Thursday, 30 April 2026

दिल्लगी की आपने

दिल्लगी की आपने था तो बुरा कुछ भी नहीं,
पर वो दिल को लग गई तो क्या करें बतलाइये....
#उर्मिलामाधव...
1.5.2015..

उन्हें मालूम है सब

किस तरह किसको बुलाना है उन्हें मालूम है सब,
कुछ नहीं जब कर सके ,तस्वीर लेकर आगये... :)
#urmilamadhav...
1।5.2015।...

तुमसे प्यार है

जिस जगहा पर तुम नहीं हो वो जगहा बेकार है,
इक यही जज़्बा तो कहता है के तुमसे प्यार है,
उर्मिला माधव,
1.5.2017

Wednesday, 29 April 2026

वास्ता

उम्र भर हमको रहा है तल्ख़ियत से वास्ता,
ढूँढते ही हम नहीं अब और कोई रास्ता ..
Urmila Madhav.
30.4.2013

तल्ख़ियत---कड़वाहट

पल हो गया

ऐसे लम्हों में लिखा बस प्यार का पल होगया,
उसकी आमद से हर इक मिसरा मुकम्मल होगया...
#उर्मिलामाधव...
30.4.2015...

दोहा

महिमा मंडन स्वयम का,करें सभी श्रीमान,
वही दम्भ वश कर रहे...औरों का अपमान
उर्मिला माधव,
29.4.2017

घर है या दैर ओ हरम

जब जहाँ तबियत हुई सजदा किया हमने वहीँ,
कौन इतना फ़र्क़ करता, घर है या दैर-ओ-हरम,
उर्मिला माधव
30.4.2018

रंगों ने ख़ुदकुशी करली

आज उस शह्र से मुख़ातिब हूँ,
जिसके रंगों ने ख़ुदकुशी कर ली,
जाने इल्ज़ाम किस पे आता है,
हमने तो आंख शबनमी कर ली,
उर्मिला माधव,

पाई–पाई ज़िंदगी

उम्र भर हमने चुकाई,पाई-पाई ज़िन्दगी,
खर्च पूरी हो गई कितनी बचाई ज़िन्दगी.....
उर्मिला माधव...
30.4.2014..

नातवानी

कुछ दोस्तों ने हमको,बख्शी है नातवानी,
दिल को हुई नसीहत,आँखें हैं,पानी-पानी....
उर्मिला माधव...
30.4.2014...

वो हक़ीक़त है

Wo haqiqat hai koii khwaab nahin,
Phir bhii tasviir ka jawaab nahin,
Yun to hain khushbuen bahut saari,
Uskii khushboo sii kaamyaab nahin....
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वो हक़ीक़त है कोई ख्वाब नहीं,
फिर भी तस्वीर का जवाब नहीं,
यूँ तो हैं .....खुशबुएँ बहुत सारी,
उसकी खुशबू सी कामयाब नहीं....
#उर्मिलामाधव...
29.4.2015...

बाक़ी हैं

पहले ही सब निशान बाक़ी हैं,
फिर नए इम्तिहान बाकी हैं....।
#उर्मिला

साख़ और ईमान

उम्र भर साख़ ओ ईमान संभाला हमने,
ख़ुद को कोने में कहीं, जान के डाला हमने,

जिसको देखो वो गुनहगार कहे जाता था,
दिल के दुखने को बड़ी देर तक टाला हमने,
उर्मिला माधव

Monday, 27 April 2026

आज़माता ही रहे

कब तलक कोई किसीको आज़माता ही रहे ?
मोल अपनी चाहतों का क्यूँ चुकाता ही रहे ??
शख़्सियत अपनी मिटाकर बेवजह सजदे करे,
क्यूँ किन्हीं क़दमों में कोई सर झुकाता ही रहे,
Urmila Madhav
28.4.2013

न छोड़ा गया

कितने रंगों से दिल को झिंझोड़ा गया,
बिखरी साँसों को रह-रहके तोडा गया,
मेरी आदत यही थी तो होता भी क्या,
मुझसे लिखना-लिखाना न छोड़ा गया....
उर्मिला माधव...
28.4.2014..

इंतहा करदे

Be-wafa ho ja magar yun, ke inteha karde,
Baad phir iske koii......tere muqabil n rahe,
::::
बे-वफ़ा हो जा मगर यूँ, के इन्तहा करदे,
बाद फिर इसके कोई तेरे मुक़ाबिल न रहे
Urmila Madhav....
28.4.2016

पानी के एक गिलास का

पानी के एक गिलास का जो कर्ज़ हो गया,
हम उम्र भर उसी की सतह पर खड़े रहे,
ग़म में शुमार होने लगा बार-ए-ज़िन्दगी,
ज़ख्मों के नक्श थे के,ज़िबह पर अड़े रहे...
उर्मिला माधव,
28.4.2017

क़र्ज़

पानी के इक गिलास का जो क़र्ज़ हो गया
हम उम्र भर ...उसी की सतह पर खड़े रहे ....
उर्मिला माधव,
28.4.2017

Sunday, 26 April 2026

हुस्न का दरिया है चार सू

संजीदगी में हुस्न का दरिया है चार सू,
इसमें मुसव्विरों की कोई खूबियां नहीं...
हम सहल दिल हैं बात को कहते हैं बरमला,
गौहर ए बज़्म हैं कि कोई सीपियां नहीं...
🧡 उर्मिला माधव 

शिव कह कर

हम शिव कह कर शव हुए, और तुम अंतर्ध्यान,
घर बाहर सब एक सा, जब दिल हुआ मसान,
उर्मिला माधव 

सोने नहीं दिया

Mujhko tere khayal ne sone nahin diya,
Zid par ana sawar thi, rone nahi diya
Urmila madhav 

कहां ले गए

हादसे ज़िन्दगी के कहाँ ले गए ?
मुद्दतों हमसे ग़म ना संभाले गए,
अपने घर के अँधेरों को दी रोशनी,
लोग मेरे ही घर की शमाँ लेगए।।.
Urmila Madhav
27.4.2013

जानम

तारों में सुगबुगाहट,होने लगी है जानम,
तू चाँद बनके आजा,खामोश मुश्किलों में...
#उर्मिलामाधव...
27.4.2015...

चलता है

एक से लड़ता है,इक को छलता है,
जाने किस किस अदा से चलता है😊 
उर्मिला माधव
27.4.2018

हैं तजरबे अब

हैं तजरिबे अब ज़ियादः ज़िन्दगी से,
किस तरह से ज़िन्दगी लंबी करें हम,
वज़्न बढ़ता जा रहा है हिज्र तेरा
क्या हटा कर ज़िन्दगी हल्की करें हम..
उर्मिला माधव
29.3.2018

Saturday, 25 April 2026

क़ातिब रहे

दिल तो ख़ुद के ही ग़म से परेशान है,
कैसे दुनियाँ के ग़म से मुख़ातिब रहे?
फ़ैसले मेरे हक़ में सुनाता ही कौन??
दुश्मन-ए- तक़दीर ही मेरे क़ातिब रहे।..
Urmila Madhav
26.4.2013

आमद से

मुझको हैरत है उनकी आमद से,
जैसे होते हों "वो ".....बरामद से...... 
#उर्मिलामाधव...
26.4.2015...

ज़माने लगे हैं

वो ग़ैरों को अपना बताने लगे हैं, 
समझने में हमको ज़माने लगे हैं,
हमारी मुहब्बत की तौहीन है ये,
हमीं अपना दामन बचाने लगे हैं,
उर्मिला माधव

Friday, 24 April 2026

जीते हैं

अहले दिल मुस्कुरा के जीते हैं,
अपने हाथों से ज़ख़्म सींते हैं।।..
Urmila Madhav
25.4.2013

डरते हम

वो बुलाते तो रहे पर क्या तवज्जो करते हम??
इतने ज़्यादा मर चुके थे और कितना मरते हम??
अबतो ये तनहाई हमको अपने घर में ले गई??
मौत जैसी ज़िन्दगी जी किस बला से डरते हम??..
Urmila Madhav
25.4.2013

बहलाने लगे

तुम जुदाई में हमें कल याद जब आने लगे,
हम तुम्हारे घर में जाके ख़ुद को बहलाने लगे,
चन्द तस्वीरें तुम्हारी दिल के अन्दर रह गईं,
कुछ बला-ए-ख़ाक़ थीं बस देख घबराने लगे।।..
Urmila Madhav
25.4.2013

ये मुहब्बत है

ये मुहब्बत है,इबादत की तरह होती है 
लोग बस खेल समझ करके इसे लेते हैं...
#उर्मिलामाधव ...
25.4.2015

बाज़ आ जाओ

अपनी आदत से बाज़ आ जाओ,
होश में अहल-ए-राज़ आ जाओ,
पहले जो महव-ए- ख़्वाब होते थे,
बंद कर दो बयाज़ ......आ जाओ..
उर्मिला माधव,
25.4.2017

अब देदे

जो भी देना है मुझको अब देदे
सिर्फ़ इनसान का लक़ब देदे,

मेरे दामन में वक़्त थोड़ा है,
ज़िन्दगी भी रिहाई कब देदे,
उर्मिला माधव,
25.4.2018

फूहड़ सा

अपनी तस्वीर क्या दिखाते हो,
हमने देखा है तुमको फूहड़ सा..
उर्मिला माधव

क़ब्र लगता है

सब ज़माना ये क़ब्र लगता है,
चूँकि जीना ही जब्र लगता है,
ख़ुद को इंसान भी जताने में,
उम्र लगती है...सब्र लगता है,
उर्मिला माधव...

Thursday, 23 April 2026

Lodi gardens

Lodi gardens..
Madhuvan Rishiraj with sweet dogs
❤️❤️
हक़दार प्यार के हैं यही बेज़ुबान दोस्त
दुनिया में इनसे बढ़के कोई मोतबर नहीं...
Urmila Madhav @KajalAhuja

क्या कहूं

तुमने वो प्यार दिया है कि क्या कहूँ!!
मैने जो ऐतबार किया है कि क्या कहूँ!!
ख़ामोश हूँ ज़रूर मग़र कशमकश भी है!!
दर्द-ए- ख़ुमार ऐसा दिया है क्या कहूँ!!.
.Urmila Madhav
24.4.2013

बात रात की

दिन काट ले चले हैं,मगर बात रात की,
ज़्यादा सी क्यूँ लगे है, औक़ात रात की??
जगते रहें या सो रहें,हैं हम ही हम यहाँ,
क्यूँ फ़िक्र उनकी बेवजह,किस-किससे बात की??..
Urmila Madhav
24.4.2013

बानगी तो दिखा

आ मुझे इश्क़ की......बानगी तो दिखा,
जो भी सीखा अभी तक मुझे भी सिखा...
उर्मिला माधव...
24.4.2014...

याद रखे

Meri muskan chhin ne waale,
Tu mujhe mushkilon me yaad rakhe,
Urmila Madhav

Wednesday, 22 April 2026

पसीना है

आँसू से भरी हैं ये आँखें,ज़ख़्मों से भरा ये सीना है,
बरपा है क़हर तक़लीफों का,आया होठों पै पसीनाहै,
हर ज़ख़्म लहू जब देता है,मजबूर नज़र चकराती है,
तू शान-ए-क़रीमी रखले अब तूफाँ में मेरा सफीना है।। उर्मिला माधव........

Tuesday, 21 April 2026

चले जाते हैं


जिनकी हम क़द्र कर न पाते हैं,
वो कभी दूर बहुत दूर चले जाते हैं..
.Urmila Madhav
22.4.2013

ख़ारिशों के ग़ैर

ख़ारिशों से ग़ैर की बचके ही चलना ठीक है,
ख़्वाहिशो के दायरे ....महदूद रखने चाहिए.....
#उर्मिलामाधव...
22.4.2015

महदूद--- सीमित

सोने की कड़ियां

आपने सोने की कड़ियाँ क्यूं रखीं ज़ंजीर में,
गो कि सब इल्ज़ाम भी मेरे ही सर आते गए...
उर्मिला माधव,
22.4.2018

जानता है

पेचो ख़म गिनवा रहा है ज़ुल्फ़ के जो
वो हवा से काम लेना जानता है।

उसकी महफ़िल में वफ़ा कुछ भी नहीं अब,
जो वफ़ा का नाम लेना जानता है।
उर्मिला माधव

Dhiraj Kant ki गाई हुई ग़ज़ल

क्या दिल का दाम लगाओगे दिल का कोई दाम नहीं होता,
कुछ ऐसे रिश्ते होते हैं जिनका कोई नाम नहीं होता,

क्या बात बताऊं मैं कल की कल क्या होने वाला है,
आग़ाज़ है अपने हाथों में, बस में अंजाम नहीं होता,

दीवानों से ये मत पूछो, हर बात निराली होती है 
नज़रों से बातें करते हैं, लब पे पैग़ाम नहीं होता..
Anonymus 

निकाला गया

इज़्ज़तों का जनाज़ा निकाला गया,
जानके सर को ओखल में डाला गया,
घर की ख़ुशियों से बढ़के तो कुछ भी नहीं
इक ज़रा सा क़दम न संभाला गया?
उर्मिला माधव 

Monday, 20 April 2026

कमज़र्फ है

तू ख़यालों से बहुत कमज़र्फ़ है,
ये हमारी आबरू पर हर्फ़ है।...
Urmila Madhav
21.4.2013

जोड़ने जाते रहे

टूटते रिश्तों को फिर-फिर जोड़ने जाते रहे,
और ख़ाली हाथ ले घर लौट कर आते रहे,
इन्तिहाई कोशिशों का सिर्फ़ ये जलवा रहा,
बेवफ़ाई उनकी ठहरी, हम सज़ा पाते रहे।..
Urmila Madhav
21.4.2013

ख़ुदा से

मीज़ान लेके बैठे.....बाज़ार में मियाँ जी,
हूँ मुल्तज़ी खुदा से,मुझको बचाए रख्खे..
उर्मिला माधव...
21.4.2014...

आचरण

आचरण बतला रहा है,आपका तिरछोल पन,
आमरण रहता नहीं,यूँ भी किसीका बांक पन,
उर्मिला माधव...
२१.4.२०१४...------------- तिरछोलपन---- मक्कारी 

ख़ुद परस्ती

ये ज़माना...और इसकी ख़ुद परस्ती,
मुख़्तसर,इनसान की औक़ात सस्ती,
उर्मिला माधव...
21.4.2014...

ज़रा ज़रा

तू जो दोस्त ही है अगर मेरा,
तो समझ तो मुझको ज़रा ज़रा,

वो जो ज़ख़्म मेरा भरा नहीं,
किया फिर से तूने हरा हरा,

मेरा ग़म से सीना फ़िग़ार है
रहे दिल भी सबसे डरा डरा,

इसे तू ही कह क्या ये ठीक है?
हुआ सौदा तुझसे खरा खरा,

लगे चश्मे ख़ुश्क तो ख़ुश्क ही,
है ये दिल तो अब भी भरा भरा.....
उर्मिला माधव 

साज़िश हो गई

उम्र भर सोने न देगी  टूटे लफ़्ज़ों की चुभन,
लग रहा है नींद और तड़पन में साजिश होगई....
#उर्मिलामाधव...
21.4.2015..

ख़ूब लिखती हो

ग़म का ख़ाका जो खींचा कागज़ पर,
लोग बोले के .........ख़ूब लिखती हो...
अश्क़ पोंछे थे बस ..........हथेली से,
लोग बोले के .........ख़ूब दिखती हो... 
#उर्मिलामाधव ...
21.4.2015....

चंद लफ़्ज़ कहने हैं

मुझको बस चंद लफ़्ज़ कहने है,मोहतरम क्या मुझे इजाज़त है ?
रौब जो ग़ालिबन दिखाते हैं,उनके अंदाज़ से बग़ावत है,

आदमी को देखो ना

हसद हटा के कभी आदमी को देखो तो,
वगरना कौन ये समझेगा आप शाइर हैं????
उर्मिला माधव..
21.4.2017..

वो एक रंग में

वो एक रंग में ...कहते नहीं हैं बातों को,
हलाक करना उन्हें,हर तरह से आता है..
उर्मिला माधव,
21.4.2017

तन्हाई यूं बोली

उन्वान--- ख़ून...

अभी कल रात ही की बात है,तन्हाई यूँ बोली,
तुम्हारे ख़ून के क़तरे,बहुत आवाज़ करते हैं....
उर्मिला माधव...
21.4.2015

हिसाब

हर एक सांस का हरदम हिसाब रखता है,
ज़माना तुझसे कहीं बढ़के चाहता है मुझे..
उर्मिला माधव 

पहले होता था ग़म

पहले होता था ग़म तग़ाफ़ुल का,
अब ..किसी बात का नहीं होता....

वो जो सूरज बहुत चमकता है,
वो कभी रात का नहीं होता,
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Pahle hota tha,gam tagaful ka,
Ab, kisii baat kaa nahin hotaa...

Wo jo suraj bahut chamakta hai,
Wo kabhi raat ka nahin hotaa..
उर्मिला माधव,
21.4.2018

चाहिए था

तुझे क़िस्मत बनाना चाहिए था
हमें नईं आज़माना चाहिए था,

यहां है क्या फ़क़त इज़्ज़त ही है,
तुझे बस ये बचाना चाहिए था..

Sunday, 19 April 2026

उतर कर आइए

अपने रुतबे से उतर कर आइये
कुछ मुलाहिज़ा हमसे भी फ़रमाइये,
ज़िन्दगी की क्या हक़ीक़त है हुज़ूर,
ख़ुद भी अपने को ज़रा समझाइये,
दोस्ती या दुश्मनी रखिए ज़रूर,
पर उसूलों के तहत ही आइए ।...
Urmila Madhav.
20.4.2013

ज़माने की नज़र

ज़माने की नज़र बेजा,
ज़माने का क़हर बेजा,
बहुत मासूम थी जिसको,
दिया कैसा ज़हर बेजा।।.
Urmila Madhav
20.4.2013

अकड़ता है बहुत

आईना मुझ पै अकड़ता है बहुत,
मेरे जज़्बों को पकड़ता है बहुत।...
Urmila Madhav.
20.4.2013

क्या करें

क्या करें तुमसे हम वफ़ा करके,
हमको जीना है ख़ुद दुआ करके...
उर्मिला माधव....
20.4.2014...

सहर और शाम

सहर और शाम आपस में,मिली जैसी दिखाई दे,
कि जैसी देखना चाहें..........नहीं वैसी दिखाई दे, 
समझना ही पड़ेगा ये...भरम है आँख का शायद,
कभी कैसी दिखाई दे........कभी कैसी दिखाई दे...
उर्मिला माधव...
20.4.2014...

टुरदे तुर्दे

टुरदे-टुरदे करीब.......आऊँदे ने,
दिल दियां बोलियाँ लगाउन्दे ने...
उर्मिला माधव...
20.4.2014...

थकता नहीं है

जाने कैसा शख्स है थकता नहीं है,
दर्द ही देता है कुछ लगता नहीं है....
Upadhyay Urmila....

