Thursday, 15 August 2024

मुस्कुराते हैं

हम तो बस यूं ही मुस्कुराते हैं,
जी के रखने को आते जाते हैं,

खानुमा रख के ज़िन्दगानी को,
सब्र का हौसला बढ़ाते हैं
उर्मिला माधव

No comments:

Post a Comment