ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 11 February 2026
हमको निगाहे नाज़ से
हमको निगाहे नाज़ से देखा तो क्या किया,
दिलदार वाले ढब से ज़रा हौसला करो,
तुम चाँद-चाँद कहके बहुत दूर हो गए,
अब ग़ालिबाना हक़ भी कभी तो अदा करो,.....
उर्मिला माधव.
12.2.2013
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