Sunday, 8 February 2026

गुरूर होता है

जिसको ख़ुद पर ग़ुरूर होता है,
शख़्स वो बे-शऊर होता है,

शख़्सियत उसकी कुछ नहीं होती,
फिर भी बहमों से चूर होता है,

जिसको हर जान से मुहब्बत हो,
उसके चेहरे पे नूर होता है,

ख़ुद ही ख़ुद मे जो कोई जीता है,
हर कोई उससे दूर होता है,

खुद को सबसे जुदा दिखाना ही,
बस दिमाग़ी फ़ितूर होता है,

सबके दिल में जगह बना पाना,
एक उम्दा सुरूर होता है ।।...
उर्मिला माधव...
९.२.२०१४..

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