ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 21 April 2026
जानता है
पेचो ख़म गिनवा रहा है ज़ुल्फ़ के जो
वो हवा से काम लेना जानता है।
उसकी महफ़िल में वफ़ा कुछ भी नहीं अब,
जो वफ़ा का नाम लेना जानता है।
उर्मिला माधव
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