ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 3 May 2026
तमाशा किए रहे
ख़ुद अपनी आबरू को तमाशा किये रहे,
इस ज़िन्दगी को खेल समझते तमाम लोग,
उर्मिला माधव
5.5.2019
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