Saturday, 18 April 2026

ज़िंदगी इस क़दर

ज़िंदगी इस क़दर उदास हुई 
उसको सोचा तो उसके पास हुई,
जब हक़ीक़त से ख़ाब बेहतर हो,
वो घड़ी ज़िंदगी में ख़ास हुई..
उर्मिला माधव 

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