Monday, 11 May 2026

मग़रूर कहते हो

वफादारी,हयादारी के फ़न से दूर कहते हो,
न जाने क्या समझते हो मुझे, मग़रूर कहते हो,
मगर हूँ मुत्मईन मेरी हकीक़त को समझते हो, 
ये अच्छा है मुहब्बत में मुझे माजूर कहते हो...
उर्मिला माधव...
11.5.2014..

Sunday, 10 May 2026

थक के रो जाते हैं किरदार निभाने वाले

थक के रो जाते हैं क़िरदार निभाने वाले,
इस क़दर दाग़ लगाते हैं ज़माने वाले,
करना पड़ता है कभी ज़ब्त सरे महफ़िल भी,
सारे अफ़साने नहीं होते सुनाने वाले,
जिनको आता ही नहीं चुनना गुहर अश्कों के,
प्यार झूठा ही जताते हैं जताने वाले।।..
Urmila madhav..
11.5.2013

मग़रूर कहते हो

वफादारी,हयादारी,के फन से.......दूर कहते हो,
न जाने क्या समझते हो मुझे,मगरूर कहते हो,
मगर हूँ मुत्मईन मेरी हकीक़त को समझते हो, 
ये अच्छा है मुहब्बत में मुझे...माजूर कहते हो...
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उर्मिला माधव...

मुत्मईन-----निश्चिन्त,
मगरूर------घमंडी ,
माजूर----- लाचार

रास्ता बदलूं

ज़रूरी हो गया है अब मैं अपना रास्ता बदलूं,
जुनूं में जो दिया तुमको,वफ़ा का वास्ता बदलूं....
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zaroorii hogaya hai ab main apnaa raastaa badlun,
junoon main jo diya maine wo apnaa waastaa badlun...
Urmila Madhav....
11.5.2014..

Saturday, 9 May 2026

रीलन वारे

ब्रज भाषा
रीलन वारे जानें का का कर रए हैं,
छोटे छोटे बालक जामें पर रए हैं,

छोटे म्हो पर बातें कितनी बड़ी-बड़ी,
मैया बाप न जानें कितकूँ मर रए हैं

जानें कैसी ब्याधा आय कें ठड़ी भई,
मोबाईल कूँ लैकें लोग बिखर रए हैं,

बच्चन कौ रखवारौ आखिर को होगौ?
समझदार अब सोच सोच कें डर रए हैं,
उर्मिला माधव

Friday, 8 May 2026

हमारे खयाल में

Teri umr sari guzar gayi
B-khuda hamaare khayaal main
kabhi rote-rote guzar gai
kabhi hath malte malaal main.
Urmila Madhav

बशर

जब मुक़द्दर ख़ुद बनाता और मिटाता है बशर,
किसलिये करता है चीमा गोईयां फिर ग़ैर पर..
उर्मिला माधव..
9.5.2016

दुनिया के लोग

दुनियां के लोग कितने ...ख़ुशामद पसंद हैं,
दानिशवरों की सफ़ में खड़े हो गए फ़िज़ूल....
उर्मिला माधव,
9.5.2017
दानिश्वर --- अक़्लमंद

आदत बनी रही

बेहतर रहा ...के साथ हर इक छूटता रहा,
मुझको अकेले चलने की आदत बनी रही...👍😊
9.5.2017

बोले कि साथ मैं भी नहीं दूंगा उम्र भर

बोले के साथ मैं भी नहीं दूंगा उम्र भर,
मैंने अकेले चल के उन्हें दूर कर दिया...
उर्मिला माधव..

