ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 8 February 2026
ख़ुमार है
तेरे इश्क़ में जो ख़ुमार है
तेरी बन्दग़ी से जो प्यार है
मुझे फ़िक्र है न गिला कोई
मेरी रूह तुझपे निसार है
मेरा दिल है तुझसे ही आशना
नहीं ग़ैर नज़रे शुमार है.......।।
उर्मिला माधव....
15.10.2013..
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