ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 8 March 2026
उसको ये मालूम था
उसको ये मालूम था जाना नहीं है किस जगह
अब धुएं का ज़ोर है और हर तरफ़ खामोशियां
उर्मिला माधव
9.3.2018
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