ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 19 October 2019
ज़ीना था बस
हमने तुमको दिल में रख के बेशक़ीमत कर दिया,
वरना दीवारें थीं तुम थे ...और इक ज़ीना था बस,
उर्मिला माधव
19.10.2018
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