सब्र कर नहीं पाते

ये कौन लोग हैं जो सब्र कर नहीं पाते,
ख़मोश होके .कहीं से गुज़र नहीं पाते,
जो अपने हाथ में मीज़ान लेके चलते हैं,
एक सुफ़ह भी शिद्दत से भर नहीं पाते,...
उर्मिला माधव,
19.4.2017

क्या हो

थकन से उठ के खड़े हो गए मगर क्या हो,
क़दम उठाएं मगर हासिले सफ़र क्या हो,

Saturday, 18 April 2026

तोड़ा न होता

वक़्त ने जो इस क़दर तोड़ा न होता,
साथ खुशियों ने कहीं छोड़ा न होता,
शौक़ हो जाता.....तिरे हाथों से पूरा,
जितना हो जाता वही थोड़ा न होता....
उर्मिला माधव...
19.4.2014...

बुतखानों के शहर

बुतख़ानों के शह्र में ज़िंदा घूम रही हूँ,
बिलकुल तनहा हूँ शर्मिंदा घूम रही हूँ,
सोच रही हूँ उंगली से सब छूकर देखूं,
हो सकता है कुछ आइन्दा घूम रही हूँ....
उर्मिला माधव...
19.4.2018...

तू मेरा लख़्ते जिगर है

तू मिरा लख़्ते जिगर है और मेरी ज़िंदगी,
तेरी आँखों से ये दुनिया देखना अच्छा लगे..
उर्मिला माधव

मुहब्बत में वफ़ा क्या है

मुहब्बत में वफ़ा क्या है, तुझे आया नहीं अब तक,
अभी पहली ही सीढ़ी है,चढ़ाई नाप आंखों से...
उर्मिला माधव

अच्छे शब्दों का संयोजन

अच्छे शब्दों का संयोजन,
परिचय देता है चरित्र का,

ओछे शब्दों के प्रयोग से,
होता है अपमान मित्र का,

वाणी है संस्कृति सभ्यता,
दर्पण देश के मान चित्र का,
उर्मिला माधव...

दिलकशी आवाज़ की

ये कहां ले आई हमको दिलकशी आवाज़ की,
हर अदा फीकी लगी जब ज़िंदगी के साज़ की,
हम भी कस्दन चुप रहे, ऐज़ाज़ था मैयार का,
सांस थमती जा रही थी आख़री परवाज़ की..
उर्मिला माधव 

ज़िंदगी इस क़दर

ज़िंदगी इस क़दर उदास हुई 
उसको सोचा तो उसके पास हुई,
जब हक़ीक़त से ख़ाब बेहतर हो,
वो घड़ी ज़िंदगी में ख़ास हुई..
उर्मिला माधव 

दर्द जब तक उभर नहीं जाता

दर्द जब तक उभर नहीं जाता,
उम्र भर भी नज़र नहीं आता,
जिसका ग़र्दिश में वक़्त होता है,
कोई भी उसके घर नहीं जाता।....
Urmila Madhav..
19.4.2013

वक़्त ने जो इस क़दर

वक़्त ने जो इस क़दर तोड़ा न होता,
साथ खुशियों ने कहीं छोड़ा न होता,
शौक़ हो जाता.....तिरे हाथों से पूरा,
जितना हो जाता वही थोड़ा न होता....
उर्मिला माधव...
19.4.2014...

तस्वीरी क़ता

तस्वीरी क़ता---
Das rahaa hai aadmi ko aadmi kya khoob hai,
Aisi fitrat kyun hamaare naam se mansoob hai,
Rah gaya hai munh khula hairat se ,sabko dekh kar,
Ham n apni zaat ko daste hain ye usloob hai..
&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&&
डस रहा है आदमी को आदमी,क्या ख़ूब है,
इनकी फितरत क्यूँ हमारे नाम से मंसूब है,
रह गया है मुंह खुला हैरत से,सबको देख कर,
हम न अपनी ज़ात को डसते हैं,ये उसलूब है...
उर्मिला माधव,
19.4.2016

मैं अबकी बार

मैं अबकी बार से आदत अलग बनाऊंगी
मैं टूट जाऊंगी तुझको नहीं बुलाऊंगी
तू मुझसे मांगता था एक दिन पहचान मेरी,
तू पूछेगा तो भी मैं नाम ना बताऊंगी..
उर्मिला माधव 

Friday, 17 April 2026

हिम्मतों के साथ

दुनिया बुला रही है तुम्हें ज़िल्लतों के बाद,
ख़ुद को संभालना है तुम्हें हिम्मतों के साथ..
उर्मिला माधव

कोशिश

ये हमारी आख़री कोशिश थी बस,
इसके आगे रास्ता अब फ़र्क़ है,
उसको कोई क्या भला समझाएगा,
जिसकी इज़्ज़त पे न अब तक हर्फ़ है..
उर्मिला माधव
तुझको ढूंढा, तुझको चाहा तेरी ही तस्वीर चुनी,
फिर तुझको ही सोच समझ के ख़ाबो की जंजीर बुनी

Thursday, 16 April 2026

मुड़के पूछेंगे

मुड़के पूछेंगे कभी हाल ज़रा बिस्मिल का,
इतना आसान नहीं तोड़के जाना दिल का।..
Urmila Madhav
17.4.2013

बरसना सीखा

जबसे चाहत सी हुई तबसे तरसना सीखा,
मेरी आँखों ने उसी वक्त बरसना सीखा।।...
Urmila Madhav
17.4.2013

आदत रही है ज़ब्त से जीने की उम्र भर

आदत रही है ...ज़ब्त से जीने की उम्र भर,
अपना ख़याल कर लिया है हमने मुख़्तसर,
वैसे भी हमको आपने अब तक दिया है क्या,
हैरत है.....बस अना ही रही सिर्फ़ आज़्मतर ....
#उर्मिलामाधव...
17.4.2015...

हम लौट भी आते

Hum laut bhii aate jo agar tut-te nahiN,
Himmat hamaari tod ke kahte ho, Maazrat..?

हम लौट भी आते जो अगर टूटते नहीं,
हिम्मत हमारी तोड़ के कहते हो माज़रत ?
उर्मिला माधव,
17.4.2018

कहां फिट हूं

तुम्हारे साथ मैं कहाँ फ़िट हूँ,
कुछ दवाओं की फ़ालतू किट हूं,

बात कहनी मुझे नहीं आती,
तुम समझते हो यार डी लिट् हूं,

उर्मिला माधव

कोई लेता है कोई देता है

कोई लेता है,कोई देता है,
कहता है विश्व विजेता है,
नायक बन...बैठा नेता है,
मानव का कौन प्रणेता है ?
उर्मिला माधव...

बुत की तरह लगता है

अपना क़िरदार यहाँ बुत की तरह लगता है,
दर-ओ-दीवार भी तुरवत की तरह लगता है,
हर कोई शख़्स यहाँ सिर्फ़ है मुफ़लिस की तरह,
साँस लेना भी तो ग़ुरबत की तरह लगता है।..
Urmila Madhav
16.4.2013

तुमसे क्या बिछड़े

तुमसे क्या बिछड़े कि दुनियाँ से हरासाँ होगए,
इस क़दर भटका किए ख़ुद से ग़रीबाँ होगए।।...
.Urmila Madhav
16.4.2013..

कह नहीं सकते थे तुमसे

कह नहीं सकते थे कुछ,मजबूर होकर रह गए,
आपकी तस्वीर से हम दूर होकर रह गए...
#उर्मिलामाधव...
16.4.2015

तरक़ीब निकाली तुमने

यूँ रुलाने की ये तरक़ीब निकाली तुमने,
जो छुपानी थी वही बात उछाली तुमने,
जिसको अबतक देख कर ज़िंदा रही हूं,
क्यूँ मेरे आगे से वो तसवीर हटाली तुमने,
उर्मिला माधव

Wednesday, 15 April 2026

उसने बिछड़ते वक़्त

Usne bichhadte waqt jigar chhak kar diyA,
Daaman jhatak ke mujhse kaha, ja raha hun meiN

उसने बिछड़ते वक़्त जिगर चाक कर दिया,
दामन झटक के मुझसे कहा जा रहा हूँ मैं..
उर्मिला माधव

कमज़ोर घबराते हैं बस

हम जहां थे, हम वहीं हैं, और रहेंगे भी वहीं,
मौसमों की मार से, कमज़ोर घबराते हैं बस,
उर्मिला माधव...

कोई आए, कोई जाए

कोई आए, कोई जाए, मुहब्बत बस तुम्हीं से है,
बुलंदी तुमको हासिल हो ये हसरत बस तुम्हीं से है,
अभी कुछ लोग ऐसे हैं, कभी बदले, न बदलेंगे,
भरोसा रब पे रखना है ये चाहत बस तुम्हीं से है..
उर्मिला माधव

Tuesday, 14 April 2026

सज़ा देते हैं

:) 

वो मुहब्बत में हमें ख़ूब सज़ा देते हैं,
उनकी तस्वीर है,लाते हैं,हटा देते हैं....
#उर्मिलामाधव...
15.4.2015..

जीत और ज़िद में

Ek sher.....

