ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 14 March 2026
आप हमको जानते हैं
आप हमको जानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
नाम भी पहचानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
ज़िंदगी तो दर हक़ीक़त उलझनों का नाम है,
आप ये सच मानते हैं ये बहुत है शुक्रिया,
उर्मिला माधव
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