ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 19 February 2026
शहर में देखा था
हमने तुमको ग़ैर शहर में देखा था,
धक से रह गए ख़ास नज़र में देखा था
तस्वीरों का क्या है एडिट हो जाती हैं,
हैरत ये है तुमको डर में देखा था..
उर्मिला माधव
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