Saturday, 3 August 2024

कूज़ागरी देखें

कभी कूज़ागरी देखें, कभी शीशागरी देखें,
बहुत हैरतज़दा हो कर तिरी कारीगरी देखें

बज़ाहिर सामने सब कुछ नुमायां कुछ नहीं होता,
वो आंखें कौनसी हैं जो तिरी जलवागरी देखें,
उर्मिला माधव,

No comments:

Post a Comment