Sunday, 26 April 2026

हैं तजरबे अब

हैं तजरिबे अब ज़ियादः ज़िन्दगी से,
किस तरह से ज़िन्दगी लंबी करें हम,
वज़्न बढ़ता जा रहा है हिज्र तेरा
क्या हटा कर ज़िन्दगी हल्की करें हम..
उर्मिला माधव
29.3.2018

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