Wednesday, 9 October 2019

उड़ते हुए देखा

ज़माने को समझने में हमें क्या देर लगनी थी,
जब हमने सादगी की ख़ाक को उड़ते हुए देखा..
उर्मिला माधव
10.10.2018

No comments:

Post a Comment