ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 1 May 2026
तुझसा सखी
दह्र में तुझसा सखी,तुझसा न दिलबर कोई,
हाथ उठाये हैं .......तेरी सम्त,हवाओं वाले,
ओ हर इक पल के निगहबान मिरी दुनियां के,
मेरे हक़ में भी तो कह लफ्ज़ दुआओं वाले.....
#उर्मिलामाधव...
2.5.2015
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