जीत और ज़िद में ही जिनकी ज़िन्दगी गुज़री जनाब 
किसलिए फिर ......आदमी को आदमी समझेंगे वो...
उर्मिला माधव...
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Jiit or zid men he jinkii zindagi guzarii janaab 
Kisliye phir..aadmii ko aadmii samjhenge wo....
Urmila Madhav..
14.4.2016

गीली है ज़मीं

पांव धंस जाते हैं मेरे.....इतनी गीली है ज़मीं,
ये मिरा कार-ए-हुनर है,आज भी चलती हूँ मैं....
उर्मिला माधव,
14.4.2017

कुंदन हुई

दर्द के शोलों पे चल के,ज़िंदगी कुंदन हुई
अब भला लू के थपेड़े,.क्या बिगाड़ेंगे मेरा..
14.4.2017

ख़्वाबों से ऊपर

हर कोई ख़्वाबों से ऊपर झांकता है,
उसपे हैरत ये के शैदाई नहीं,
ज़ुल्मतों के दम पे दुनियां नापता है,
उसपे हैरत ये के बीनाई नहीं,
उर्मिला माधव
14.4.2018
ज़ुल्मत--अंधकार

उसे हम बावफ़ा कहते

उसे हम बा-वफ़ा कहते, ठहर जाता किसी सूरत,
जिसे अफ़लाक़ की दुनियां में उड़ना भा गया है अब
परिंदा है तो उसके पंख भी थकने ही हैं इक दिन,
समझता है उसे दुनियां से लड़ना आ गया है अब..
उर्मिला माधव
14.4.2018

ज़िंदगी तार–तार देखो ना

ज़िन्दगी तार-तार देखो ना,
ज़ख्म के आर पार देखो ना,
ये भी हैरत है तुम समझ न सके
आओ तब बार-बार देखो ना
उर्मिला माधव...

Monday, 13 April 2026

ज़िंदगी तार तार देखो ना

ज़िंदगी तार-तार देखो ना,
ज़ख्म के आर पार देखो ना,
ये भी हैरत है तुम समझ न सके,
आओ तब बार-बार देखो ना....
उर्मिला माधव...
14.4.2014...

कहीं मेघ मल्हार सा राग बजे

कहीं मेघ मल्हार सा राग बजे,कहीं वायु चले हलकी-हलकी,
हिय पीर उठे,नहीं धीर धरे,कहा बात कहूँ सखि उस पल की,
मन पावन प्रेम के रंग रंगा,और तान बजे मुरली की कहीं,
हिय पीर उठे,नहीं धीर धरे,और आँख पड़े छलकी-छलकी,
#उर्मिलामाधव....
14.4.2015..

Friday, 10 April 2026

जो लोग जा चुके हैं

जो लोग जा चुके हैं वापस नहीं हैं आने,
अपने सफ़र की साथी यारब तेरी शुआएं 
कमज़ोर शख्सियत से महफूज़ रख ऐ मालिक 
इज़्ज़त से जीने वाले वापस कभी न आएं..
उर्मिला माधव

मंहगी पड़ी है

ज़िन्दगी मुझको बहुत मंहगी पड़ी है,
सब ग़मों की दास्तां पीछे रखी है।

कोई भी तन्हाई में जीने कहाँ दे,
दह्र में हर रोज़ ही रस्सा कशी है।
उर्मिला माधव

Thursday, 9 April 2026

मुखातिब है

वो जो हर रोज़ नए इश्क़ से मुख़ातिब है,
कौन है वो जो तेरा तक़दीर ए कातिब है..
उर्मिला माधव 

Tuesday, 7 April 2026

निहारा हमने

इक तस्वीर को कितनी देर निहारा हमने,
क्या बतलाएं फिर अपना दिल हारा हमने..
सोच रहे थे कभी रू ब रू जा कर देखें,
उसी वक़्त फिर अपने दिल को मारा हमने..
उर्मिला माधव

नहीं समझे

मेरी वीरानियां नहीं समझे,
हम तो ख़ुद को उठा के बैठे थे,
हमने देखा नहीं कहां था वो,
गो कि ग़म को छुपा के बैठे थे..
उर्मिला माधव

ज़ब्त करते हैं

ज़ब्त करते हैं मुसलसल,टूटते जाते हैं हम,
रास्ते रफ़्तार में हैं छूटते जाते हैं हम,
उर्मिला माधव

Monday, 6 April 2026

रौशन शमा करो

"रौशन शमा करो तो शब-ए-ग़म को देख लूँ,
ग़म से निजात पाऊँ तो मौसम को देख लूँ,
मौसम से जो मिलूँ तो मैं शबनम को देख लूँ,
नज़रें उठाऊँ भीगे हुए आलम को देख लूँ.......
उर्मिला माधव"
7.4.2013

यूं तो दुनिया है मुझसे वाबस्ता

यूँ तो दुनियाँ है मुझसे वाबस्ता,
अपने किस्से में सिर्फ़ मैं ही हूँ....
मेरा दिल जानता है..सच्चाई,
अपने हिस्से में सिर्फ़ मैं ही हूँ.......
उर्मिला माधव...
7.4.2014..

महबूब होना चाहिए

है रजामंदी....कि एक महबूब होना चाहिए,
और उसको अक्ल से भी खूब होना चाहिए,
आशिकी हर वक़्त की,अच्छी नहीं होती हुज़ूर,
मंज़र-ए- दुनिया से भी...मंसूब होना चाहिए.
उर्मिला माधव...
7.4.2014...

