Sunday, 25 August 2024

सिलसिला चलता रहा

उसके दिल में ख़ामख़्वा ही सिलसिला,चलता रहा,
मेरी ख़ामोशी से उसको,हर सिला मिलता रहा..

दिल की ये संजीदगी, और उसका वो आवारापन
मेरा उसका राबिता इक शाम सा ढलता रहा,
उर्मिला माधव,
25.8.2017

Thursday, 22 August 2024

झुका रख्खा है

मैंने पहले ही बहुत ख़ुद को झुका रख्खा है,
अब ज़मीं मुझको मुहब्बत से सदा देती है...
#उर्मिलामाधव ...
23.8.2015...

हज़ारों रंग देखे हैं

हज़ारों रंग देखे हैं मेरी नज़रों ने घबरा कर,
मगर दिल ने मुझे जबरन बहकने से बचाया है...
#उर्मिलामाधव..
23.8.2015

Monday, 19 August 2024

कोई रहता था

ज़िंदगी मुझको ज़रा हद से गुज़र जाने दे,
कौन पूछेगा कभी कोई यहां रहता था,
उर्मिला माधव

Saturday, 17 August 2024

ख़ुदा की ज़ात

हम हैं फक़ीर दिल से हमें कुछ गिला नहीं ,
इस से भी बढ़के बात बड़ी है जगह-जगह ,

सर को झुकाया ज्यूँही इबादत की शक्ल में,
हरदम खुदा की ज़ात खड़ी है जगह-जगह ,
उर्मिला माधव....

Friday, 16 August 2024

तमाशा कर रहे हैं

प्यार में...जो तोला माशा कर रहे,
बे-सबब...समझो तमाशा कर रहे,
हक़ बयानी हमको रूसवा कर गई, 
रंज अब हम.....बे-तहाशा कर रहे....
उर्मिला माधव...
17.8.2014...

बुरा मान गए

हर नफ़स मैंने,तग़ाफ़ुल की अदा देखी है,
मैंने एक लहज़ा ज़रा की तो बुरा मान गए
उर्मिला माधव,
17.8.2016

तालिबे तक़दीर

हक़,हक़ीक़त और हुकूमत,ये कहाँ के लफ़्ज़ हैं?
हम रिआया हैं फ़क़त और तालिब-ए-तक़दीर हैं.
उर्मिला माधव.

बदहवास को

जो क़ाफ़िए और बह्र को रोते हैं रात दिन,
वो जानते कहाँ हैं, किसी बदहवास को,
जीते हैं अपने तौर पे, हम अब भी आज भी,
हम जानते कहाँ हैं, किसी ग़मशनास को...
उर्मिला माधव

Thursday, 15 August 2024

मुस्कुराते हैं

हम तो बस यूं ही मुस्कुराते हैं,
जी के रखने को आते जाते हैं,

खानुमा रख के ज़िन्दगानी को,
सब्र का हौसला बढ़ाते हैं
उर्मिला माधव

Sunday, 4 August 2024

देखा चाहिए

दूसरे क्या कर रहे हैं, देखना काफ़ी नहीं,
आपने क्या क्या किया है ये भी देखा चाहिए...
उर्मिला माधव
Mera betu🤗🤗

Saturday, 3 August 2024

कूज़ागरी देखें

कभी कूज़ागरी देखें, कभी शीशागरी देखें,
बहुत हैरतज़दा हो कर तिरी कारीगरी देखें

बज़ाहिर सामने सब कुछ नुमायां कुछ नहीं होता,
वो आंखें कौनसी हैं जो तिरी जलवागरी देखें,
उर्मिला माधव,