ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 8 March 2026
ज़िंदगी ने तोड़ा है
हमें इस ज़िंदगी ने इस तरह तोड़ा मरोड़ा है,
कि जीने के लिए ख़ुद को बहुत मुश्किल से जोड़ा है,
कभी हम उठके चलते हैं कभी फिर टूट जाते हैं,
कई हालात में इसने हमें मँझधार छोड़ा है.
.।....उर्मिला माधव.
9.3.2013
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