Friday, 8 May 2026

सैलाबों के साथ

उम्र भर लड़ते रहे हम कितने सैलाबों के साथ,
बंद आख़िर हो गए अब घर की मेहराबों के साथ,

ये जुनूने शौक़ ये दीवानगी वहशत ज़दा,
तोड़ डाले सब मरासिम ज़ीस्त ऑ ख़्वाबों के साथ,.।
#उर्मिलामाधव...
9.5.2015

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