ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 19 October 2019
अहमद फ़राज़
मिल गए ग़ालिब हज़ारों, और कुछ अहमद फ़राज़,
इक सह्ल किरदार मिलना, ख़ास मुश्किल हो गया...
उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment