ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 16 August 2024
तालिबे तक़दीर
हक़,हक़ीक़त और हुकूमत,ये कहाँ के लफ़्ज़ हैं?
हम रिआया हैं फ़क़त और तालिब-ए-तक़दीर हैं.
उर्मिला माधव.
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