Monday, 30 March 2026

हर कोई कह रहा है

ख़ुशियों के रंग रचालो हर कोई कह रहा है,
अब दर्द को हटा लो सदियों से रह रहा है,
दुश्वारियों से आख़िर अब तो निजात पाओ,
दिल को सुकून देदो, ये कबसे सह रहा है..?...
Urmila Madhav.
31.3.2013

दिल दुखाने के लिए

दे दिया है दिल तुम्हें हरदम दुखाने के लिए,
पर इजाज़त दी नहीं है..लौट जाने के लिए .....
उर्मिला माधव... 
31.3.2014....

उलाहना दे रहे हो

उलाहना दे रहे हो,यार तुम तो हद करो हो,बस,
मुहब्बत हो गई तुमसे तो क्या जागीर ले ली है?
::
Ulahan'a de rah'e ho yaar tum to had karo ho bas,
Muhabbat ho gai'i tums'e to kya jaagiir le lii hai ?
Urmila Madhav....
31.3.2016

क्या हो गया

आपको क्या होगया है,मोहतरम,?
आपका मेयार क्यों कुम्हला गया,?
उर्मिला माधव,
31.3.2017

एकतरफ़ा प्यार का

एकतरफ़ा प्यार का करते भी क्या,
बे-वफ़ा के नाम पे ...मरते भी क्या?
हम ..जमा ख़ाते में रख्खे थे अबस,
मुफ़्त झूठी आह तब भरते भी क्या..
उर्मिला माधव..
31.3.2017

रौनक उड़ गई है

आपके चेहरे की रौनक उड़ गई है,
क्या किसी से फिर मुहब्बत हो गई है ?
उर्मिला माधव

हसद के बार से उठ कर

Hasad ke baar se dab kar koi shayar nahi uttha,
Ye aisi aag hai,jis-se sukhan zinda nahin rahtaa..
::
हसद के बार से दब कर कोई शायर नहीं उट्ठा,
ये ऐसी आग है जिससे,सुखन ज़िंदा नहीं रहता,.....
Urmila Madhav..

Friday, 27 March 2026

ज़ुल्म ए उल्फ़त

ज़ुल्म-ए-उल्फ़त को ज़रा एक सदा देदी है,
कितने नादान हैं रँजिश को हवा देदी है।।..
उर्मिला माधव..
28.3.2013

दिल ये कहता है

दिल ये कहता है तेरे ग़म से किनारा करलें,
ज़िन्दा रहना है तो ये ख़ुद से इज़ारा करलें,
वो जो उम्मीद तेरे दिल से हुआ करती थी,
ऐसी उम्मीद न अब कोई दोबारा करलें।।...
उर्मिला माधव..
28.3.2013

आज की रात

Aaj kii raat kitnii bhaarii hai
Sirf ye baith kar guzaari hai
Niind aatii hai par nahin aatii
Aankh bojhil bahut hamari hai
Urmila Madhav...
28.3.2014..

रोज़ लिखते हैं और मिटाते हैं

रोज़ लिखते हैं और मिटाते हैं,
क्यूँ....कलम लेके बैठ जाते हैं??
पूरी शिद्दत से....यूँ निभाते हैं,
रोटियाँ जैसे....इसकी खाते हैं....
उर्मिला माधव...
28.3.2014...

अब मोबाइल का ज़माना

अब मोबाइल का ...ज़माना है सनम,
जाने-आने का भला फिर क्या है ग़म,
पार सागर के पड़ेगी .....कॉल मंहगी
वाट्स ऐप पे ..चैट होगी कम से कम... 
उर्मिला माधव...
28.3.2016

हसद में और

हसद का और लहद का फ़र्क़ भी मालूम रखना है,
हसद में जलके रहते हैं.....लहद में दब के रहते हैं..
::
Hasad ka or lahad ka farq bhi maaloom rakhna hai,n,
Hasad men jalke rahte hain,lahad men dab ke rahte hain.
उर्मिला माधव,
28.3.2017

मुश्किलें न बढ़ा

तू मेरे दिल की मुश्किलें न बढ़ा,
मेरे घर रोज़-रोज़ चल के आ,
ख़ुद को ख़ुद ही ख़ुदा समझता है
मेरे हिस्से का काम ख़ुद न चला
उर्मिला माधव
28.3.2018

आपकी ज़रूरत थी

जब हमें आप की ज़रूरत थी,
आप दुनियाँ के ज़लज़लों में थे,
आपको हम दिखाई देते क्यों,
आप यारों के वलवलों में थे,
उर्मिला माधव

दोहा

पवन बहै विपरीत और सूरज आंख दिखात,
पीत बरन सब है गए, हरे वृक्ष के पात,
उर्मिला माधव
28.3.2019

Thursday, 26 March 2026

दुआ करते थे

तुझसे मिलने की दुआ करते थे,
हम कभी ऐसे हुआ करते थे,
किस क़दर दिल ये तड़प उठता था,
जब कभी तुझको छुआ करते थे.......
उर्मिला माधव..
27.3.2013

सबकी तक़दीर

सबकी तक़दीर सितारों से जड़ी लगती है,
अपनी सुनसान चनारों में पड़ी लगती है.......
उर्मिला माधव..
27.3.2013

ख़ास होते हैं

लोग कुछ यूँ भी ख़ास होते हैं,
वक़्त पर ग़म शनास होते हैं,
उनसे उम्मीद क्या करे कोई,
जो महज़ ख़ुद के पास होते हैं....
उर्मिला माधव...
27.3.2016

Wednesday, 25 March 2026

लफ़्ज़ों के मानी

हमने उसके वास्ते भी जाने क्या-क्या कह दिया,
जो कि लफ़्ज़ों के मआनी, तब समझता था न अब...
उर्मिला माधव

Monday, 23 March 2026

मानती हूं

वो जो कहते हैं उसे मैं मानती हूँ,
उनकी बातों के इशारे जानती हूँ,
सोचती रहती हूँ उनको रात दिन  
दायरे अपने मगर पहचानती हूँ....
उर्मिला माधव....
24.3.2014...

नुमायां वक़्त

नुमायाँ वक़्त का चेहरे पे हर इक रंग है यारब,
कभी रंगों की होली है, कभी जगमग दिवाली की..
उर्मिला माधव

ज़िंदगी सिर्फ़ चार पल की है

ज़िन्दगी सिर्फ़ चार पल की है,
आप सदियां शुमार करते हैं
उर्मिला माधव

अजनबी हो तुम

कैसे शिनाख़्त हो के वही आदमी हो तुम,
मैं जानती कहाँ हूँ तुम्हें,अजनबी हो तुम,
उर्मिला माधव

Saturday, 21 March 2026

ईद मुबारक

आजा कि मेरी जान तुझे ईद मुबारक,
नासाज़ मैं बेजान, मुझे दीद मुबारक,
अब क्या कहूँ कि मुश्किलें हैं और बेबसी 
तेरी वफ़ा की ले तुझे ताईद मुबारक..
उर्मिला माधव

ग़ैर का भी मान हो

आप अपनी ख़ाहिशों पर किस क़दर क़ुर्बान हो?
क्यों न हम ऐसा करें कुछ ग़ैर का भी मान हो,
उम्र भर खुशियां हमें देते रहे जो वालिदैन,
सिर्फ़ उनके वास्ते पथ्थर बने, अनजान हो...
उर्मिला माधव

सामना करते रहो

तुम मुसलसल ज़िंदगी का सामना करते रहो,
बिल वजह ही ख़ुद को ग़म का जाम ना करते रहो
दिल ही दिल में ख्वाहिशों की कामना करते रहो
दिल को अपनी जिंदगी से आशना करते रहो,
जो मुक़द्दर में लिखा है ख़ुद ब ख़ुद मिल जाएगा,
अपनी जाती उलझनों को आम ना करते रहो

Friday, 20 March 2026

ज़माने में बहुत

maine aahon se guzar kii hai zamaane men bahut,
phir bhi uljhan hai mujhe ghum bataane men bahut,

maine har chand hatheli se dhaka palkon ko,
dil bhi halkaan hua,ashq chhupaane men bahut,
उर्मिला माधव 

बाध्य ही तो है

बाध्य ही तो है हरेक प्राणी समर्पण के लिए,
फूल रख्खे जायेंगे हाथों में अर्पण के लिए,
बस यही अंतिम क्रिया होती है गंगा घाट पर,
बन्धु,बांधव सब जमा होते हैं तर्पण के लिए.
उर्मिला माधव....
21.3.2013...

