ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 10 February 2026
भुला दिया मुझको
अपना आपा भुला दिया मुझको,
जाने क्या–क्या भुला दिया मुझको..
मैं भी ख़ुद को बुरा समझने लगी,
इतना ज़्यादा भुला दिया मुझको,
उर्मिला माधव
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