ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 7 February 2026
यही तो बात है सईयो
एक छोटी सी नज़्म ...
यही तो बात है सईयो, .....हमें झुकना नहीं आता,
अगर हम सर झुकाते तो हमारी जां निकल जाती,
तो फिर जीने के क्या मानी, कहानी ही बदल जाती,
हमें तसलीम करने का .......सलीक़ा ही नहीं आया,
अगर आता तो हर मुमकिन, तबीयत भी संभल जाती,
उर्मिला माधव
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