ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 1 May 2026
बोल जाती है
ज़ुबाँ ख़ामोश है फिर भी ,
कहो कब तक हिफ़ाज़त हो?
बहुत ख़ामोश हस्ती भी ,
कभी कुछ बोल जाती है,
बहुत ख़ुद्दार है ये दिल,
मगर कब तक रक़ाबत हो?
बहुत ख़ुद्दार हस्ती भी,
ज़रा सा डोल जाती है....
Urmila Madhav
2.5.2013
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