Sunday, 5 April 2026

जुदाई भी अदा है

जुदाई भी अदा है ज़िन्दगी की साहिबे आलम,
अगर ये जीतती है तो इसे अब जीत जाने दो 
उर्मिला माधव

ईमान कहते हैं

Hamaari ek taaqat hai, jise iimaa'n kahte hain,
Jaha'N waale is'i shai se, bahut anjaa'n rahte hain...
Urmila Upadhyay

मान लो

हमारी बादशाहत मानलो तुम भी अमां देखो,
तुम्हें तस्वीर हमने ताज की देदी मुहब्बत से,
उर्मिला माधव...

दिल का बिखराव

दिल का बिखराव बहुत दूर तलक दिखता है,

जैसे आंधी में बिना चाँद फ़लक दिखता है,
उर्मिला माधव...

Saturday, 4 April 2026

क़ातिल हो गया

हमनवा ही अपना क़ातिल हो गया,
गैर की दुनियां में शामिल हो गया,
दिल संभलना चाहता है वक़्त पर,
जाने कब ये सबसे आदिल हो गया.....
#Urmila 

Urmila madhav .......आप चाहें तो इस पेज से जुड़ सकते हैं....
5.4.2015

Friday, 3 April 2026

इल्ज़ाम दे गया

मुझको ज़ुबाँ से जो कई इल्ज़ाम दे गया,
अपने जुनून-ए-इश्क़ का पैगाम दे गया,
मेरा वज़ूद मुझमें कहीं मुसकुरा गया,
मेरी वफ़ा को धीरे से एक नाम दे गया।।
...Urmila Madhav..
4.4.2013

सब्र से लिया जाए

जब कलेजे से खूं निकलता हो,
सब्र से ....काम तब लिया जाए...
उर्मिला माधव...
4.4.2016

Thursday, 2 April 2026

ज़हन मीरा सा हो जाना

मुहब्बत ज़िंदगी से बढ़ के भी कुछ ख़ास हो जाए,
ज़हन मीरा सा हो जाना लक़ब राधा सा हो जाना 
उर्मिला माधव

बचने लगी है

अब तो ये हर बात से बचने लगी है,
चलते-चलते ज़िन्दगी थकने लगी है,
जिससे जाहिर होती हों मायूसियाँ,
ऐसे हर जज़्बात को ढकने लगी है।।....
.Urmila Madhav
3.4.2013

एक बिंदु पर

एक बिंदु पर आप सब,करें अवश्य विचार,
प्रेम तो केवल प्रेम है,....इसमें जीत न हार
#उर्मिलामाधव...
3.4.2015....

गर निशाने पर

गर निशाने पर वफ़ा के सिर्फ अपनी जान है,
बस समझना ज़िन्दगी का आखरी नुक्सान है,
#उर्मिलामाधव ....
3.4.2015

अब ये मुश्ताक नज़र

Ab ye mushtaq nazar khak huii jati hai,
Ik anaa hai jo mahaz chaak huii jaati hai..
Urmila Madhav

Wednesday, 1 April 2026

आए हैं

दिल्लगी दिल की उड़ाने आए हैं,
वो हमें जीना सिखाने आए हैं।।...
Urmila Madhav
2.4.2013

वाज़ेह होने दो

कुछ तो वाज़ेह मुझको होने दो,
अपने जज्बों को लफ्ज़ बोने दो,
उर्मिला माधव... 
2.4.2014...

वाज़ेह---- स्पष्ट ...

यूं भी होता है

साथ रहते हैं साथ ..देते नहीं,
यूँ भी होता है होके नईं होना....
#उर्मिलामाधव..
2nd April 2015...

जिसका नाम पनीर हो

ऐसी रेसीपी क्या खाना जिसका नाम पनीर हो,
अगल-बगल में नॉनवेज की गड़ी हुई शमशीर हो,
उर्मिला माधव
😢😢😢😢😢

वर्क़ों पे मिल सकते हैं हम

हमतो बस नाचीज़ हैं, किस सम्त को उड़ जाएंगे,
हां ये मुमकिन है किन्हीं वर्क़ों पे मिल सकते हैं हम 
उर्मिला माधव

साज़ है

जिस मुहब्बत पर गुरूर-ओ-नाज़ है,
टूटता है रोज़ ये वो साज़ है।।
उर्मिला माधव

हारा हमने

इक तस्वीर को कितनी देर निहारा हमने,
एक बार फिर अपने दिल को हारा हमने,
क्या बतलाएं फिर अपना दिल हारा हमने..
सोच रहे थे कभी रू ब रू जा कर देखें,
उसी वक़्त फिर अपने दिल को मारा हमने..
उर्मिला माधव

पुकारा हमने

इक तस्वीर को कितनी देर निहारा हमने,
क्या बतलाएं फिर अपना दिल हारा हमने..
सोच रहे थे कभी रू ब रू जा कर देखें,
उसी वक़्त फिर ख़ुद को ख़ूब पुकारा हमने..
उर्मिला माधव