ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 24 April 2026
बाज़ आ जाओ
अपनी आदत से बाज़ आ जाओ,
होश में अहल-ए-राज़ आ जाओ,
पहले जो महव-ए- ख़्वाब होते थे,
बंद कर दो बयाज़ ......आ जाओ..
उर्मिला माधव,
25.4.2017
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