Thursday, 31 October 2019

लड़ा होगा

tumhaaraa gam mire gam se yaqiinan hii badaa hoga,
magar ye bhii to mumkin hai,koii khud se ladaa hogaa,....

तुम्हारा ग़म मिरे ग़म से यक़ीनन ही....बड़ा होगा,
मगर ये भी तो मुमकिन है कोई खुद से लड़ा होगा...!!
उर्मिला माधव...
1.11.2014...

रूठ जाने की

खबर जब नश्र करदी गई,मिरा दिल टूट जाने की,
अदा मैने भी करदी रस्म,आख़िर रूठ जाने की,
उर्मिला माधव...
1.11.2014...

बार बार

Seena hua fighar mera jism taar-taar,
Is waqt ne saza en mujhe dein hain baar-baar.

सींना हुआ फ़िगार मेरा जिस्म तार-तार,
इस वक़्त ने सज़ाएं मुझे,दीं हैं बार-बार,
उर्मिला माधव

समझना ही नहीं

हम भी समझ रहे हैं हर इक बात आपकी,
सच तो यही है हमको समझना ही बस नहीं..
उर्मिला माधव

आसतीं चढ़ाके

हम आसतीं चढ़ा के उन्हें देखते रहे,
सांपों के झुंड में जो कभी नाग नाथ थे,
उर्मिला माधव

Tuesday, 29 October 2019

कौन करे

दिल को दरकार जब दुआ भी नहीं,
फ़िक़्र फिर बद्दुआ की कौन करे...
उर्मिला माधव,

मुहाल बहुत

ज़िन्दगी तुझ में इतने ख़म निकले
तुझको जीना हुआ मुहाल बहुत
उर्मिला माधव

हयात रख लूँ

इंसाँ की ज़िन्दगी भी .......हर ग़ाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे .....आब-ए-हयात रखलूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो,.....रफ्तार हो मुक़म्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव
3.7.2013

ग़ाम---क़दम
तौफ़ीक़---शक्ति
आब-ए-हयात--ज़िन्दगी का पानी--यानी ---अमृत
रहगुज़र--रास्ता
मुक़म्मल--अटल
आलिम---विद्वान..

दुर ए दिंदान की दुनिया

तस्वीरी शेर-----
jab gulon ke paas se guzre to ye dil kah uthaa,
bas dur-e-dindaan kii duniyaa hataa lo ik taraf....
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जब गुलों के पास से गुज़रे तो ये दिल कह उठा,
अब दुर-ए-दिन्दान की दुनिया हटालो इक तरफ़....
उर्मिला माधव...
29.10 2014...

जाबिर

muhabbat kii raftaar......tham sii gaii hai,
zamaana hai jaabir kise gam bataanaa,
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मुहब्बत की रफ़्तार थम सी गई है,
ज़माना है जाबिर,किसे गम बताना...
उर्मिला माधव...
29.10 2014..
जाबिर---- अत्याचारी

नाप ले

ये शेर ख़ुद को महान समझने वालों के लिए है...

दोस्ती में क़द बराबर हो तो चल,
वरना भैये, फ़िर तू रस्ता नाप ले  
उर्मिला माधव

Monday, 28 October 2019

दीवार भी है

जहां तक ये दुनियां नज़र आ रही है,
वहां तक ये चिलमन है,दीवार भी है,

मशक़्क़त की हिम्मत दिखाऊँ भी कैसे,
अजब जी की हालत है बीमार भी है..
उर्मिला माधव

सकते हैं

लोग अच्छे हैं .........तो ख़ामोश बने रहते हैं,
वरना कुछ लोग हक़ीक़त भी उगल सकते हैं,
उर्मिला माधव

आकर देख

सब मिट्टी के सोपानों पर खड़े हुए हैं......आकर देख,
जन जीवन की रीति यही है..अंतर्दृष्टि जगा कर देख, 
जब साहस उत्तुंग हुआ तब...रीति-नीति का बिंदु कहाँ,
मार्ग सहज ही मिल जाता है,अपना पाँव बढ़ाकर देख...
उर्मिला माधव...
28.10 2014...

Friday, 25 October 2019

ये नहीं हुआ

मेरा कभी नहीं था चलो मानती हूँ मैं,
पर मेरे बिन रहा वो कभी ये नहीं हुआ...
उर्मिला माधव...
26.10.2016

क्या करेगा

जो गुलामों की तलब रखता हो, वो,
क्या करेगा ....आदमी की ज़ात का...????
उर्मिला माधव..
26.10.2016

गुलाब दे देंगे

चाँद तारों के ख़्वाब देदेंगे...........जितने चाहो गुलाब देदेंगे,
इतनी गफ़लत में बस नहीं रहना,उम्र भर का हिसाब देदेंगे
उर्मिला माधव
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लड़ गए

हर इरादे दुश्मनों के हर तरह कम पड़ गए
जो मुक़ाबिल जैसे आया,आख़िरश हम  लड़ गए,

नहीं हो

हमें है ख़बर, तुम ग़ज़लगो नहीं हो,
मगर चांद पर नाम चिपका लिया है 
उर्मिला माधव
26.10.2017

Thursday, 24 October 2019

इंतज़ार करके

तंग आ चुके हैं,हम भी अब इंतज़ार करके,
मिलने को आ गए हैं सब दरकिनार करके,

Tang aa chuke thain ham bhi ab intzaar karke,
milne ko aa gaye hain,......sab darkinaar karke,

उर्मिला माधव...
23.10.2016

आए हैं लोग

Ahle Sukhan ki nashisht in Faridabad...
:)
एक तेरी तस्वीर ने बीमार करवाए हैं लोग,
क़ब्र से बाहर तेरे दीदार को आए हैं लोग..... :)
उर्मिला माधव...

दीवान है

ज़िन्दगी अपनी बहुत वीरान है,
दर्द से लिख्खा गया दीवान है,
रोज़ लिखते और मिटाते हैं इसे,
ग़ैर को हम कब दिखाते हैं इसे,
उर्मिला माधव

Monday, 21 October 2019

क्या होगा

अभी पहली ही दुनियां में ..क़दम रखना नहीं आया
तो फिर अब दूसरी दुनियां बना कर और क्या होगा ?

Abhi pahli hii duniyan me qadam rakhna nahin aayaa,
To phir ab dusri duniyan banaa kar or kya hoga ?

Urmila Madhav

चस्पां हैं

मेरे दिल में हज़ार तूफां हैं,
कुछ तरद्दू भी इसमें चस्पां हैं 
इक मशक्क़त है,ज़ब्त रखने में 
फिर भी महफूज़ चश्मे गिरयाँ हैं,

Mere dil me hazar tufaan hain,
Kuchh taraddu bhi ismen chaspaan hain,
Ik mashaqqat hai zabt rakhne me,
Phir bhi mahfooz chashme giryaan hain

Urmila Madhav

नहीं देखी

जिसको देखे से इश्क़ हो जाए,
ऐसी सूरत कहीं नहीं देखी,
उर्मिला माधव

शनासाई न थी

एक तो गहरी .........शनासाई न थी,
जो भी थी वो हमने  दिखलाई न थी,
हमने अपने दायरे ........कायम रखे,
हां मगर .......मंशा ये बतलाई न थी...
उर्मिला माधव
21.10.2017

ढोया किये

दिल ने एक दिन बाख़ुदा ईमान तौला आपका,
उम्र भर ..अफ़सुर्दगी का बार हम ढोया किये..
उर्मिला माधव...
::::
dil ne ek din bakhudaa ....iiman taula aapka,
Umr bhar afsurdagi ka baar ham dhoya kiye,....
Urmila Madhav
21.10.2017

Saturday, 19 October 2019

लौटे हैं

ज़ेहन और दिल हमेशा होश में रहना ज़रूरी है 
कभी गुम हो गए थे हम,बड़ी मुश्किल से लौटे हैं...
उर्मिला माधव
20.10.2015

आह न की

ज़ब्त की इंतेहा कहाँ होगी ?हमने मरते हुए भी आह न की 

उर्मिला माधव

अहमद फ़राज़

मिल गए ग़ालिब हज़ारों, और कुछ अहमद फ़राज़,
इक सह्ल किरदार मिलना, ख़ास मुश्किल हो गया...
उर्मिला माधव

ज़ीना था बस

हमने तुमको दिल में रख के बेशक़ीमत कर दिया,
वरना दीवारें थीं तुम थे ...और इक ज़ीना था बस,
उर्मिला माधव
19.10.2018

Wednesday, 16 October 2019

दिल का होता है

हजारों लफ्ज़ से बढ़कर इशारा दिल का होता है,
यही वो रंग है के जो दिल-ए-बिस्मिल का होता है...
उर्मिला माधव...
17.10.2014...

दैर ओ हरम

जो जहाँ की आख़री सीढ़ी से सबको देखते हैं,
उनपे फिर दैर-ओ-हरम क़ाबिज़ कहाँ हो पायेगा???
#उर्मिलामाधव
16.10.2015

मोअतबर तक ले गई

हॉस्पिटल में डॉक्टर्स के हाथों जो बच्चा मार दिया गया,उस बच्चे को समर्पित---
:::::
इक इबादत और अक़ीदत कैसे दर तक ले गई,
पुर यकीं थे दिल की चाहत,मोतबर तक ले गई,
क़त्ल गाहों की हिफाज़त कर रहे थे चारा ग़र,
ज़िंदगी जीने की हसरत ,मौत घर तक ले गई....
उर्मिला माधव...
17.10.2016
ik ibaadat or aqiidat,kaise dar tak le gaii,
pur yakiiN the dil ki chahat,motbar tak le gaii,
qatl gaahoN ki hifazat kar rahe the chaaraaghar,
zindagII jeene ki hasrat maut ghar tak le gaii...
Urmila Madhav...

Tuesday, 15 October 2019

मुस्कुराहट

सबसे पहले तो ..लबों की मुस्कराहट छीन ली,
आँख की बीनाई से ...हर जगमगाहट छीन ली,
उनकी दुनियां के न जाने मुशतरक कितने हुए,
उसपै ये इल्ज़ाम......हमने गुनगुनाहट छीन ली....
उर्मिला माधव...
16.10.2016

लब खुले रहे

शर्म-ओ-हया के नाम पे,आंखों को ढक लिया,
बोसे की ख़्वाहिशों में मगर ......लब खुले रहे..

Sharm-o-haya ke naam pe aankhon ko dhak liya,
Bose ki khwahishon me magar lab khule rahe..
उर्मिला माधव..
16.10.2017

हिज्र

रातें बहुत शुमार हुईं, ...........हिज्र की हुज़ूर,
अब दिनकी उलझनों का भला क्या जवाब हो
उर्मिला माधव
15.10.2018

Monday, 14 October 2019

प्यार समझना

तुम जीत भी जाओ तो उसे.....हार समझना,
बे-मौक़ा वाह-वाह को.........बेकार समझना,
शेर-ओ-सुखन के हुस्न को जीता न कोई भी,
तारीफ़ की आवाज़ों को...बस प्यार समझना,
उर्मिला माधव
15.10.2014...

Sunday, 13 October 2019

महबूब है

मैंने कब तुझसे कहा के ......तू मेरा महबूब है
सिर्फ़ इतना ही कहा ........तू देखने में ख़ूब है
जिसने सारी ज़िन्दगी. ...वीरानियों में काट दी
तू नहीं समझेगा उसका दिल महज़ मज्जूब है

Maine kab tujhse kaha ke tu mira mahboob hai,
Sirf itna hi kaha, tu dekhne me khoob hai,
Jisne saari zindagi viiraniyon me kaat dii,
Tu nahin samjhega uska dil mahaz majjuub hai..
उर्मिला माधव

Saturday, 12 October 2019

जाते कहीं

जी हमारा उठ चुका है,हम नहीं जाते कहीं,
गोकि ज़िद के बादशा हैं,ग़म नहीं खाते कहीं,
भीड़ से हट के चलें ये अपने दिल की बात है,
पर क़दम रफ़्तार में हैं थम नहीं जाते कहीं,
उर्मिला माधव,
13.10.2018

Thursday, 10 October 2019

उतारी होती

चढ़ते तूफ़ाँ में कभी ......क़श्ती उतारी होती,
ख़ूब तबियत से वहीं ......शाम गुज़ारी होती,
जो कहीं हद से गुज़र जाता अगर जोशे जुनूँ,
हम फ़ना होते मगर .......बात तुम्हारी होती..

chadhte toofaan main kabhii qashtii utaarii hotii,
khoob tabiyat se wahin ......shaam guzaari hotii,
jo kahiin had se guzar jaataa agar joshe junoon,
ham fanaa hote magar .......baat tumhaarii hotii
Urmila Madhav
उर्मिला माधव....
11.10.2016

हस्सास होती है

शायराना शख़्सियत, ....हस्सास होती है बहुत,
उसकी सारी ज़िंदगी ही .....ख़ास होती है बहुत,
ये शरफ़ हासिल है उसको,ग़म कहे अल्फ़ाज़ में
जो भी है तक़लीफ़ दिल के पास होती है बहुत…

ShayranA shakhsiyat, hassas hoti hai bahut,
Uski saari zindagi hii, khaas hoti hai bahut,
Ye sharaf haasil hai usko,gham kahe alfaz me,
Jo bhi hai taqlif dil ke paas hoti hai bahut....
उर्मिला माधव
11.10.2018

Wednesday, 9 October 2019

नहीं था

mera ek bhi gam kabhi tera nahin tha,
too kisika tha magar mera nahin tha,
Urmila Madhav...
10.10.2013..

पैवन्द

ख़ुद लहू जब जम गया,पैवंद बनके ज़ख्म पै
क्यों रफ़ूगर की हमें हाज़त रहे,.....बतलाइये...
::
Khud lahoo jab jam gayaa,paivand banke zakhm pe,
Kyun rafoogar ki hamen .........haazat rahe batlaaiye
#उर्मिलामाधव
10.10.2015

ख़ुश्बू नहीं आती

एक शेर--उन्वान
ख़ुशबू..

वो जो ख़त तुमने भेजे थे कभी ख़ुश्बू से तर करके,
किसी भी ढंग से खोलूं,......मगर ख़ुश्बू नहीं आती..
::
Wo jo khat tumne bheje the kabhi khushbu se tar karke,
Kisi bhi dhang se kholun,magar khushbuu nahin aatii...
#उर्मिलामाधव
10.10.2015..

इतरा गया

सबसे पहली बात..........तूने आसमां देखा नहीं,
अपने क़द पे खुद-ब-खुद ही बे-सबब इतरा गया...
उर्मिला माधव...
10.10.2014..

सांप का घर नहीं होता

Milkiyat uskii,gair ka ghar hai
Saanp ka apna ghar nahin hota

मिल्कियत उसकी,ग़ैर का घर है,
सांप का अपना घर नहीं होता,

Urmila Madhav

नुमायां होगया

आपने अपनी हदों से गिरके जो कुछ कर दिया,
आपका ज़ह्र-ए-जेह्न खुल कर नुमायां हो गया..
उर्मिला माधव

शामिल हैं

हमारी ख़ास मुश्किल है, के हम दुश्मन नहीं बनते,
यहां पर दोस्तों की शक़्ल में दुश्मन ही शामिल हैं,
उर्मिला माधव

भागें

कुछ लोग हैं के अपना दर्ज़ा नहीं समझते,
ख़ुद ही चिपकने आएं, ख़ुद ही बिछड़ के भागें
उर्मिला माधव

उड़ते हुए देखा

ज़माने को समझने में हमें क्या देर लगनी थी,
जब हमने सादगी की ख़ाक को उड़ते हुए देखा..
उर्मिला माधव
10.10.2018

Tuesday, 8 October 2019

बोता रहा

हर कोई एक दूसरे को ..........लानतें देता रहा,
ऑ वतन की शान में ....कुछ गुरबतें बोता रहा,
उसकी बकरी मेरी घोड़ी,मेरी ज़्यादा,तेरी थोड़ी,
अपनी ग़ैरत से भी नीचे,गिर गया......रोता रहा...
उर्मिला माधव...
9.10.2015

पानी पानी होगया

आपकी पेशानी पर ये काकुलें बिखरी हुई,
माशाअल्लाह दिल बेचारा,पानी-पानी होगया,

Aapki peshani par ye kaaulej bikhri hui in,
Masha allah dil bechara pani-pani ho gaya

Urmila Madhav

टीप लेते हैं

😕😕😕😕😕😕😳

चोरों से .......दोस्ती नहीं करना,
सारे अशआर ........टीप लेते हैं,
एक भी लफ़्ज़ लिख नहीं सकते,
उस पे .महफ़िल में चीख लेते हैं
उर्मिला माधव

लत है

बस उसको याद करना,ये रोज़ की सी लत है,
बेकार कोशिशें हैं, क्या लत भी छूटती है ??
उर्मिला माधव
9.10.2018..

Sunday, 6 October 2019

आने लगी

लगता है माहौल बिगड़ा जा रहा है
क्योंकि अब कुछ नींद सी आने लगी
उर्मिला माधव,
6.10.2017

Saturday, 5 October 2019

तौफ़ीक़

ज़ीस्त को जब भी ऐसी ख़्वाहिश हो,
इतनी तौफ़ीक़ दे के मर जाएं
उर्मिला माधव

ज़माना है

ये जो गुज़रा हुआ ज़माना है,
ये ही क़ुदरत का ताना बाना है
उर्मिला माधव

Wednesday, 2 October 2019

Deewali mubarak ho

Happy deewali to all my friends 🙏🙏🥀🥀❤️❤️
Dosto, her khushi mubarak ho,
Dil nashin zindagi mubarak ho,
Ye diwalii to .........ek din kii hai,
Umr bhar..raushni mubarak ho.

Urmila Madhav

Tuesday, 1 October 2019

कौनसा है वो

न अब तक भी समझ पाए कभी हम इस हक़ीक़त को,
सियासतदां कोई अच्छा है तो फिर कौनसा है वो ?
उर्मिला माधव..
2.10.2016

आबले

Inspired...

मेरा दर्द पढ़ने वाले, इसी राह पे न चलना,
ये हक़ीक़तें समझना, मेरे आबले भी गिनना,
उर्मिला माधव
2.10.2018