ज़िंदगी है ये

ख़ुद को रखना होश में के ज़िन्दगी है ये,
क्यूं मिज़ाज-ए-इश्क़ रख्खें ख़ुदकुशी है ये..
उर्मिला माधव..
9.5.2017

सैलाबों के साथ

उम्र भर लड़ते रहे हम कितने सैलाबों के साथ,
बंद आख़िर हो गए अब घर की मेहराबों के साथ,

ये जुनूने शौक़ ये दीवानगी वहशत ज़दा,
तोड़ डाले सब मरासिम ज़ीस्त ऑ ख़्वाबों के साथ,.।
#उर्मिलामाधव...
9.5.2015

Thursday, 7 May 2026

कसकता है कहीं

दर्द तो दिल में कसकता है कहीं,
पर वो आँखों से बरसता है नहीं,
जिसकी चाहत में कभी बेचैन थे,
उसकी ख़ातिर दिल तरसता है नहीं...
Urmila Madhav..
8.5.2013

चाहे जिधर देखूं

इधर देखूँ, उधर देखूँ, बताओ मैं किधर देखूँ ??
दिखाई दो अगर तुम ही तो फिर चाहे जिधर देखूं ??
सहर देखूँ, महर देखूँ, या दुनियाँ का क़हर देखूँ ??
मुसलसल दर्द है तो फिर, न क्यूँ दर्दे जिगर देखूँ...?? Urmila Madhav.
8.5.2013..

मुहब्बत ज़रूरी है

मुहब्बत हो गई है गर तो होने दो ज़रूरी है,
मगर इतना समझ लेना मशक्कत इसमें पूरी है.
उर्मिला माधव 

हर गाम इम्तिहां है

इंसाँ की ज़िन्दगी भी हर गाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे आब-ए-हयात रख लूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो रफ्तार हो मुकम्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव...
8.5.2014..
insaan ki zindagi bhi hae ghaam imtihaan hai,
taufiiq mujhko dede,aab-e-hayaat rakh loon,
kaisii bhi rahghuzar ho raftaar ho muqammal,
mahfil main aalimon kii apni bisaat rakh loon ....
उर्मिला माधव
8.5.2014..

माता दिवस

आज माता दिवस है.......क्या बात है..!!
ये एक दिन ही बस है.....क्या बात है..!!
आपने जो कहा.उसमें कुछ दम नहीं...!!
यूँ ही झूठी बहस है........क्या बात है..!!
Urmila Madhav.....
8.5.2016

खुशामद पसंद

मैं खुशामद पसंद हूँ ही नहीं,
न कभी की है और न चाही है,
दिल ये शैदाई है अना का बस
जिससे हर हाल में निबाही है 
#उर्मिलामाधव...

Wednesday, 6 May 2026

ठहराएंगे

बे-वफ़ाई ख़ुद ब ख़ुद कर जायेंगे,
दूसरों को बे-वफ़ा ठहरायेंगे,
कुछ भी ना कहते बनेगा आपसे,
फ़लसफ़ा यूँ प्यार का समझायेंगे....
Urmila Madhav
7.5.2013

झूट का दावा

झूट का दावा कभी करते नहीं,
कैसे कह दें मौत से डरते नहीं ?
क्या कहा डरपोक हूँ ? इल्ज़ाम है,
जो निडर हैं क्या कभी मरते नहीं.??
उर्मिला माधव
7.5.2013

इश्क़ से कैसे भला बच पाओगे

इश्क़ से कैसे भला बच पाओगे.??
सीने में दिल है तो गच्चा खाओगे,
बिजलियाँ गिर जायेंगी,बचना हुज़ूर,
वर्ना इसकी ताब ना सह पाओगे।।..
Urmila Madhav.
7.5.2013..

निशानी है

इश्क़ एक दास्ताँ पुरानी है,
सिर्फ़ सरदर्द की निशानी है... 
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ishq ek daastaan puraani hai,
sirf sardard kii .......ishani hai...
उर्मिला माधव...
7.5.2014

प्यारे समझ ले

आदमी है आदमी,प्यारे समझ ले,
अय फ़रेब-ओ-ज़ीस्त के मारे,समझ ले,

ज़िंदग़ी है इक मुक़म्मल हादसा ही,
वक़्त के भी हैं कई धारे समझ ले,
उर्मिला माधव 

शम्मा और परवाने

ख़ून शम्मा और परवाने का संग-संग हो गया,
लोग अपनी उंगलियों पर जाने क्या गिनते रहे , 
उर्मिला माधव