रंगों के मौसम में रहूंगी

आज मैं रंगों के मौसम में रहूंगी,
आप की दुनियां में बाहम, मैं रहूंगी,
क्या गुज़िश्ता रंजिशों को याद रखना,
फिर कभी जंगों के आलम में रहूंगी..
उर्मिला माधव

नाचने में काट दी

हमने अपनी ज़िंदगानी नाचने में काट दी,
जो मुक़द्दर ने लिखा वो बांचने में काट दी,
थाम कर अपना कलेजा, उम्र भर देखा किये,
क्या सही और क्या ग़लत ये जांचने में काट दी,
उर्मिला माधव

Thursday, 19 March 2026

हम तुम्हें मिलें न मिलें

हम तुम,मिलें,मिलें न मिलें,कोई गम नहीं,
बस दुश्मनों से तुमको...खबरदार कर दिया...
उर्मिला माधव...
20.3.2014..

ये किसने कह दिया

ये किसने कह दिया तुमसे ?तुम्हारे दर पै आये हैं,
ये दुनियां रहग़ुज़र है और यहाँ सब राह चलते हैं...
उर्मिला माधव...
20.1.2015...

मुश्किल हो रही थी

सांस तक लेने में मुश्किल हो रही थी,
और वो कहते रहे,ये किस क़दर मग़रूर है...
उर्मिला माधव,
20.3.2017

वो दिल जला के हमें

वो दिल जला के हमें आग से बचाते हैं,
ग़ुरूर जिनको रहा अपने ख़ास होने का...

Wo dil jala ke hamen aag se bachaate hain,
Ghuruur jinko raha apne khaas hone ka..
उर्मिला माधव
20.3.2018

Wednesday, 18 March 2026

ख़्वाब बुनते हैं

बेवजह कितने ख़्वाब बुनते हैं,
अपनी मर्ज़ी से अश्क़ चुनते हैं,
ख़ुद की हस्ती को भूल जाते हैं,
सिर्फ़ ग़ैरों की बात सुनते हैं।। .
उर्मिला माधव.
19.3.2013

ग़म ज़दा हूं

ग़मज़दा हूँ,... ये सच नहीं है पर,
कुछ तो है,दिल उदास लगता है....
#उर्मिलामाधव.....
 19.3.2015
अब ये बातें क्या हमें बहलाएंगी,
झूट हैं और झूट ही कहलाएंगी..

Tuesday, 17 March 2026

चली आई

मैं उन्हें छोड़ कर चली आई 
राबिता तोड़ कर चली आई 
रु ब रू थे तो ज़ब्त मुश्किल था,
पीठ बस मोड़ कर चली आई...
उर्मिला माधव

Sunday, 15 March 2026

जब रात बहुत बढ़ जाती है

जब रात बहुत बढ़ जाती है,तब दर्द खटकने लगता है,
आँखों में नींद के आने का अन्दाज़ भटकने लगता ह,
यादों के बिखरे खण्डहर में एक आह सुनाई पड़ती है,
दीवार में तेरे साये का कोई अक्स चटकने लगता ह।। 
उर्मिला माधव..
16.3.2013

हैरान ही हुए हैं

हम ज़िन्दगी पे अब तक क़ुर्बान ही हुए हैं,
बा-बस्तगी से दिल की हैरान ही हुए हैं!!
अपनी बुलन्दियों पे क़ायम है आज भी हम,
रुसवाइयों के कितने सामान भी हुए हैं.!    
उर्मिला माधव..
16.3.2013

एक शख़्स तो ऐसा लाओ

एक शख्स तो ऐसा लाओ,
जिसमें बस ख़ूबी दिखलाओ,
#उर्मिला 
16.3.2015

Saturday, 14 March 2026

रोज़गार

एक नया ....रोज़ प्यार है जिनका,
आशिक़ी .......रोज़गार है उनका,
हमने .....उनसे भी लड़ते देखा है.
जिन पे ...दार-ओ-मदार है इनका  
उर्मिला माधव...
-----------------------------------------
ek nayaa .......roz pyar hai jinka,
aashiqi ...........rozgaar hai unka,
maine unse bhi ladte dekha hai,
jin pe ...daar-o-madaar hai inka....
Urmila Madhav...
15.3.2016

दिल हमारा दुख गया

दिल हमारा दुख गया तो फिर न बोले हम कभी,
जी में ये आता था उससे पूछ लें कैसे हो अब ?
उर्मिला माधव

रंग नहीं

जिसकी आंखों में कोई रंग नहीं,
उससे .....उम्मीद क्यों करे कोई,
उर्मिला माधव

आप हमको जानते हैं

आप हमको जानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
नाम भी पहचानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
ज़िंदगी तो दर हक़ीक़त उलझनों का नाम है,
आप ये सच मानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
उर्मिला माधव

तमाशा जिंदगानी है

तमाशा,ज़िन्दगानी है, अजब दुनिया-ए-फ़ानी में,
सफ़र है काफ़िलों में और अकेले कूच करना है,
उर्मिला माधव...

Friday, 13 March 2026

जिस्म जाँ रूह

जिस्म जां रूह सब जुदा करके,
सो गए रस्म हम अदा करके,

बोझ था, दिल पे कुछ ख़यालों का,
नींद टूटी, ख़ुदा-ख़ुदा कर के,
उर्मिला माधव

कारवां

कारवां की इस क़दर रफ़्तार भारी पड़ गई,
शोर बरपा हो रहा था और कुछ गर्द ओ गुबार
उर्मिला माधव 

Thursday, 12 March 2026

हक़ बयानी

हक बयानी हमारी फितरत है,
तुमको ग़र रूठना हो,रूठ रहो... 
#उर्मिलामाधव....
13.3.2015...

अर्ज़ ए अदब

अर्ज़-ए-अदब को अपने तरीक़े से तौल कर
हर्फ़-ए-अलम को लोग समझने में थक गए;
उर्मिला माधव,
13.3.2017

हैरान कर दे

ये मर्ग-ए-बशर सा ही अहसाह क्यूं है,
कभी ज़िन्दगी तू भी हैरान कर दे ...
उर्मिला माधव
13.3.2018

Wednesday, 11 March 2026

मैंने कहा कि जानेमन

March 8 
maine kaha ki "jaaneman!"
us ne kaha ki "kya kaha?"
maine kaha ki "kuchh nahi"
us ne kaha ki "thik hai".... Sourabh Chadhar

तुम हमें अपना

तुम हमें अपना बनालो यार अब,
वरना हम हो जायेंगे बीमार अब,
क़त्ल भी कर ही चुके हो बेहिसाब,
अपनी आँखों से हटालो धार अब,
उर्मिला माधव 

जाल कहते हैं

जहाँ इंसान को मछली,ऑ घर को जाल कहते हैं,
बड़ी हैरत है अपने मुंह से अपना हाल कहते हैं,
उर्मिला माधव 

हमारी ताबानी देखो

हमारी ताबानी देखो,कभी तुम रु-ब-रु आकर,
वगरना आँख से ओझल की दूरी है पहाड़ों सी.....
उर्मिला माधव,
12.3.2016

हज़ारों मील की दूरी

हज़ारों मील की दूरी से जो उल्फ़त जताते थे 
ज़रा नज़दीक आते ही वो गाली दे गए मुंह पर ... 
उर्मिला माधव
12.3.2017

Tuesday, 10 March 2026

जब मरीज़ों से

जब मरीज़ों से उलझने लगें तीमारदार,
उसपे घबरा के जब डरने लगें बीमारदार,

याद दिलाया है अभी

तुमने एक शख्स मुझे याद दिलाया है अभी,
उसकी तर्ज़ों को यहीं गा के सुनाया है अभी,
मुझको दरक़ार है कुछ वक़्त सँभलने के लिए,
उसकी यादों ने बहुत मुझको रुलाया है अभी.....
#उर्मिलामाधव ...
11.3.2015...

जिसका हर रंग था

जिनका हर रंग था अनादारी...
वो ही बिछते हैं अब गलीचों से
––––
Jinka har rang tha anaa daari..
Wo hii bichhte hain ab galiichon se..
Urmila Madhav...
11.3.2016

उन्सियत

लो उन्सियत न हमको ज़माने से अब रही,
ग़ैरों की जुस्तजू का सबब कुछ नहीं जनाब...
उर्मिला माधव...
11.3.2017

चलता नहीं किया

जो जिस तरह से आया उसे जज़्ब कर लिया,
मैंने किसी भी ज़ख़्म को चलता नहीं किया..
उर्मिला माधव
11.3.2018

ज़ीस्त की बुनियाद

ज़ीस्त की बुनियाद ऐसी है कि मरते ही बने,
जितना ही इसको समेटो ये बिखरते ही बने,
अनगिनत रानाइयाँ हैं किसको देखेंगे भला,
सूरत-ए-हालात ये कि ...सिर्फ़ डरते ही बने..
उर्मिला माधव..

तुम दग़ा की अजीब सूरत हो

तुम दग़ा की अजीब सूरत हो,
तुमको सोचें के अपना काम करें ?
उर्मिला माधव

Monday, 9 March 2026

आ भी जाओ कि अब

आ भी जाओ कि अब क़रार नहीं,
ज़िन्दगी है तो पर ख़ुमार नहीं,
कैसी बेजान फ़िजाँ लगती है,
मेरी बगिया में अब बहार नहीं,
रात दिन इतना याद करते हैं,
मेरी आहों का कुछ शुमार नहीं...
Urmila Madhav
10.3.2013

मंदिर में हो अज़ान

मन्दिर में हो अज़ान हों मस्जिद में घन्टियाँ,
सजदे करेगी राह में हर सम्त कहकशाँ,
नारे हों बोल बम के हर मस्जिद के सहन में,
बस धुन हो या अली की हर इक जिस्मो ज़हन में,
बस एक वतन हो दह्र में इन्सान का वतन,
मरने के बाद ओढ़ते हैं सब एकसा क़फ़न।। ......... उर्मिला माधव.
10.3.2013

ग़म ए तन्हाई का आलम

ग़मे तनहाई का आलम,
हमें जब याद आता है,
तड़प कर आँख रोती है,
कलेजा मुँह को आता है,...
Urmila Madhav..
10.3.2013

बाम तक पहुंचते

"दिलदार कोई मिलता तो बाम तक पहुँचते,
आग़ाज़ ही नहीं क्या अन्जाम तक पहुंचते,
मौसम तो बहुत देखे ना आज सा था कोई,
थी सुबहा बहुत काली क्या शाम तक पहुँचते ?....उर्मिला माधव... ♥""
31.1.2012

हम तुम्हारे प्यार में

=D 

हम तुम्हारे प्यार में.....मरने चले थे,
कैसे बुड़बक थे कि क्या करने चले थे ... :( 
उर्मिला माधव...
10.3.2014..

अपने लफ़्ज़ों से

अपने लफ़्ज़ों से न जाने क्या कहा करते हो तुम,
तिफ़्ल हो जल्दी बड़ा....ये बद्दुआ करते हो तुम.....
उर्मिला माधव....
10.3.2013...

दरिया में हम खड़े थे

दरिया में हम खड़े थे,....जज़ीरों की शक्ल में,
और ख़ुद से हम लड़े थे फ़क़ीरों की शक्ल में...
उर्मिला माधव...
10.3.2015

निवृतियों की इच्छा लेकर

निवृतियों की इच्छा रखकर जीवन भर संघर्ष किया,
इसका कुछ अनुमान नहीं है,कितना-कितने वर्ष किया,
उर्मिलामाधव...

