दग़ी से जो प्यार है 
मुझे फ़िक्र है न गिला कोई
मेरी रूह तुझपे निसार है
मेरा दिल है तुझसे ही आशना
नहीं ग़ैर नज़रे शुमार है.......।।
उर्मिला माधव....
15.10.2013..

गुरूर होता है

जिसको ख़ुद पर ग़ुरूर होता है,
शख़्स वो बे-शऊर होता है,

शख़्सियत उसकी कुछ नहीं होती,
फिर भी बहमों से चूर होता है,

जिसको हर जान से मुहब्बत हो,
उसके चेहरे पे नूर होता है,

ख़ुद ही ख़ुद मे जो कोई जीता है,
हर कोई उससे दूर होता है,

खुद को सबसे जुदा दिखाना ही,
बस दिमाग़ी फ़ितूर होता है,

सबके दिल में जगह बना पाना,
एक उम्दा सुरूर होता है ।।...
उर्मिला माधव...
९.२.२०१४..

यंत्रणा

प्रेम भी एक मृत्यु जैसी यंत्रणा है,
भावना की और ह्रदय की मंत्रणा है...
उर्मिला माधव...
९.२.२०१४...

हिसार कहां

ज़िंदगी जिसमें बहुत देर रुका करती थी,
वो सनमख़ाने कहाँ और वो हिसार कहाँ,
उर्मिला माधव,
9.2.2017.

दूरी

जिसे हम चांद कहते हैं उफ़क़ से देखता है वो,
ज़मीं पर हम खड़े हैं और हज़ारों मील की दूरी..
उर्मिला माधव 

Saturday, 7 February 2026

मग़रूर जैसे

लोग कुछ मगरूर जैसे लग रहे थे,
खुद ही खुद में,चूर जैसे लग रहे थे
वो बहुत मीठी ज़बां सब बोलते थे,
थे वहीँ.....पर दूर जैसे लग रहे थे,
उर्मिला माधव...
8.2.2014..

नींद आई

नींद आई तो ख़्वाब देखेंगे,
जोड़ बाक़ी,हिसाब देखेंगे
कैसे ख़ुद पै हंसे कहाँ रोये,
दिन का लब्बो लुवाब देखेंगे....
#उर्मिला
8.2.2015...

नहीं चाहती हूं

मैं ये तेरी दुनियां नहीं चाहती हूँ,
मुझे मेरी दुनियां बनाने का फ़न दे,

मिरा चश्मे गिर्या से क्यों राबिता हो,
मुझे मेरी खुशियां मनाने का फ़न दे,
उर्मिला माधव 

यही तो बात है सईयो

एक छोटी सी नज़्म ...

यही तो बात है सईयो, .....हमें झुकना नहीं आता,
अगर हम सर झुकाते तो हमारी जां निकल जाती,
तो फिर जीने के क्या मानी, कहानी ही बदल जाती,
हमें तसलीम करने का .......सलीक़ा ही नहीं आया,
अगर आता तो हर मुमकिन, तबीयत भी संभल जाती,
उर्मिला माधव

ज़रूरत क्या है

कोई भी इल्ज़ाम लगाने की ज़रूरत क्या है?
बात बे बात बिखर जाने की ज़रूरत क्या है?
जो भी शिकवा हो उसे कहके बराबर करलो,
फिर ये जज़्बात छुपाने की ज़रूरत क्या है?...
उर्मिला माधव..

Friday, 6 February 2026

तुमको निहारूं

tumko nihaarun umr bhar ye chahta hai dil, miraa
kitne pyaare hath hain or chehra jhilmil chand saa, 😊😊
Urmila Madhav..

हद से ज़्यादा

हद से ज़्यादा खुदा की...अना हो गयी,
मेरे हाथों की मेंहदी......फना हो गयी,
नाम जिसका लिखा था जबीं पर मेरी,
उम्र भर को वो बिंदिया..मना हो गयी....
उर्मिला माधव...
7.2.2014

जोश क्यों

सब सहम कर होगए,खामोश क्यूँ??
अब नहीं आता किसीको जोश क्यूँ??
वो कहाँ हैं जो अभी तक...साथ थे??
कुछ बताओ हो गये गुम होश क्यूँ ??
उर्मिला माधव...
7.2.2014...

Thursday, 5 February 2026

नींद मुझको

नींद मुझको जोर से अब आ रही है,
देह बिस्तर पर बिखरती जा रही है,
इसलिए अब कल सुबह मैं आउंगी,
वो सुबह जो कल सुबह ही आ रही है....
उर्मिला माधव... 
6.2.2o14

ख़ुश क़िस्मती हमारी

ख़ुश किस्मती हमारी करते हैं सब मुहब्बत,
क्यूँ दुश्मनी लगे है,...ज़ाहिर तो हो बिरादर.....
#उर्मिला 
6.२.2015

पंखों से उड़ गए हैं

पंखों पै उड़ गए हैं,ख्वाब-ओ-ख़याल मेरे,
रश्कों से जुड़ गए हैं,..कितने कमाल मेरे.....
#उर्मिला 
6.२.2015

ज़रा सुनना

ज़रा सुनना जहाँ वालो ....हमें ऊपर को चढ़ना है,
अगर कोई सर मुहैया हो तो हमको इत्तिला करना,
.............
Zara sunna jahan walo,Hamen oopar ko chadhana hai,
Agar koii sar muhaiya ho to hamko ittila karna..
उर्मिला माधव ..
6.2.2017

Wednesday, 4 February 2026

फ़िक्र मिटा डालो

सबसे पहले दिल से फ़िक्र मिटा डालो,
इधर उधर जो भी हैं ज़िक्र मिटा डालो,
जैसा भी होना है सब ख़ुद हो जाना है,

Tuesday, 3 February 2026

जमादे रंग बस अपना

जमादे रंग बस अपना...कि मौसम हो तो ऐसा हो,
हकीक़त भी लगे सपना कि मौसम हो तो ऐसा हो,
नज़र की हद तलक तो है....वसंती रंग की दुनियां,
न हो खुर्शीद में तपना....कि मौसम हो तो ऐसा हो....
उर्मिला माधव...
4.2.2014....

चाह करते ही नहीं

हम नज़र से देख कर भी वाह करते ही नहीं,
हो रहो तुम बेवफ़ा,हम आह भरते ही नहीं,
पास आओ दूर जाओ ये मशक़्क़त तुम करो,
हम मुहब्बत की तुम्हारी चाह करते ही नहीं ...
#उर्मिलामाधव..
4.2.2016

ज़ख़्म गिनती में चार

ज़ख़्म गिनती में .....चार लगते थे,
ये भी दुनियां ही गिन सकी शायद...
उर्मिला माधव ..
4.2.2017

कुछ इरादे

कुछ इरादे ज़िन्दगी के यूँ भी हो जाते हैं चूर
हम नहीं चाहें मगर दुनियां उड़ा देती है होश
उर्मिला माधव
4.2.2018

पहले बिखरे सांप मिले हमको

सबसे पहले बिखरे सांप मिले हमको,
फिर ये देखा सबका एक पिटारा था,
उर्मिला माधव

तुम्हारा जाना ही

तुम्हारा जाना ही मुश्किल में डाल देता है,
कैसे बतलाऊं मेरा दिल निकाल लेता है,
हम बिखर जाएं चलो ठीक कभी यूं भी सही
ख़ैरियत ये है कि महफ़िल संभाल लेता है...
उर्मिला माधव

Monday, 2 February 2026

इक ख़ुशी

जितना आसां हैं ..ख़ुदकुशी लिखना,
उतना मुश्किल है इक ख़ुशी लिखना..
#उर्मिला
3.2.2015..

उम्र भर चलते रहे

उम्र भर चलते रहे बस यूँ मेरे तनहा क़दम,
रहनुमाई भीड़ की ज़न्जीरे पा लगती रही। ...
उर्मिला माधव। ...
3 .2 .2017

फ़र्शी सलाम

कौन था,किसने किया,गंगा को यूँ फर्शी सलाम,
ऐसा क्या सजदा किया जो फिर नहीं उठ्ठा कभी...
उर्मिला माधव। ....
3 .2 .2017

हवा में बह गए

उम्र भर वो याद मुझको रह गए,
बिन कहे जो सारी दुनियां कह गए,
रास्ते तो आज तक भी हैं वहीं,
एक वही थे जो हवा में बह गए,
उर्मिला माधव..
3.2.2018

जिसको चस्का हो

जिसको चस्का हो शराबे वस्ल का,
वो मज़ा क्या पाएगा दरअस्ल का,
कितनी शिद्दत है किसीकी चाह में
इम्तिहां हो आदमी की नस्ल का ।। 
उर्मिला माधव.

प्यार का सिलसिला

प्यार का जब सिलसिला जाता रहा,
मुझको उस से हर गिला जाता रहा,

कोशिशें उसने मगर जारी रखीं,
जब भी जी चाहा मिला,जाता रहा,
#उर्मिलामाधव

Sunday, 1 February 2026

जान कर उसने

जान कर उसने उठाये ग़म बहोत,
ख़ासकर हमको दिखाए ख़म बहोत,
ग़ैर की ख़िदमत में है यूँ मुब्तिला,
देख कर ये मुस्कराये,हम बहोत....
::::
Jaan kar usne uthaaye gam bahot,
Hamko jab usne dikhaye,kham bahot,
Gair ki khidmat hai yun ,mubtila,
Dekh kar ye muskaraaye ham bahot..
उर्मिला माधव
27.1.2016

कोफ़्त होती है

कोफ़्त होती है हर इक हालात से,
उठ गया दिल आदमी की ज़ात से..
उर्मिला माधव
2nd February
2018

इक गुलामी की हदों

इक ग़ुलामी की हदों तक जा नहीं सकते हैं हम..
यूं समझ लीजै कि दिल का दिल से इस्तक़बाल है
उर्मिला माधव

Thursday, 29 January 2026

अदा दिखलाओगे

वक़्त को तुम क्या अदा दिखलाओगे?
हम न कहते थे???बहुत पछताओगे...

आख़िरश कब तक रहेगा रंग-ओ-बू,
एक दिन तो .....सादगी पर आओगे....
#उर्मिला
30.1.2015...

खोले ही कहां

मैंने कुछ औराक खोले ही कहाँ,
इतने सारे सच थे,बोले ही कहाँ,
मुस्कुरा कर आँख ने देखा बहुत,
सच कहूं जज़्बात,तोले ही कहाँ,
उर्मिला माधव....
30.1.2017

परेशान कर दिया

दुनिया की हरक़तों ने .......परेशान कर दिया, 
अपनी तरफ से हमको ....बियाबान कर दिया, 
हिन्दू कहा हमें ........तो कभी और कुछ कहा, 
जब दिल हुआ तो हमको मुसलमान कर दिया...
#urmila
30.1.2015

जिस्म सारा

जिस्म सारा जल गया तो रूह ऊपर आ गई,
Jism sara jal gaya to rooh bahar aa gaii..

खो दिया

अच्छे बुरे हों जैसे भी हम अपने साथ हैं,
प आपने तो ऐसे बुरों को भी खो दिया
उर्मिला माधव
30.1.2018

सबको

सबको मुहब्बतों से नवाज़ा किये हैं हम,
अब सोचते हैं , सबसे कहीं दूर जा बसें
उर्मिला माधव 
30.1.2019

Wednesday, 28 January 2026

हमको क़िस्तों में मिले

हमको क़िस्तों में मिले हैं ग़म बहुत,
ख़ास रिश्तों में भी निकले ख़म बहुत,
ग़म शनासी से .........बहुत हारे हुए,
हर फ़रिश्ते ने किया ...बरहम बहुत...
उर्मिला माधव

Sunday, 25 January 2026

शेर ओ सुखान

शेर-ओ-सुखन का रंग भी कितना अजीब है,
रहते हैं सब ज़मीं पै मगर आसमां लिखें,
दिल रंजगर ऑ आँख में आंसू भी ख़ूब हैं,
जलती हुई क़लम से मगर शादमां लिखें.....
उर्मिला माधव...
शादमा / ख़ुश

