ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 7 May 2026
चाहे जिधर देखूं
इधर देखूँ, उधर देखूँ, बताओ मैं किधर देखूँ ??
दिखाई दो अगर तुम ही तो फिर चाहे जिधर देखूं ??
सहर देखूँ, महर देखूँ, या दुनियाँ का क़हर देखूँ ??
मुसलसल दर्द है तो फिर, न क्यूँ दर्दे जिगर देखूँ...?? Urmila Madhav.
8.5.2013..
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