Thursday, 26 February 2026

आंसू से भरी हैं ये आँखें

"आँसू से भरी हैं ये आँखें, ज़ख़्मों से भरा ये सीना है,
बरपा है क़हर तक़लीफों का, आया होठों पै पसीनाहै,
हर ज़ख़्म लहू जब देता है, मजबूर नज़र चकराती है,
तू शान-ए-क़रीमी रख भी ले तूफां में अब ये सफीना है।। 
उर्मिला माधव...

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