एक ही है

आईना तो एक ही है फ्रेम में,
रोज़ चेहरों का बदलना,ख़ूब है...
उर्मिला माधव
7.5.2018

बातिल समझते हैं

वो बातिल समझते हैं हमको, अजब है,
मुहब्बत भला उनको किससे है, कब है?
उर्मिला माधव

Monday, 4 May 2026

चमन बेकार लगता है

फ़िज़ां बेकार लगती है चमन बेकार लगता है,
अयादत के हुजूमों से भी दिल बेज़ार लगता है,
अगर कुछ रास आता है तो इक तकिया,फ़क़त बिस्तर,
वगरना सांस लेना भी बहुत दुश्वार लगता है,
बुरे हालात कहना भी बहुत अच्छा नहीं लेकिन,
दवाएं देख कर जीना बहुत मुरदार लगता है...

अपनी भी कदरदानी

बे-इन्तेहा हुई है अपनी भी क़दरदानी,
जितनी करी है आपने काफ़ी है मेहरबानी,
कितना जियेंगे आखिर,मरना तो है हमें भी ,
शिरक़त को आइयेगा जब हो क़ुरानख़ानी...
उर्मिला माधव...
5.5.2014...

Sunday, 3 May 2026

एक मतला

हमने दुनियां छोड़ दी और वो सताते रह गए,
अपनी जब मैयत उठी वो आते-आते रह गए...
#उर्मिलामाधव...
4.5.2015...

क्या सबब

हाथ ख़ाली हों,भरे हों, क्या सबब?
जिसको जाना है .उसे जाना ही है ...

Hath khaali hon,bhare hon,kya sabab?
Jisko jaanaa hai .....use jaanaa hii hai..
उर्मिला माधव.
4.5.2017

सवाल आ ही गया

ज़िन्दगी पे जब सवाल आ ही गया,
देखिए शीशे में बाल आ ही गया,
कब तलक करते नज़र अंदाज़ भी,
हर तग़ाफ़ुल का ख़याल आ ही गया,
उर्मिला माधव 

तमाशा किए रहे

ख़ुद अपनी आबरू को तमाशा किये रहे,
इस ज़िन्दगी को खेल समझते तमाम लोग,
उर्मिला माधव
5.5.2019

इमकान है बहुत

इक हादिसे की शक़्ल से इतने डरे हुए,
हर वक़्त हादसों का ही इमकान है फ़क़त...
उर्मिला माधव

डराने लग गईं

दह्र की वीरानियाँ इतना डराने लग गईं,
ख़ाब के परदे निगाहों से हटाने लग गईं

ज़िन्दगी कुछ भी नहीं, ये साफ़ ज़ाहिर हो गया 
जब बड़ी तादाद में जानें ठिकाने लग गईं..
उर्मिला माधव

मेरे दिल का सुकूं

बस मिरा दीवार ओ दर ही मेरे दिल का है सुकूं,
मेरी जन्नत भी यही है और यही घर बार भी..
उर्मिला माधव

मेरे चेहरे की ताबानी

ना क़ायल है सितारों की मेरे चेहरे की ताबानी,
ग़म-ए-दौराँ में भी देखो तबस्सुम मेरा लासानी,
तलातुम चाहे जैसा हो, करेगा क्या उसे फानी..?
कि जिसने डूब कर देखा हो ये दरिया-ए-तूफ़ानी.....
उर्मिला माधव.
4.5.2014...

गुज़र गई है जी

चूँकि हद से गुज़र गई है जी,
आज सबको खबर गई है जी,

मैंने दिल से उतार फेंका था,
आज उसपै नज़र गई है जी,

तेरी यादों में थी खुमारी जो,
उम्र भर को उतर गई है जी,

जो अना अब भी दिल पै तारी है,
वो कभी तेरे घर गई है जी,

मैंने यूँ ही ज़रा सा छेड़ा था,
बात खुल के बिखर गई है जी....
उर्मिला माधव...

Saturday, 2 May 2026

जीने की कोशिश सी करते रहते हैं

Jeene ki koshish sii karte rahte hain,
Apne he maazi se darte rahte hain,
Kitni bhaari sansen lagti hain hamko,
Jeene ki chahat me marte rahte hain,
Urmila Madhav

छाए हुए हैं

gam ke manzar har taraf chhaye hue hain,
sab ke sab chehre to murjhaaye hue hain,
to mubarakbaad kyaa den ......Eid kii ham
sach to ye hai,ham bhii ghabraye hue hain...
:: :: :: ::
ग़म के मंज़र हर तरफ़ छाये हुए हैं.
सब के सब चेहरे तो मुरझाये हुए हैं ,
तो मुबारकबाद क्या दें ईद की हम,
सच तो ये है हम भी घबराए हुए हैं......
उर्मिला माधव...

Friday, 1 May 2026

बोल जाती है

ज़ुबाँ ख़ामोश है फिर भी ,
कहो कब तक हिफ़ाज़त हो?
बहुत ख़ामोश हस्ती भी ,
कभी कुछ बोल जाती है,
बहुत ख़ुद्दार है ये दिल,
मगर कब तक रक़ाबत हो?
बहुत ख़ुद्दार हस्ती भी,
ज़रा सा डोल जाती है....
Urmila Madhav
2.5.2013

पत्थरों के शहर में

paththaron ke shahar main kahan aagaye..?
hum fareb-e-zamaane se ghabra gaye,
baat dil se kare koi,mumkin nahin,
sab zabaani jamaa kharch samjha gaye...
Urmila Madhav
2.5.2013

अक़्ल से तुम दूर थे

अक़्ल से तुम दूर थे कुछ गम नहीं था,
ग़म ये है तुम दिल से भी तो बेवफ़ा हो....
उर्मिला माधव...
2.5.2014...

तुझसा सखी

दह्र में तुझसा सखी,तुझसा न दिलबर कोई,
हाथ उठाये हैं .......तेरी सम्त,हवाओं वाले,
ओ हर इक पल के निगहबान मिरी दुनियां के,
मेरे हक़ में भी तो कह लफ्ज़ दुआओं वाले.....
#उर्मिलामाधव...
2.5.2015

सदियों से

उनसे गुफ्तार मुसलसल है मेरी सदियों से,
पर कोई बात है कहके भी अधूरी सी लगे....
#उर्मिलामाधव ...
2.5.2015
२.5.२०१५...

क्या करेंगे गुफ़्तगू

क्या करेंगे गुफ्तगू लोगों से हम बोलो भला,
एक मुद्दत हो गई ख़ुद से भी बतियाए हुए..
उर्मिला माधव,
2.5.2017

दश्त में घूमा करो

फ़िक़्र क्या करना किसीकी,अब कोई लैला नहीं
तुम गरीबां चाक लेकर ........दश्त में घूमा करो,
उर्मिला माधव,
2.5.2017

शाम ख़ुश गवार हो गई

शाम ख़ुशगवार होगई,
ज़िन्दगी बहार होगई ,
आईने से धूल जो हटी ,
आँख बा ख़ुमार होगई ...
उर्मिला माधव ...
2.5.2014..

कौन था

आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा,
बाद में सोचा .....वो बंदा कौन था 🤔
उर्मिला माधव,
2.5.2017

हम मशक़्क़त कर रहे हैं

हम मशक़्क़त कर रहे हैं,चार लफ़्ज़ों के लिए,
लोग तो ग़ैरों के लफ़्ज़ों पर .सुख़नवर हो गए,

Ham mashaqqat kar rahe hain,char lafzon ke liye,
Log to gairon ke lafzon par sukhanvar ho gae ..
उर्मिला माधव,
2.5.2017.

आप जो भी हों

आप जो भी हों, रहें खीसे में अपने,
हम तआल्लुक़ की मशीनें देखते हैं,
उर्मिला माधव
2.5.2019

तुम्हें मगरूर रहने की ज़रूरत है

तुम्हें मगरूर रहने की ज़रूरत है,
हमें भी दूर रहने की ज़रूरत है,
मुहब्बत, दोस्ती बेकार रस्में हैं,
तुम्हें रंजूर रहने की ज़रूरत है,
उर्मिला माधव