ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 15 April 2026
कमज़ोर घबराते हैं बस
हम जहां थे, हम वहीं हैं, और रहेंगे भी वहीं,
मौसमों की मार से, कमज़ोर घबराते हैं बस,
उर्मिला माधव...
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment