ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 24 February 2026
आना था
उसने आवाज़ दी तो आना था,
हम हैं बीमार ये बताना था,
उसके कहने पे हम हैं हाज़िर भी,
वरना क्या ख़ाक ये ज़माना था..
उर्मिला माधव
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