ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 26 April 2026
हुस्न का दरिया है चार सू
संजीदगी में हुस्न का दरिया है चार सू,
इसमें मुसव्विरों की कोई खूबियां नहीं...
हम सहल दिल हैं बात को कहते हैं बरमला,
गौहर ए बज़्म हैं कि कोई सीपियां नहीं...
🧡 उर्मिला माधव
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