Saturday, 24 January 2026

मजरूह दिल

दो शेर
वो भी मजरूह दिल छुपाया किये,
हम भी पहुंचे नहीं दवा होकर,

पिछली गलियों को हमने छोड़ दिया,
गर चे गुज़रे भी तो हवा हो कर..
उर्मिला माधव,
9.9.2017

कौन पूछे

कौन पूछे किसीका हाल यहां,
सब तो अपनी दुहाई देते हैं,
खुलती है,जब भी आंख मुश्किल से
तंज़ गहरे सुनाई देते हैं...
उर्मिला माधव,
19.9.2017

banke जो तस्वीर थी

Ban ke jo taiyyar thi, tasveer paani me gaii,
Ek kahaani khoob thii jo, lan taraanii me gaii..

बन के जो तैयार थी तस्वीर, पानी में गई,
इक कहानी ख़ूब थी,जो लनतरानी में गई...
उर्मिला माधव
8.4.2018

Saturday, 17 January 2026

हम तो कितनी बार गए हैं

हम तो कितनी बार गए हैं, उसके घर के दरवाज़े तक,
वो ही कभी न आया फिर के अपने किये हुए वादे तक..

दर्द में पिन्हा होकर भी बस खामोशी से देखा सब कुछ,
ख़ुद को हमने क़सम दिलाई, नहीं टूटना ग़म साधे तक..
उर्मिला माधव

ज़िंदगी तू खेल मत कर

ज़िंदगी तू खेल मत कर अब नहीं आने के हम,
तुझको तो मालूम होगा कब नहीं आने के हम,

हैं जहां के दरम्यां ही बस मगर बिलकुल अलग,
चोट लग जाती है दिल पे तब नहीं आने के हम,
उर्मिला माधव

Friday, 16 January 2026

आँख पे परदा नहीं

आँख पे पर्दा नहीं रख्खा गया बस,
रात भर रोया किये हम सोच कर ....
उर्मिला माधव...
17.1.2014...

Wednesday, 14 January 2026

तमाम रात

बाँहों में उनकी आये तो आँखों में खो गए,
शाने पे सर को रख के..बिताई तमाम रात...

फिर होश ही किसे था,कहाँ रात कट गई,
उनकी जुदाई उनको.....सुनाई,तमाम रात,
उर्मिला माधव..

अपनी ज़ाती ज़िंदगी

अपनी ज़ाती ज़िन्दगी में,बाख़ुदा कोई नहीं,
जो भी कुछ थे आप थे बस,दूसरा कोई नहीं,

कितने लम्बे रास्ते तनहा किये तय उम्र भर,
सबका इस्तक़बाल था प नाख़ुदा कोई नहीं,

सब अकेले ही उठाते अपनी वीरानी का बार,
दह्र का ये ही चलन है,बांटता कोई नहीं,

रोज़-ए-महशर सामने है और खड़े हैं रु-ब-रु,
इसकी मंजिल इन्तेहा है इब्तेदा कोई नहीं,

आह भी याहू की जौलानी सी लगती है मुझे,
इसलिए अब उससे बढ़कर या ख़ुदा कोई नहीं,
उर्मिला माधव

Tuesday, 13 January 2026

दस्ताने

मैंने दस्ताने कभी पहने बहुत हैं,
और जो बाक़ी हैं वो गहने बहुत हैं,
मुस्कुरा कर सब उठा कर रख दिए,
जब ये समझा अब तो ग़म सहने बहुत हैं....
उर्मिला माधव...

परदा है

परदा है झीना सा लेकिन परदा है,
इसके पीछे सब कुछ है, जो गुज़रा है,

किस शिद्दत से दुनिया हमको तोड़ गई,
क्या दुनिया में ज़हन ओ दिल भी बिकता है,
उर्मिला माधव

Thursday, 1 January 2026

दुनिया देखी है

पैरों पे चल कर ही दुनियां देखी है,
इक-इक ईंट गिनी है हमने राहों की,

चलते चलते मंज़िल भी आ जाती है,
चाहत फ़िर क्यूं होगी हमें पनाहों की,
उर्मिला माधव