ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 24 April 2026
डरते हम
वो बुलाते तो रहे पर क्या तवज्जो करते हम??
इतने ज़्यादा मर चुके थे और कितना मरते हम??
अबतो ये तनहाई हमको अपने घर में ले गई??
मौत जैसी ज़िन्दगी जी किस बला से डरते हम??..
Urmila Madhav
25.4.2013
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