ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 17 April 2026
कोशिश
ये हमारी आख़री कोशिश थी बस,
इसके आगे रास्ता अब फ़र्क़ है,
उसको कोई क्या भला समझाएगा,
जिसकी इज़्ज़त पे न अब तक हर्फ़ है..
उर्मिला माधव
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