मुझको दुनिया सराब लगती हैं

मुझको दुनिया सराब लगती है,
बे-सबब आफ़ताब लगती है,
जब भी इससे गुज़र के देखा है,
ज़िंदगी आब आब लगती है..
उर्मिला माधव

Sunday, 8 March 2026

देर करता है यूँ तो आने में

देर करता है यूँ तो आने में,
कोई तुझसा नहीं ज़माने में..
एक दिन हम रहें रहें न रहें,
उम्र भर तू रहे ज़माने में....
उर्मिला माधव

देर करता है यूँ तो आने में

देर करता है यूँ तो आने में,
कोई तुझसा नहीं ज़माने में..
एक दिन हम रहें रहें न रहें,
उम्र भर तू रहेगा ख़ाने में....
उर्मिला माधव 

ज़िंदगी ने तोड़ा है

हमें इस ज़िंदगी ने इस तरह तोड़ा मरोड़ा है,
कि जीने के लिए ख़ुद को बहुत मुश्किल से जोड़ा है,
कभी हम उठके चलते हैं कभी फिर टूट जाते हैं,
कई हालात में इसने हमें मँझधार छोड़ा है.
.।....उर्मिला माधव.
9.3.2013

जज़्बात रोते हैं

किसीकी आँख रोती है,
 मेरे जज़्बात रोते हैं,
सुबह हो शाम हो शब हो,
 क़फ़न हम रखके सोते हैं ।....
उर्मिला माधव..
9.3.2013

हर शख़्स है सोया हुआ

her shakhs hai soya hua ye zindagi ka khel hai,
jo jag gaya uska kahan iss daur main koi mail hai..??
Urmila Madhav..9.3.2013..

दर्द से भरपूर

एक शेर---- 
दर्द से भरपूर अपने लफ़्ज़ों की...तासीर से,
हर कलेजे में उतर कर पार जा सकती हूँ मैं....
उर्मिला माधव...
9.3.2014...

टंच है

🙂🙂🙂🙂

आपके हाथों में...ग़र कोई मंच है.
आपकी किस्मत समझ लो टंच है 
अच्छे अच्छे ...सामने झुक जायेंगे,
ये क़ता है और..महज़ एक पंच है....
उर्मिला माधव...
9.3.2017

उसको ये मालूम था

उसको ये मालूम था जाना नहीं है किस जगह 
अब धुएं का ज़ोर है और हर तरफ़ खामोशियां
उर्मिला माधव 
9.3.2018

Thursday, 5 March 2026

एक हुजरे में सजी

एक मतला दो शेर...
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एक हुजरे में सजी महफ़िल ग़मों की आइये,
है मयस्सर भी जगह आ जाइए जम जाइए,

लोग कहते हैं कि ये हुजरा मिरे ही नाम है,
क्या हकीक़त है इसे हज़रात सब बतलाइए,

बे-दर-ओ-दीवार का सा है तो इक हुज रा यहाँ,
इसलिए दर है खुला जब दिल करे आ जाइए,
उर्मिला माधव...
6.3.2014...

बुज़ुर्गों की मुहब्बत

बुजुर्गों की मुहब्बत के सहारे सब्ज़ होते हैं,
हमेशा मुश्किलों के वक़्त वो महसूस होते हैं,
ख़ुशी होती है,ग़र शादाब बेलें लहलहाती हैं,
शजर के साये,उनके वास्ते,मह्फूज़ होते हैं...
उर्मिला माधव...
6.3.2014...

सब्ज़---हरे 
शादाब---हरा-भरा 
शजर---पेड़ 
मखसूस--- particular ख़ास

ख़्वाब हम देखते नहीं

ख़्वाब हम देखते नहीं हैं अब,
जां कहीं और हम कहीं हैं अब,
पहले उड़ते थे आसमानों में,
ख़ास ये है के बस यहीं हैं अब,
#उर्मिलामाधव ...
6.3.2015....

हुस्न परियां हज़ार फिरती हैं

हुस्न परियां हज़ार फिरती हैं,
जाइये सबको दिल में रख लीजे,
अपनी चाहत को क्यूं दबाते हैं,
कुछ मुहब्बत का स्वाद चख लीजे..
उर्मिला माधव 

ख़ुद तो बेइमानियों से चलते हैं

ख़ुद तो बेइमानियों से चलते हैं,
उसपे बेचैन हो मचलते हैं,
एक तो सिर्फ़ मेरे हैं ही नहीं,
उसपे छुप छुप के राह चलते हैं,
उर्मिला माधव

Wednesday, 4 March 2026

छुपाते हैं

दिल के हालात हम छुपाते हैं,
इसलिए.....खूब मुस्कुराते हैं, 
दर्द-ए-गम ओढ़नी से ढकते हैं 
छुप के....कोने में बैठ जाते हैं,
उर्मिला माधव...
5.3.2014...

ख़राब लगती है

मुझको होली ख़राब लगती है,
सच तो ये है,अज़ाब लगती है,
दिल तो मिलते नहीं हैं लोगों के,
झूठ का इक नक़ाब लगती है.....  
#उर्मिलामाधव ...
5.3.2015

सच बोलने की कीमतें

हम चुकाते रह गए ...सच बोलने की कीमतें,
तोड़ कर जाते रहे सब .उम्र भर की निसबतें,
यूँ भी तबियत के हमेशा हम बहुत नादिर रहे,
रास भी आईं तो कुछ तन्हाईयाँ और ख़लवतें.
उर्मिला माधव
5.3.2016

Tuesday, 3 March 2026

तुमको देखा

तुमको देखा तो अचानक ये ख़याल आया हमें,
ज़िन्दगी की रहगुज़र में तुम भी मेरे साथ थे 
उर्मिला माधव...
4.3.2016

ये दिल भी

ये दिल भी इक अजब सा मसअला ही है
कहाँ कब टूट जाता है, ये अंदाज़ा नहीं होता..
उर्मिला माधव
4.3.2018

तुम्हें तरजीह

तुम्हें तर्ज़ीह देने के मआनी इस तरह होंगे,
इज़ाफ़ा अपनी तक़लीफ़ों में अपने हाथ से करना,
उर्मिला माधव
4.3.2018

बार ए ग़म

इस क़दर कंधों पे रख्खा बार-ए-ग़म
कुछ क़दम चल के ज़ियादः थक गए
उर्मिला माधव

Sunday, 1 March 2026

हमको भी मुश्किलों से

हमको भी मुश्किलों से मुहब्बत सी हो गई,
ये जान के ही बाद-ए-सबा थक के सो गई,
#उर्मिलामाधव ....
2.3.2015...

जुबां से रंग कह दूं तो

जुबां से रंग कह दूं तो समझ लेना के होली है, 
महज़ सादा बयानी है मुझे कहना नहीं आता,
उर्मिला माधव
2.3.2018

ये सच है

ये सच है गा तो लेती हूँ,मगर ख़ुद के लिखे मिसरे,
किन्हीं ग़ैरों के लफ़्ज़ों को, अदा से पढ़ नहीं सकती
उर्मिला माधव

असलियत किरदार की

आपने देखी कहाँ है,असलियत किरदार की,
जो दिखाया जा रहा था,.वो ही देखा आपने ..
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Aapne dekhi kahan hai,asliyat kirdaar ki,
Jo dikhaya ja raha tha,wo hi dekha aapne..
उर्मिला माधव,

दोनों बिल्कुल एक हैं

ख़ाकसारी और बिमारी, दोनों बिल्कुल एक हैं,
दोनों ही हालात में तो ख़ुश्क हो जाते हैं लब,
उर्मिला माधव,

सब्र कर लिया

मैंने तुम्हारे नाम पर अब सब्र कर लिया,
अपने दिल ओ दिमाग़ पर बस जब्र कर लिया,
पत्थर का दिल है अब ये कहीं टूटता नहीं,
इस ज़िंदगी को अपने तईं क़ब्र कर लिया,
उर्मिला माधव

अजीब शख़्स था

कैसा अजीब शख़्स था बईमान हो गया,
उसकी निगह ए नाज़ का नुक़सान हो गया..
उर्मिला माधव