ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 16 February 2026
तू जो मेरा दोस्त है
तू जो मेरा दोस्त है तो आ इसे साबित तो कर,
वरना ये सब उम्र भर भटकन किसे मंज़ूर है,
हम चले जाएंगे इक दिन तेरी दुनिया छोड़कर
फिर न कहना ये किसी से यार दिल्ली दूर है,
उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment