ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 1 March 2026
सब्र कर लिया
मैंने तुम्हारे नाम पर अब सब्र कर लिया,
अपने दिल ओ दिमाग़ पर बस जब्र कर लिया,
पत्थर का दिल है अब ये कहीं टूटता नहीं,
इस ज़िंदगी को अपने तईं क़ब्र कर लिया,
उर्मिला माधव
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