ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 5 March 2026
बुज़ुर्गों की मुहब्बत
बुजुर्गों की मुहब्बत के सहारे सब्ज़ होते हैं,
हमेशा मुश्किलों के वक़्त वो महसूस होते हैं,
ख़ुशी होती है,ग़र शादाब बेलें लहलहाती हैं,
शजर के साये,उनके वास्ते,मह्फूज़ होते हैं...
उर्मिला माधव...
6.3.2014...
सब्ज़---हरे
शादाब---हरा-भरा
शजर---पेड़
मखसूस--- particular ख़ास
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment