ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 4 May 2026
चमन बेकार लगता है
फ़िज़ां बेकार लगती है चमन बेकार लगता है,
अयादत के हुजूमों से भी दिल बेज़ार लगता है,
अगर कुछ रास आता है तो इक तकिया,फ़क़त बिस्तर,
वगरना सांस लेना भी बहुत दुश्वार लगता है,
बुरे हालात कहना भी बहुत अच्छा नहीं लेकिन,
दवाएं देख कर जीना बहुत मुरदार लगता है...
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment