ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 1 May 2026
अक़्ल से तुम दूर थे
अक़्ल से तुम दूर थे कुछ गम नहीं था,
ग़म ये है तुम दिल से भी तो बेवफ़ा हो....
उर्मिला माधव...
2.5.2014...
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