ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 11 February 2026
ख्वाहिश नहीं बची कोई
दिल में ख़ाहिश नहीं बची कोई,
हम तुझे देख कर भी क्या करते,
कोई मंज़र ही जब न जंचता हो,
तब भला फ़ैसला भी क्या करते..
उर्मिला माधव
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