Thursday, 16 April 2026

तुमसे क्या बिछड़े

तुमसे क्या बिछड़े कि दुनियाँ से हरासाँ होगए,
इस क़दर भटका किए ख़ुद से ग़रीबाँ होगए।।...
.Urmila Madhav
16.4.2013..

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