ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 28 October 2019
आकर देख
सब मिट्टी के सोपानों पर खड़े हुए हैं......आकर देख,
जन जीवन की रीति यही है..अंतर्दृष्टि जगा कर देख,
जब साहस उत्तुंग हुआ तब...रीति-नीति का बिंदु कहाँ,
मार्ग सहज ही मिल जाता है,अपना पाँव बढ़ाकर देख...
उर्मिला माधव...
28.10 2014...
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment