ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 2 February 2026
हवा में बह गए
उम्र भर वो याद मुझको रह गए,
बिन कहे जो सारी दुनियां कह गए,
रास्ते तो आज तक भी हैं वहीं,
एक वही थे जो हवा में बह गए,
उर्मिला माधव..
3.2.2018
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