ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 16 August 2024
बुरा मान गए
हर नफ़स मैंने,तग़ाफ़ुल की अदा देखी है,
मैंने एक लहज़ा ज़रा की तो बुरा मान गए
उर्मिला माधव,
17.8.2016
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment