Wednesday, 1 April 2026

वाज़ेह होने दो

कुछ तो वाज़ेह मुझको होने दो,
अपने जज्बों को लफ्ज़ बोने दो,
उर्मिला माधव... 
2.4.2014...

वाज़ेह---- स्पष्ट ...

No comments:

Post a Comment