ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 27 February 2026
इक ख़ालिश
इक ख़लिश लेके तोड़ दी हमने,
जिस को हम दोस्ती समझते थे,
उनको अपना बनाके देख लिया,
जो फ़क़त अजनबी समझते थे
उर्मिला माधव
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