ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 17 August 2024
ख़ुदा की ज़ात
हम हैं फक़ीर दिल से हमें कुछ गिला नहीं ,
इस से भी बढ़के बात बड़ी है जगह-जगह ,
सर को झुकाया ज्यूँही इबादत की शक्ल में,
हरदम खुदा की ज़ात खड़ी है जगह-जगह ,
उर्मिला माधव....
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