ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 11 May 2026
मग़रूर कहते हो
वफादारी,हयादारी के फ़न से दूर कहते हो,
न जाने क्या समझते हो मुझे, मग़रूर कहते हो,
मगर हूँ मुत्मईन मेरी हकीक़त को समझते हो,
ये अच्छा है मुहब्बत में मुझे माजूर कहते हो...
उर्मिला माधव...
11.5.2014..
No comments:
Post a Comment
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment